मुख्य तथ्य

  • 2025-26 के अग्रिम अनुमान में राजस्थान का सकल राज्य घरेलू उत्पाद चालू कीमतों पर ₹18.75 लाख करोड़ और 2011-12 की स्थिर कीमतों पर ₹9.82 लाख करोड़ है।
  • 2025-26 में चालू कीमतों पर सकल राज्य मूल्य वर्धन में कृषि का हिस्सा 25.74%, उद्योग का 26.55% और सेवाओं का 47.71% है।
  • कृषि में फसल, पशुधन, वानिकी और मत्स्य शामिल हैं; 2025-26 के अग्रिम अनुमान में कृषि मूल्य वर्धन में पशुधन का योगदान फसल से अधिक है।
  • उद्योग में खनन, विनिर्माण, बिजली व अन्य उपयोगिता सेवाएँ और निर्माण शामिल हैं;
  • राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना 2024 विनिर्माण, सेवाओं, उभरते क्षेत्रों, सूक्ष्म-लघु-मध्यम उद्यमों, नए उद्यमों और औद्योगिक ढाँचे में निवेश बढ़ाती है।

मुख्य बिंदु

  1. 1

    2025-26 के अग्रिम अनुमान में राजस्थान का सकल राज्य घरेलू उत्पाद चालू कीमतों पर ₹18.75 लाख करोड़ और 2011-12 की स्थिर कीमतों पर ₹9.82 लाख करोड़ है।

  2. 2

    2025-26 में चालू कीमतों पर सकल राज्य मूल्य वर्धन में कृषि का हिस्सा 25.74%, उद्योग का 26.55% और सेवाओं का 47.71% है।

  3. 3

    कृषि में फसल, पशुधन, वानिकी और मत्स्य शामिल हैं; 2025-26 के अग्रिम अनुमान में कृषि मूल्य वर्धन में पशुधन का योगदान फसल से अधिक है।

  4. 4

    खरीफ उत्पादन में बाजरा, मूँगफली और मूँग का प्रमुख योगदान है, जबकि रबी उत्पादन में गेहूँ, राई-सरसों और चना प्रमुख हैं।

  5. 5

    पानी की कमी के कारण नहरें, कुएँ, जलग्रहण कार्य, ड्रिप और स्प्रिंकलर राजस्थान की खेती के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।

  6. 6

    उद्योग में खनन, विनिर्माण, बिजली व अन्य उपयोगिता सेवाएँ और निर्माण शामिल हैं; 2025-26 के अग्रिम अनुमान में उद्योग के भीतर विनिर्माण का हिस्सा सबसे बड़ा है।

  7. 7

    राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना 2024 विनिर्माण, सेवाओं, उभरते क्षेत्रों, सूक्ष्म-लघु-मध्यम उद्यमों, नए उद्यमों और औद्योगिक ढाँचे में निवेश बढ़ाती है।

  8. 8

    सेवाएँ सकल राज्य मूल्य वर्धन का सबसे बड़ा क्षेत्र हैं; इनमें व्यापार, होटल, परिवहन, संचार, वित्त, अचल संपत्ति, पेशेवर सेवाएँ, लोक प्रशासन और अन्य सेवाएँ आती हैं।

  9. 9

    2025 में घरेलू पर्यटक यात्राएँ 2,525.03 लाख रहीं; इससे पर्यटन का परिवहन, आतिथ्य, हस्तशिल्प और स्थानीय रोज़गार से संबंध समझ आता है।

  10. 10

    पचपदरा रिफाइनरी-पेट्रोकेमिकल परिसर, पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना से जुड़ी संशोधित पार्बती-कालीसिंध-चंबल लिंक, इंदिरा गांधी नहर परियोजना और बड़े सौर पार्क अलग उद्देश्यों और अलग अवस्थाओं वाली प्रमुख परियोजनाएँ हैं।

  11. 11

    कल्याणकारी योजना पढ़ते समय पात्रता, लाभ, लाभ पहुँचाने का तरीका और लागू करने वाली सरकार या संस्था को अलग-अलग समझना चाहिए।

  12. 12

    अग्रिम अनुमान, बजट घोषणा, स्वीकृत परियोजना और पूरा हो चुका काम एक जैसी श्रेणियाँ नहीं हैं।

