मुख्य तथ्य

  • बॉडमास गणना-क्रम को कोष्ठक, घात, भाग, गुणा, जोड़ और घटाव के क्रम में तय करता है।
  • दो संख्याओं का महत्तम समापवर्तक यूक्लिडीय कलन-विधि में लगातार शेषफल लेकर जल्दी निकाला जा सकता है।
  • लघुत्तम समापवर्त्य में दी गई संख्याओं के हर अभाज्य गुणनखंड की उच्चतम घात ली जाती है।
  • क्रमिक प्रतिशत परिवर्तन में हर चरण नए आधार पर लगता है, इसलिए प्रतिशत परिवर्तन सीधे नहीं जोड़े जाते।
  • लाभ और हानि प्रतिशत क्रय मूल्य पर निकाले जाते हैं, जबकि छूट प्रतिशत अंकित मूल्य पर निकाला जाता है।

मुख्य बिंदु

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    बॉडमास गणना-क्रम को कोष्ठक, घात, भाग, गुणा, जोड़ और घटाव के क्रम में तय करता है।

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    दो संख्याओं का महत्तम समापवर्तक यूक्लिडीय कलन-विधि में लगातार शेषफल लेकर जल्दी निकाला जा सकता है।

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    लघुत्तम समापवर्त्य में दी गई संख्याओं के हर अभाज्य गुणनखंड की उच्चतम घात ली जाती है।

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    क्रमिक प्रतिशत परिवर्तन में हर चरण नए आधार पर लगता है, इसलिए प्रतिशत परिवर्तन सीधे नहीं जोड़े जाते।

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    लाभ और हानि प्रतिशत क्रय मूल्य पर निकाले जाते हैं, जबकि छूट प्रतिशत अंकित मूल्य पर निकाला जाता है।

  6. 6

    साझेदारी प्रश्नों में लाभ का हिस्सा पूंजी और समय के गुणनफल के अनुपात में बाँटा जाता है।

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    समय-कार्य और नल-टंकी प्रश्नों में समयों का औसत नहीं, बल्कि दरों का जोड़ या घटाव किया जाता है।

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    बराबर दूरी पर दो चालों का औसत उनके दोगुने गुणनफल को उनके योग से भाग देकर मिलता है, साधारण अंकगणितीय औसत से नहीं।

संख्या-आधार, विभाज्यता नियम और बॉडमास सरलीकरण

इस भाग का आधार बॉडमास से सरलीकरण है, जिसे समय के दबाव में भी सही क्रम से लगाना ज़रूरी है। दशमलव पद्धति में हर संख्या को अंक और 10 की घात के गुणनफलों के योग के रूप में लिखा जाता है। जैसे, 543.21 = 5 × 10^2 + 4 × 10^1 + 3 × 10^0 + 2 × 10^-1 + 1 × 10^-2। इससे साफ होता है कि केवल अंक याद करने के बजाय उनका स्थान-मूल्य समझने से सवाल जल्दी हल होते हैं और शुरुआती छँटनी के लिए अनुमान अक्सर पर्याप्त होता है।

अंतरराष्ट्रीय अंक-समूह पद्धति में 10,000,000 और भारतीय अंक-समूह पद्धति में 1,00,00,000 एक ही मान दिखाते हैं। आरपीएससी उप-निरीक्षक परीक्षा में जल्दी रूपांतरण करते समय कॉमा गलत लगाने से अंक कटते हैं। राजस्थान से जुड़े संख्यात्मक सवालों में जनसंख्या और क्षेत्रफल प्रायः भारतीय अंक-समूह पद्धति में दिए जाते हैं, इसलिए पहले सही रूपांतरण करें और फिर उचित गणितीय क्रिया चुनें। राजस्थान की 2011 की जनगणना में आबादी 6,85,48,437 और सरकारी तालिकाओं में क्षेत्रफल 3,42,239 वर्ग किलोमीटर है।

