मुख्य तथ्य

  • स्कूल लेक्चरर अंग्रेज़ी का दूसरा प्रश्नपत्र वस्तुनिष्ठ है, इसलिए तैयारी में साहित्य और व्याकरण को तेज पहचान तथा विकल्प-छांटने की क्षमता में बदलना जरूर…
  • उपपद और निर्धारक संज्ञा-संदर्भ तय करते हैं; गिननीयता, सामान्य या विशेष संदर्भ तथा निश्चित प्रयोगों से बहुत-सी त्रुटियां बनती हैं।
  • काल संबंधी प्रश्नों में समय, पक्ष और प्रसंग को साथ पढ़ें; खासकर वर्तमान से जुड़े भूतकाल और दो भूतकालीन क्रियाओं के क्रम पर ध्यान दें।
  • शर्तवाचक वाक्यों में यह पहचानना पड़ता है कि शर्त और परिणाम वास्तविक संभावना, अवास्तविक वर्तमान-भविष्य, अवास्तविक भूतकाल या मिले-जुले समय से जुड़े हैं।
  • रूपांतरण प्रश्नों में मूल अर्थ बचाते हुए वाक्य-प्रकार, वाच्य, कथन-रूप, तुलना की कोटि या सरल-संयुक्त-मिश्र संरचना बदली जाती है।

मुख्य बिंदु

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    स्कूल लेक्चरर अंग्रेज़ी का दूसरा प्रश्नपत्र वस्तुनिष्ठ है, इसलिए तैयारी में साहित्य और व्याकरण को तेज पहचान तथा विकल्प-छांटने की क्षमता में बदलना जरूरी है।

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    उपपद और निर्धारक संज्ञा-संदर्भ तय करते हैं; गिननीयता, सामान्य या विशेष संदर्भ तथा निश्चित प्रयोगों से बहुत-सी त्रुटियां बनती हैं।

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    काल संबंधी प्रश्नों में समय, पक्ष और प्रसंग को साथ पढ़ें; खासकर वर्तमान से जुड़े भूतकाल और दो भूतकालीन क्रियाओं के क्रम पर ध्यान दें।

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    शर्तवाचक वाक्यों में यह पहचानना पड़ता है कि शर्त और परिणाम वास्तविक संभावना, अवास्तविक वर्तमान-भविष्य, अवास्तविक भूतकाल या मिले-जुले समय से जुड़े हैं।

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    रूपांतरण प्रश्नों में मूल अर्थ बचाते हुए वाक्य-प्रकार, वाच्य, कथन-रूप, तुलना की कोटि या सरल-संयुक्त-मिश्र संरचना बदली जाती है।

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    कर्ता-क्रिया-कर्म-पूरक-क्रियाविशेषणीय विश्लेषण वाक्य की भूमिकाएं साफ करता है, जिससे त्रुटि-संशोधन और बोध-प्रश्न अधिक स्थिर ढंग से हल होते हैं।

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    कविता का पाठ्यक्रम Shakespeare और Milton से लेकर आधुनिक, अमेरिकी तथा भारतीय अंग्रेज़ी कवियों तक फैला है।

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    निर्धारित गद्य को केवल लेखक-जीवनी से नहीं, बल्कि रचना-रूप, केंद्रीय तर्क, शैली और खास विचारों से दोहराना चाहिए।

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    David Copperfield विकास-उपन्यास है, जबकि That Long Silence भारतीय घरेलू जीवन में स्त्री की चुप्पी और आत्म-अभिव्यक्ति को केंद्र में लाता है।

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    As You Like It में वन-परिवेश, वेश-परिवर्तन और मेल-मिलाप हैं; Tughlaq इतिहास के सहारे राजनीतिक आदर्शवाद, हिंसा और मोहभंग को दिखाता है।

