REET लेवल 2 अध्ययन सामग्री
रीट स्तर 2 के लिए मुहावरे और लोकोक्तियाँ
राजस्थान बोर्ड मुहावरों और लोकोक्तियों को वाक्य-रचना, वाक्य-प्रकार और पदबंध के साथ रखता है।
मुख्य बिंदु
- राजस्थान बोर्ड मुहावरों और लोकोक्तियों को वाक्य-रचना, वाक्य-प्रकार और पदबंध के साथ रखता है।
- मुहावरा सामान्यतः वाक्य के भीतर आता है; लोकोक्ति प्रायः पूरा कथन होती है।
- अर्थ प्रसंग, स्वर और स्वीकृत प्रयोग से समझना चाहिए, केवल शब्दों के सीधे अर्थ से नहीं।
- नए वाक्य बनवाने से पहले संवाद, कहानी, कार्ड-मिलान और सुधार-लेखन कराएँ।
- आकलन में अर्थ, प्रयोग, प्रसंग-फिट, त्रुटि-पहचान और स्वर की जाँच होनी चाहिए।
- सामान्य फंदे हैं शाब्दिक अर्थ, एक जैसे शरीर-शब्द, प्रसिद्ध लोकोक्ति का गलत प्रयोग।
- आशा, इमरान, मीना, जोसेफ और करण जैसे दोहराए गए बच्चों से उदाहरणों में निरंतरता बनती है।
- विद्यालयी शिक्षा का राष्ट्रीय ढाँचा 2023 विविध साहित्य से मुहावरों और लोकोक्तियों की पहचान को महत्व देता है।
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पाठ्यक्रम सीमा
राजस्थान बोर्ड की सीमा साफ है: वाक्य-रचना, वाक्य के अंग, वाक्य के प्रकार, पदबंध, मुहावरे और लोकोक्तियाँ। इस नोट में मुख्य जोड़ी मुहावरा और लोकोक्ति है। मुहावरा ऐसा बँधा हुआ प्रयोग है जिसका अर्थ अलग-अलग शब्दों को जोड़कर नहीं निकाला जाता। जैसे "पीठ दिखाना" शरीर का वर्णन नहीं, बल्कि डरकर हटना या साहस छोड़ना बताता है। लोकोक्ति प्रायः पूरा वाक्य होती है, जो अनुभव से निकला सामान्य सत्य या व्यवहार-ज्ञान देती है। इसलिए परीक्षा तीन...