विभाज्यता तेज हल की पहली सीढ़ी है। अंतिम अंक सम हो तो संख्या 2 से; अंतिम अंक 0 या 5 हो तो 5 से; और अंतिम अंक 0 हो तो 10 से विभाज्य होती है। अंतिम 2 अंक 4 से विभाज्य हों तो पूरी संख्या 4 से और अंतिम 3 अंक 8 से विभाज्य हों तो पूरी संख्या 8 से विभाज्य होती है। अंकों का योग 3 या 9 से विभाज्य होने पर संख्या क्रमशः 3 या 9 से विभाज्य होती है। 6 के लिए 2 और 3, दोनों की शर्त पूरी होनी चाहिए। 11 के लिए बारी-बारी वाले अंकों के योग का अंतर जाँचा जाता है। 91, 7 से विभाज्य है क्योंकि 91 = 7 × 13; इससे याद रहता है कि कोई भाज्य संख्या पहली नज़र में अभाज्य जैसी लग सकती है। 7 की जाँच का कोई एक छोटा नियम हर विद्यार्थी को सहज नहीं लगता, इसलिए अनुमान लगाने के बजाय क्रमबद्ध दोहराव वाली विधि अधिक सुरक्षित है।

100 तक की पहली 25 अभाज्य संख्याएँ हैं: 2, 3, 5, 7, 11, 13, 17, 19, 23, 29, 31, 37, 41, 43, 47, 53, 59, 61, 67, 71, 73, 79, 83, 89 और 97। अंकगणित का मूल प्रमेय कहता है कि 1 से बड़ी हर पूर्ण संख्या को अभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में केवल एक तरह से लिखा जा सकता है; केवल गुणनखंडों का क्रम बदल सकता है। यदि किसी संख्या के अभाज्य गुणनखंडों की घातें क्रमशः पहली घात, दूसरी घात और तीसरी घात हों, तो कुल गुणनखंड = (पहली घात + 1)(दूसरी घात + 1)(तीसरी घात + 1) होंगे। जैसे 24 = 2^3 × 3^1, इसलिए इसके (3 + 1)(1 + 1) = 8 गुणनखंड हैं: 1, 2, 3, 4, 6, 8, 12 और 24।

बॉडमास में क्रम है: कोष्ठक, घात या मूल, भाग, गुणा, जोड़ और घटाव। सबसे भीतर के कोष्ठक से बाहर की ओर चलें; फिर घात या मूल करें; उसके बाद भाग और गुणा को बाएँ से दाएँ तथा अंत में जोड़ और घटाव को बाएँ से दाएँ करें। उदाहरण है 12 + [6 × {(8 - 3) + 4}] ÷ 9 = 18। पहले 8 - 3 = 5, फिर 5 + 4 = 9, फिर 6 × 9 = 54, फिर 54 ÷ 9 = 6 और अंत में 12 + 6 = 18।

अंतिम उत्तर चुनने से पहले एक छोटी संगति-जाँच उपयोगी है। 3,000,000 को 3 × 10^6 और 30,000,000 को 3 × 10^7 लिखा जा सकता है; दोनों में केवल 10 की एक घात का अंतर है। इसी बदलाव के कारण 5 सेकंड वाले सवालों में विकल्प हटाने के लिए तेज अनुमान सुरक्षित रहता है। यदि शुरुआती 2 संभावित उत्तरों में 10 की घात का साफ अंतर हो, तो अधिक समय लगाने से पहले विभाज्यता और कोष्ठकों का क्रम दोबारा जाँचें।

भिन्न और प्रतिशत का रूपांतरण भी व्यंजक वाले सवालों में जुड़ा रहता है। जैसे 4/20 = 0.20, जिसे प्रतिशत में 20 प्रतिशत लिखेंगे, लेकिन {4/(20 + 1)} का मान अलग होगा। इसलिए दबाव में भी भिन्न वाले अंदरूनी कोष्ठक को ध्यान से पढ़ना ज़रूरी है, क्योंकि क्रियाओं का क्रम ही तय करता है कि 20 प्रतिशत का दावा सही है या नहीं।

राजस्थान से जुड़े उपयोग में यदि एक ही सवाल में 6,85,48,437 और 3,42,239 दिए हों, तो पहले यह तय करें कि आँकड़ों को किस अंक-समूह पद्धति में पढ़ना है; फिर विभाज्यता और गुणनखंडों के नियम लगाएँ। 6,85,48,437 भारतीय अंक-समूह पद्धति में लिखा है और ज़रूरत होने पर इसे केवल एक बार अंतरराष्ट्रीय अंक-समूह पद्धति में बदलें। गणना वाले सवालों की लंबाई अलग-अलग हो सकती है, इसलिए गति और शुद्धता दोनों ज़रूरी हैं। गणना शुरू करने से पहले अंक-समूह और कोष्ठकों को ध्यान से पढ़ें।

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