REET लेवल 1 अध्ययन सामग्री
मापन — REET स्तर 1 गणित
REET स्तर 1 का मापन कक्षा 1-5 के बच्चे के पाँच रोज़मर्रा के अनुभवों को छूता है — लंबाई, भार, धारिता, समय और मुद्रा। प्राथमिक स्तर का नियम यह है कि शुरुआत हाथों-हाथ अनुभव से हो, फिर बित्ता जैसे ग़ैर-मानक माप आएँ, और फिर पाठ्यक्रम में दिए मानक माप जुड़ें। लंबाई के लिए सेंटीमीटर, मीटर और किलोमीटर। भार के लिए ग्राम और किलोग्राम। धारिता के लिए मिलीलीटर और लीटर। समय के लिए सेकंड, मिनट, घंटा और पंचांग। मुद्रा के लिए रुपये-पैसे का जोड़ा। शिक्षक का दायित्व रूपांतरण के साथ-साथ अनुमान विकसित करना है, ताकि बच्चा परख सके कि उत्तर तर्कसंगत है या नहीं।
मुख्य बिंदु
- REET स्तर 1 का मापन लंबाई (सेंटीमीटर, मीटर, किलोमीटर), भार (ग्राम, किलोग्राम), धारिता (मिलीलीटर, लीटर), समय और पंचांग, तथा भारतीय मुद्रा को छूता है।
- कक्षा 3-5 के बच्चे को जिन रूपांतरण-नियमों का स्वामी होना चाहिए — एक सेंटीमीटर बराबर दस मिलीमीटर, एक मीटर बराबर एक सौ सेंटीमीटर, एक किलोमीटर बराबर एक हज़ार मीटर, एक किलोग्राम बराबर एक हज़ार ग्राम, एक लीटर बराबर एक हज़ार मिलीलीटर, एक मिनट बराबर साठ सेकंड, एक घंटा बराबर साठ मिनट, एक रुपया बराबर एक सौ पैसे।
- सही माप से पहले अनुमान का अभ्यास करना ज़रूरी है ताकि बच्चा परख सके कि उत्तर तर्कसंगत है या नहीं।
- शिक्षक बित्ता जैसे ग़ैर-मानक मापों से पाठ्यक्रम के मानक मापों तक ले जाता है, परंतु केवल ग़ैर-मानक मापों पर रुक नहीं जाता।
- लीप वर्ष में 366 दिन होते हैं क्योंकि फ़रवरी एक अतिरिक्त दिन पाकर 29 दिनों की हो जाती है; सामान्य वर्ष में फ़रवरी 28 दिनों की होती है।
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अध्ययन सामग्री
मुख्य बिंदु
REET स्तर 1 का मापन कक्षा 1-5 के बच्चे के पाँच रोज़मर्रा के अनुभवों को छूता है — लंबाई, भार, धारिता, समय और मुद्रा। प्राथमिक स्तर का नियम यह है कि शुरुआत हाथों-हाथ अनुभव से हो, फिर बित्ता जैसे ग़ैर-मानक माप आएँ, और फिर पाठ्यक्रम में दिए मानक माप जुड़ें। लंबाई के लिए सेंटीमीटर, मीटर और किलोमीटर। भार के लिए ग्राम और किलोग्राम। धारिता के लिए मिलीलीटर और लीटर। समय के लिए सेकंड, मिनट, घंटा और पंचांग। मुद्रा के लिए रुपये-पैसे का...
कक्षा में उपयोग
- शिक्षार्थी स्तर: कक्षा 1 से 5
- सामान्य भ्रम: बच्चा अक्सर हर रूपांतरण को दस से गुणा मान लेता है, क्योंकि वह सेंटीमीटर-मिलीमीटर का नियम सब जगह लगा देता है। इस तरह 1 किलोग्राम को 10 ग्राम और 1 लीटर को 10 मिलीलीटर मान लिया जाता है।
- शिक्षक कार्य: तीस सेंटीमीटर का रूलर, मीटर का फीता, 1 लीटर की बोतल और 1 किलोग्राम का पैकेट साथ-साथ रखें; बच्चे से पूछें कि बड़े माप को भरने के लिए छोटे माप की कितनी दहाइयाँ चाहिए, और बोर्ड पर गिनती लिखवाएँ।
- अधिगम गतिविधि: कक्षा की पिछली दीवार पर एक मापन-कोना — तीन सजीव उपकरण (रूलर, तराज़ू, मापने का जग), एक छपा हुआ रूपांतरण चार्ट, और एक अनुमान-घड़ा जिसमें कक्षा रोज़ अंदाज़े वाली पर्चियाँ डाले।
- आकलन जांच: बच्चे से चॉकबोर्ड की लंबाई, पुस्तक का भार और गिलास की धारिता का अनुमान लें; फिर तीनों मापें; अनुमान और माप के बीच का अंतर चार-सप्ताह के चक्र में कम होता जाना चाहिए।
सामान्य प्रश्न जाल
- 1 किलोग्राम को 10 ग्राम या 1 लीटर को 10 मिलीलीटर पढ़ लेना, क्योंकि सेंटीमीटर-मिलीमीटर के नियम का अति-सामान्यीकरण कर दिया जाता है।
- दूर के नगरों की दूरी को मिलीमीटर या सेंटीमीटर में बता देना क्योंकि माप का नाम परिचित लगता है; सही पैमाना किलोमीटर का है।
- लीप वर्ष में फ़रवरी को 30 दिनों की कह देना; लीप वर्ष में फ़रवरी 29 दिनों की होती है और सामान्य वर्ष में 28 दिनों की।
- एक रुपये को एक हज़ार पैसे मान लेना क्योंकि किसी और रूपांतरण-शृंखला का नियम ग़लत जगह लग जाता है; एक रुपया एक सौ पैसे का होता है।
- क्रम वाले प्रश्न में बिना सब मानों को एक समान माप में बदले सबसे बड़ी संख्या चुन लेना, जिससे क्रम अक्सर उलट जाता है।
पाठ्यक्रम सीमा
RBSE REET स्तर 1 गणित पाठ्यक्रम में मापन कक्षा 1 से 5 तक के मूल अंगों में आता है। सीमा प्राथमिक स्तर की है — लंबाई के लिए सेंटीमीटर, मीटर और किलोमीटर जैसे मानक माप, भार के लिए ग्राम और किलोग्राम, धारिता के लिए मिलीलीटर और लीटर, समय और पंचांग, तथा भारतीय मुद्रा में रुपये और पैसे। पाठ्यक्रम मापों के साथ-साथ अनुमान-कौशल का भी उल्लेख करता है, जिसका अर्थ है कि शिक्षक केवल रूपांतरण पर नहीं रुक सकता; बच्चे को कोई लंबाई, भार या...
