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अध्ययन सामग्री

REET लेवल 1 अध्ययन सामग्री

हिन्दी वर्णमाला, उच्चारण एवं ध्वनि व्यवस्था

रीट लेवल 1 भाषा-1 के लिए हिन्दी वर्णमाला, उच्चारण और ध्वनि व्यवस्था को कक्षा एक से पाँच की प्राथमिक कक्षा-विषयवस्तु की तरह तैयार करना चाहिए, लंबे भाषाविज्ञान अध्याय की तरह नहीं। पाठ्यक्रम चाहता है कि शिक्षक अ से औ तक ग्यारह मूल स्वर, अनुस्वार और विसर्ग जैसे अयोगवाह चिह्न, पाँच वर्गों में बँटे तैंतीस मूल व्यंजन, क्ष, त्र, ज्ञ, श्र संयुक्त वर्ण, अंतःस्थ य, र, ल, व और ऊष्म श, ष, स, ह को जान सके। उत्तर में स्थान-वर्गीकरण कण्ठ्य, तालव्य, मूर्धन्य, दन्त्य, ओष्ठ्य, प्रयत्न-जोड़ी अल्पप्राण और महाप्राण, तथा घोषत्व-जोड़ी अघोष और सघोष भी आना चाहिए। शिक्षक को हर पंक्ति को एक सरल कक्षा-अभ्यास, दर्पण या चार्ट गतिविधि, और प्राथमिक स्तर के सामान्य उच्चारण-दोष जैसे स और ष या न और ण के भ्रम के लिए बच्चे की गरिमा बचाने वाली सुधार-विधि से जोड़ना चाहिए।

मुख्य बिंदु

  • हिन्दी वर्णमाला में अ से औ तक ग्यारह मूल स्वर और दो अयोगवाह चिह्न अनुस्वार और विसर्ग होते हैं, जिन्हें प्राथमिक स्तर पर पढ़ाया जाता है।
  • तैंतीस मूल व्यंजन पाँच वर्गों में बँटे हैं और इनके साथ अंतःस्थ पंक्ति य, र, ल, व, ऊष्म पंक्ति श, ष, स, ह तथा चार संयुक्त वर्ण क्ष, त्र, ज्ञ, श्र भी आते हैं।
  • स्थान ध्वनि को कण्ठ्य, तालव्य, मूर्धन्य, दन्त्य, ओष्ठ्य के अनुसार बाँटता है और हर पंक्ति को मुख के उस भाग से जोड़ता है जो बच्चा छोटे दर्पण में देख सकता है।
  • प्रयत्न और घोषत्व हर वर्ग को अल्पप्राण, महाप्राण, अघोष और सघोष में बाँटते हैं, जिन्हें बच्चा काग़ज़-पट्टी और कण्ठ-कम्पन परीक्षण से महसूस कर सकता है।
  • स और ष या न और ण के सामान्य उच्चारण-दोष दर्पण-अभ्यास, शब्द-युग्म और शान्त सुधार से ठीक किए जाते हैं, कभी कक्षा के सामने डाँटकर नहीं।

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सार्वजनिक प्रीव्यू पाठ्यक्रम दृष्टि, कक्षा उपयोग, मुख्य बिंदु और स्रोत पथ दिखाता है। REET अध्ययन पैक पूरा नोट और संबंधित अभ्यास खोलता है।

अध्ययन सामग्री

मुख्य बिंदु

रीट लेवल 1 भाषा-1 के लिए हिन्दी वर्णमाला, उच्चारण और ध्वनि व्यवस्था को कक्षा एक से पाँच की प्राथमिक कक्षा-विषयवस्तु की तरह तैयार करना चाहिए, लंबे भाषाविज्ञान अध्याय की तरह नहीं। पाठ्यक्रम चाहता है कि शिक्षक अ से औ तक ग्यारह मूल स्वर, अनुस्वार और विसर्ग जैसे अयोगवाह चिह्न, पाँच वर्गों में बँटे तैंतीस मूल व्यंजन, क्ष, त्र, ज्ञ, श्र संयुक्त वर्ण, अंतःस्थ य, र, ल, व और ऊष्म श, ष, स, ह को जान सके। उत्तर में स्थान-वर्गीकरण कण्ठ्य,...