राजस्थान की अर्थव्यवस्था को समझना: अवधारणाएँ, माप और 2025-26 की बनावट

मापने का ढाँचा

राजस्थान की अर्थव्यवस्था राज्य की सीमा के भीतर होने वाले उत्पादन, आय और खर्च का संयुक्त रूप है। तीन माप अलग-अलग समझने चाहिए। सकल राज्य घरेलू उत्पाद राज्य स्तर पर सकल घरेलू उत्पाद जैसा माप है और राज्य की सीमा में बने अंतिम माल व सेवाओं का मूल्य बताता है। सकल राज्य मूल्य वर्धन उत्पादकों द्वारा जोड़े गए मूल्य को दिखाता है: कुल उत्पादन में से उत्पादन के दौरान इस्तेमाल हुए माल और सेवाओं का मूल्य घटाया जाता है। उत्पाद करों में से उत्पाद सब्सिडी घटाने पर सकल राज्य घरेलू उत्पाद और सकल राज्य मूल्य वर्धन के बीच लेखा संबंध बनता है। प्रति व्यक्ति आय राज्य की आय को जनसंख्या से भाग देकर निकाली जाती है; यह औसत है, हर व्यक्ति को मिलने वाली वास्तविक आय नहीं।

चालू और स्थिर कीमतें अलग सवालों का जवाब देती हैं। चालू कीमतों के आँकड़ों में उत्पादन के साथ कीमतों का बदलाव भी शामिल होता है। स्थिर कीमतों में किसी तय आधार वर्ष की कीमतें ली जाती हैं; यहाँ सरकारी शृंखला का आधार वर्ष 2011-12 है। इसलिए स्थिर कीमतों की बढ़त वास्तविक उत्पादन की दिशा बेहतर बताती है। महँगाई बढ़ने पर चालू कीमतों वाला उत्पादन तेज़ बढ़ सकता है, जबकि वास्तविक बढ़त कम हो सकती है। इसी तरह किसी क्षेत्र का हिस्सा कीमतों के कारण भी बदल सकता है।

2025-26 के अग्रिम अनुमान में सकल राज्य घरेलू उत्पाद चालू कीमतों पर ₹18.75 लाख करोड़ है, जो 2024-25 से 10.24% अधिक है। स्थिर कीमतों पर यह ₹9.82 लाख करोड़ है और वास्तविक बढ़त 8.66% आँकी गई है। चालू कीमतों पर प्रति व्यक्ति आय ₹2,02,349 आँकी गई है। ये अग्रिम अनुमान हैं, अंतिम खाते नहीं। चालू कीमतों पर सकल राज्य मूल्य वर्धन में कृषि का हिस्सा 25.74%, उद्योग का 26.55% और सेवाओं का 47.71% है। सेवाएँ सबसे बड़ा क्षेत्र हैं, लेकिन कई अधिक शहरी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में राजस्थान में कृषि की हिस्सेदारी अब भी काफी बड़ी है।

वर्गीकरण

व्यापक क्षेत्रशामिल गतिविधियाँराजस्थान से संबंध
कृषिफसल, पशुधन, वानिकी, मत्स्यसूखी खेती, डेयरी, ऊन, तिलहन
उद्योगखनन, विनिर्माण, उपयोगिता सेवाएँ, निर्माणखनिज, कपड़ा, सीमेंट, ऊर्जा, भवन
सेवाएँव्यापार, होटल, परिवहन, वित्त, अचल संपत्ति, लोक प्रशासनपर्यटन, माल ढुलाई, बैंकिंग, प्रशासन

परीक्षा में निर्माण को सेवाओं में रखना गलत होगा; राज्य आय लेखों में यह उद्योग का भाग है। पशुधन भी उद्योग नहीं, कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों का भाग है। बढ़त की दर और हिस्सेदारी भी अलग बातें हैं: छोटा क्षेत्र तेज़ बढ़ सकता है, जबकि बड़ा क्षेत्र कुल मूल्य में अधिक जोड़ सकता है।

पूरा नोट खोलें

यह सार्वजनिक पृष्ठ पहला उपलब्ध खंड दिखाता है। स्टडी पैक पूरा विषय और सभी पुनरावलोकन सामग्री खोलता है।

7 और खंड पूरे नोट में हैं

स्टडी पैक खोलें