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    अलंकार और साहित्यिक रूपों को उनके काम से पहचानें: तुलना, ध्वनि-प्रभाव, संबोधन, शोक, कथा-गति, अकेला आत्मकथन या ऊंची शैली और छोटे विषय का हास्य-विरोध।

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    साहित्यिक काल और आंदोलनों को केवल तारीखों से नहीं, उनकी विशेषताओं, लेखकों और निर्धारित उदाहरणों से याद करें।

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    बोली, प्रसंग-भाषा, संपर्क-भाषा, समुदाय-भाषा, भाषा-बदलाव और भाषा-मिश्रण अलग-अलग समाजभाषिक शब्द हैं।

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    शिक्षणशास्त्र में संचार, शिक्षण प्रतिमान, शिक्षण-सामग्री, सहयोगी अधिगम, डिजिटल अधिगम, आभासी कक्षा और आकलन-संरेखण साथ-साथ पूछे जा सकते हैं।

स्कूल लेक्चरर अंग्रेज़ी में व्याकरण, प्रयोग और बोध कैसे पढ़ें?

स्कूल लेक्चरर अंग्रेज़ी में व्याकरण, प्रयोग और बोध को नियमों की अलग-अलग रटंत नहीं, बल्कि वस्तुनिष्ठ प्रश्न में सही विकल्प तक पहुँचने की तेज और व्यवस्थित पद्धति की तरह पढ़ना चाहिए। आरपीएससी स्कूल लेक्चरर अंग्रेज़ी पेपर-द्वितीय के आधिकारिक पाठ्यक्रम में वरिष्ठ माध्यमिक स्तर के व्याकरण और प्रयोग-बोध भाग में १६ मदें दी गई हैं। स्कूल लेक्चरर अंग्रेज़ी में वरिष्ठ माध्यमिक स्तर का व्याकरण वस्तुनिष्ठ दबाव में परखा जाता है। अभ्यर्थी को व्याकरण अलग-अलग नियमों की सूची की तरह नहीं, बल्कि सही विकल्प चुनने की व्यवस्थित पद्धति की तरह पढ़ना चाहिए। उपपद और निर्धारक पहले आते हैं, क्योंकि वे संज्ञा का संदर्भ नियंत्रित करते हैं। एक गिननीय एकवचन संज्ञा को सामान्यतः निर्धारक चाहिए, जबकि भाववाचक और बहुवचन संज्ञाओं में संदर्भ सामान्य है या विशेष, इसके अनुसार शून्य उपपद आ सकता है। परीक्षा में सामान्य फंदे ध्वनि-आधारित उपपद, पर्वत-श्रृंखला और एकल पर्वत-नाम, मात्रा-सूचक शब्दों के सूक्ष्म अंतर, वितरण-सूचक निर्धारक, तथा सर्वोत्तम कोटि, क्रम-सूचक संख्या और अद्वितीय संदर्भ से पहले निश्चित उपपद के प्रयोग से बनते हैं।

कालों को समय, पक्ष और प्रसंग के सहारे तैयार करें। वर्तमान से जुड़ा भूतकाल बीती क्रिया को वर्तमान परिणाम से जोड़ता है, जबकि साधारण भूतकाल क्रिया को बीते समय में बंद कर देता है। पूर्वभूत रूप तभी सार्थक है जब दो भूतकालीन क्रियाओं का क्रम बताना हो। भविष्य अर्थ केवल एक रूप से नहीं बनता; इच्छा, योजना, निकट व्यवस्था और समय-सारिणी अलग-अलग प्रयोगों से व्यक्त होते हैं। शर्तवाचक वाक्यों पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि प्रश्न अक्सर शर्त-खंड को संभावना, बाध्यता या असंभवता के भाव से मिला देते हैं। सामान्य सत्य, वास्तविक संभावना, अवास्तविक वर्तमान या भविष्य, अवास्तविक भूतकाल और मिले-जुले समय-संबंध को अलग-अलग पहचानना जरूरी है।

