REET लेवल 2 अध्ययन सामग्री
भक्ति और सूफी आंदोलन
भक्ति और सूफी आंदोलनों को मध्यकाल के व्यापक सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक आंदोलनों के रूप में पढ़ें।
मुख्य बिंदु
- भक्ति और सूफी आंदोलनों को मध्यकाल के व्यापक सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक आंदोलनों के रूप में पढ़ें।
- संदेश और संदर्भ दिखाने के लिए सम्मानपूर्ण स्रोत, भाषा-उदाहरण और आंदोलन-कार्ड उपयोग करें।
- प्रश्नों में संत या सिलसिला, शिक्षा का केंद्र और काल मिलाने से सावधान रहें।
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सार्वजनिक प्रीव्यू पाठ्यक्रम दृष्टि, कक्षा उपयोग, मुख्य बिंदु और स्रोत पथ दिखाता है। REET अध्ययन पैक पूरा नोट और संबंधित अभ्यास खोलता है।
अध्ययन सामग्री
पाठ्यक्रम सीमा
आधिकारिक रीट लेवल 2 सामाजिक अध्ययन इसे मध्यकालीन और आधुनिक काल के भीतर रखता है। ओवरले को भक्ति और सूफी आंदोलनों को मध्यकाल के व्यापक सामाजिक-सांस्कृतिक-धार्मिक आंदोलनों के रूप में विद्यालय-स्तर पर शामिल करना चाहिए। इसे दर्शन-निबंध या पंथ-दर-पंथ धार्मिक सारांश में बदलने से बचें।
कक्षा उपयोग
स्रोत-पंक्ति गतिविधि का उपयोग करें। दो छोटी शिक्षक-तैयार पंक्तियाँ दें — एक भक्ति से जुड़ी और एक सामाजिक सद्भाव से जुड़ी — बिना विद्यार्थियों से सटीक पाठ रटवाए। विद्यार्थियों से पूछें कि कौन-सा मूल्य या संदेश दिख रहा है और स्थानीय भाषा ने लोगों तक पहुँचने में कैसे मदद की। शिक्षक को चर्चा सम्मानजनक रखनी चाहिए और उपहास रोकना चाहिए। शिक्षण-अधिगम सामग्री में एक सरल आंदोलन-मानचित्र, समयरेखा, भक्ति, समानता, सद्भाव और लोकभाषा जैसे...
शिक्षक तर्क जांच
रीट शिक्षक-तर्क प्रश्न पूछ सकता है: "कोई विद्यार्थी कहता है कि यह विषय केवल संतों के नाम रटने के बारे में है। शिक्षक को क्या करना चाहिए?" सर्वश्रेष्ठ प्रतिक्रिया है संदेश, भाषा और सामाजिक संदर्भ दिखाने के लिए एक छोटा स्रोत, गीत/उदाहरण या आंदोलन-कार्ड उपयोग करना। दूसरी जाँच यह पूछ सकती है कि शिक्षक को एक धार्मिक परंपरा को श्रेष्ठ मानने से क्यों बचना चाहिए। उत्तर यह है कि सामाजिक अध्ययन सम्मानजनक ऐतिहासिक अध्ययन का उपयोग करता...