कक्षा में उपयोग

  • शिक्षार्थी स्तर: कक्षा एक से पाँच
  • सामान्य भ्रम: एक सामान्य गलतफहमी यह है कि स और ष जैसे उच्चारण-अंतर बच्चे की धीमी गति के कारण होते हैं, जबकि वे घर-भाषा के संपर्क पर निर्भर होते हैं और दर्पण तथा शब्द-युग्म अभ्यास से सरलता से ठीक हो जाते हैं।
  • शिक्षक कार्य: प्राथमिक स्तर पर हर वर्ग के लिए स्थान, प्रयत्न और घोषत्व बोध बनाने हेतु छोटा दर्पण, काग़ज़-पट्टी साँस-परीक्षण, कण्ठ-कम्पन परीक्षण और शान्त शब्द-युग्म अभ्यास का उपयोग करें।
  • अधिगम गतिविधि: कक्षा में सप्ताह की वर्णमाला-तालिका लगाएँ जिसमें क-वर्ग, च-वर्ग, ट-वर्ग, त-वर्ग, प-वर्ग, अंतःस्थ, ऊष्म और संयुक्त की पंक्तियाँ हों; पूरे सप्ताह में हर पंक्ति को एक उदाहरण-शब्द से भरें।
  • आकलन जांच: जाँचें कि हर बच्चा किसी भी व्यंजन की पंक्ति, स्थान, प्रयत्न और घोषत्व का नाम बता सकता है और प्राथमिक स्तर की एक उपयुक्त कक्षा-गतिविधि का वर्णन कर सकता है।

सामान्य प्रश्न जाल

  • अनुस्वार को मूल स्वर मान लेना जबकि यह अयोगवाह चिह्न है जो किसी स्वर पर ऊपर बिन्दु के रूप में नासिक्य रंग जोड़ता है
  • मूर्धन्य पंक्ति ट, ठ, ड, ढ, ण को दन्त्य पंक्ति त, थ, द, ध, न से बदल देना क्योंकि प्रारम्भिक पाठक के लिए दोनों समान दिखते हैं
  • क्ष, त्र, ज्ञ या श्र को मूल स्वर या एकल ऊष्म ध्वनि कह देना, जबकि ये दो व्यंजनों के मेल से बने संयुक्त वर्ण हैं
  • प्रयत्न-अक्ष को स्थान-अक्ष से मिला देना, जैसे अल्पप्राण को उच्चारण-स्थान कह देना, जबकि यह एक प्रयत्न है
  • उच्चारण-दोष पर शिक्षक की सर्वोत्तम प्रतिक्रिया के रूप में कक्षा के सामने डाँटना या नाम देना चुनना

पाठ्यक्रम सीमा

इस नोट का आधिकारिक आधार RBSE रीट लेवल 1 भाषा-1 का पाठ्यक्रम है। उपयोग्य सीमा कक्षा एक से पाँच के बच्चे की प्राथमिक दुनिया है। अभ्यर्थी को अ से औ तक ग्यारह मूल स्वर, दो अयोगवाह चिह्न अनुस्वार और विसर्ग, पाँच वर्गों में बँटे तैंतीस मूल व्यंजन, अंतःस्थ पंक्ति, ऊष्म पंक्ति और चार संयुक्त वर्ण क्ष, त्र, ज्ञ, श्र को जानना चाहिए। अभ्यर्थी को किसी भी ध्वनि को स्थान और प्रयत्न के अनुसार सरल कक्षा-भाषा में वर्गीकृत करना और यह बताना भी...

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