पूर्वसर्ग और सहायक क्रियाएं रटने से अधिक संगति और काम से सीखी जाती हैं। कुछ शब्द तय पूर्वसर्गों के साथ आते हैं; इन्हें मनचाहे ढंग से बदला नहीं जा सकता। सहायक क्रियाएं क्षमता, अनुमति, बाध्यता, संभावना, सलाह, आदत और विनम्र निवेदन व्यक्त करती हैं। बाध्यता और निषेध में सूक्ष्म अंतर परीक्षा का प्रिय क्षेत्र है: एक रूप जरूरी काम बताता है, दूसरा निषिद्ध काम; इसी तरह अनावश्यक काम और न किए गए जरूरी काम के लिए अलग-अलग भूतकालीन संकेत आते हैं।

समन्वय और आश्रय वाक्य-रचना की परीक्षा लेते हैं। संयुक्त वाक्य समान दर्जे के उपवाक्यों को जोड़ते हैं, जबकि मिश्र वाक्य एक उपवाक्य को दूसरे के भीतर रखता है। रूपांतरण में विधेयात्मक-निषेधात्मक, प्रश्नवाचक, आज्ञार्थक, कर्तृवाच्य-कर्मवाच्य, प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष कथन, तुलना की कोटियां, सरल-संयुक्त-मिश्र परिवर्तन और वाक्य-संश्लेषण आते हैं। सबसे सुरक्षित पद्धति है: पहले अर्थ बचाएं, फिर काल, सर्वनाम, सहायक क्रिया, शब्द-क्रम और विराम-चिह्न बदलें।

शब्दावली वाले प्रश्नों में वाक्यांश-क्रियाएं, मुहावरे, कहावतें, एक-शब्द प्रतिस्थापन, समानार्थी और विलोम शामिल हैं। वाक्यांश-क्रिया को एक इकाई की तरह पढ़ना चाहिए, क्योंकि उसका अर्थ मूल क्रिया से सीधे अनुमानित नहीं होता। मुहावरे प्रसंग मांगते हैं; केवल शब्दों का शाब्दिक अर्थ पर्याप्त नहीं होता। एक-शब्द प्रतिस्थापन में सटीकता का पुरस्कार मिलता है, जैसे मानव-प्रेमी, अल्पजन-शासन या बिना तैयारी दिया गया भाषण।

ध्वन्यात्मक लिप्यंतरण और बलाघात के लिए नियमित मौखिक अभ्यास चाहिए। व्यंजन और स्वर ध्वनियों, घोष और अघोष युग्मों, संयुक्त स्वर-ध्वनियों, मौन अक्षरों, हल्के रूपों और मुख्य बलाघात का व्यापक अंतर जानें। अंग्रेज़ी वर्तनी उच्चारण का भरोसेमंद मार्गदर्शक नहीं है; कई शब्द इसका स्पष्ट उदाहरण हैं। संबंधित शब्द-परिवारों में बलाघात बदल सकता है, इसलिए केवल लिखे हुए रूप पर निर्भर न रहें।

कर्ता-क्रिया-कर्म-पूरक-क्रियाविशेषणीय विश्लेषण वाक्य-संरचना का संक्षिप्त औज़ार है। इससे पता चलता है कि वाक्य में कौन कर्ता है, कौन क्रिया, कौन कर्म, कौन पूरक और कौन क्रियाविशेषणीय घटक। बोध-पाठ में यही कौशल साथ आता है। अनुच्छेद पढ़ते समय केंद्रीय दावा, लहजा, संदर्भ-सूचक शब्द, अनुच्छेद की भूमिका, निष्कर्ष और प्रसंगगत शब्दार्थ पहचानें, फिर विकल्प चुनें। आधिकारिक प्रश्नपत्र वस्तुनिष्ठ और समयबद्ध है, इसलिए अभ्यास में नियम-व्याख्या के साथ तेज विकल्प-छंटाई भी शामिल होनी चाहिए।