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REET लेवल 2 अध्ययन सामग्री

संस्कृत वाक्य-रचना

राजस्थान बोर्ड संस्कृत (वैकल्पिक) पाठ्यक्रम अनुवाद को सरल, संयुक्त तथा मिश्र वाक्य-प्रकारों में वाक्य-रचना के साथ रखता है।

मुख्य बिंदु

  • राजस्थान बोर्ड संस्कृत (वैकल्पिक) पाठ्यक्रम अनुवाद को सरल, संयुक्त तथा मिश्र वाक्य-प्रकारों में वाक्य-रचना के साथ रखता है।
  • कर्तृ-क्रिया अन्वय: तिङन्त क्रिया कर्ता से पुरुष तथा वचन में मेल खाए — बालकाः पठन्ति, पठति नहीं।
  • कारक विभक्ति तय करता है: कर्ता प्रथमा, कर्म द्वितीया, करण तृतीया, सम्प्रदान चतुर्थी, अपादान पञ्चमी, सम्बन्ध षष्ठी, अधिकरण सप्तमी।
  • विशेषण-विशेष्य समन्वय: विशेषण संज्ञा का लिङ्ग, वचन तथा विभक्ति लेता है — शोभना बालिका, शोभनः बालिका नहीं।
  • काल: वर्तमान लट्, भूत लङ्, भविष्यत् लृट्, आज्ञा लोट्; काल को अद्य, ह्यः, श्वः से जोड़ें।
  • प्रश्न में किम्/कः/कुत्र, निषेध में न, आज्ञा में लोट् — केवल क्रिया नहीं, वाक्य-प्रयोजन पढ़ें।
  • सरल अनुवाद नियत प्रक्रिया है: क्रिया खोजो, फिर कर्ता, फिर कर्म तथा कारक, फिर क्रिया-अन्त्य क्रम में समन्वय जाँचकर जोड़ो।
  • सरल में एक तिङन्त क्रिया; संयुक्त च/किन्तु/अथवा से जुड़ता; मिश्र यद्-तद्/यदा-तदा/यदि-तर्हि सहसम्बन्धी से बनता।
  • दोहराए कक्षा-विद्यार्थी आशा, इमरान, देविका, मीना और करण रचना-परख-सुधार की निरंतरता बनाते हैं।
  • सामान्य फंदे: बहुवचन कर्ता पर एकवचन क्रिया, कर्म हेतु पञ्चमी, स्त्रीलिङ्ग संज्ञा पर पुल्लिङ्ग विशेषण, समय-शब्द लङ् माँगे पर लट्।

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पाठ्यक्रम सीमा

राजस्थान बोर्ड का रीट भाषा संस्कृत (वैकल्पिक) पाठ्यक्रम इस विषय को अनुवाद एवं वाक्य-रचना के रूप में रखता है — सरल, संयुक्त तथा मिश्र वाक्यों में रचना और हिंदी-संस्कृत के बीच सरल अनुवाद। इस नोट का मुख्य कौशल वाक्य-रचना है: शब्दों से व्याकरण-शुद्ध संस्कृत वाक्य बनाना तथा उल्टा सरल अनुवाद करना। पाठ्यक्रम-सीमा व्यावहारिक है। इसमें चार समन्वय-तंत्रों पर अधिकार अपेक्षित है। पहला, कर्तृ-क्रिया अन्वय — क्रिया (तिङन्त) कर्ता के पुरुष...

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