ओलंपिक आंदोलन, खेल पुरस्कार और प्रमुख आयोजन
मुख्य तथ्य
- 776 ईसा पूर्व में प्राचीन ओलंपिक खेल यूनान के ओलंपिया में शुरू माने जाते हैं; ये देवता ज़्यूस के सम्मान में धार्मिक और खेल आयोजन थे।
- 23 जून 1894 को पेरिस में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की स्थापना हुई; पियरे द कूबर्तां आधुनिक ओलंपिक आंदोलन के प्रमुख प्रेरक माने जाते हैं।
- 1896 में एथेंस में प्रथम आधुनिक ओलंपिक खेल हुए; इससे ओलंपिक आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय खेल-प्रतियोगिता का स्थायी रूप मिला।
- 1920 के एंटवर्प ओलंपिक में ओलंपिक ध्वज पहली बार खेलों में फहराया गया; 5 छल्ले विश्व के महाद्वीपीय प्रतिनिधित्व और खेल-एकता का प्रतीक हैं।
- 1951 में प्रथम एशियाई खेल नई दिल्ली में हुए; स्वतंत्र भारत के लिए यह बड़ा अंतरराष्ट्रीय बहु-खेल आयोजन था।
मुख्य बिंदु
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776 ईसा पूर्व में प्राचीन ओलंपिक खेल यूनान के ओलंपिया में शुरू माने जाते हैं; ये देवता ज़्यूस के सम्मान में धार्मिक और खेल आयोजन थे।
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23 जून 1894 को पेरिस में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की स्थापना हुई; पियरे द कूबर्तां आधुनिक ओलंपिक आंदोलन के प्रमुख प्रेरक माने जाते हैं।
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1896 में एथेंस में प्रथम आधुनिक ओलंपिक खेल हुए; इससे ओलंपिक आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय खेल-प्रतियोगिता का स्थायी रूप मिला।
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1920 के एंटवर्प ओलंपिक में ओलंपिक ध्वज पहली बार खेलों में फहराया गया; 5 छल्ले विश्व के महाद्वीपीय प्रतिनिधित्व और खेल-एकता का प्रतीक हैं।
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1951 में प्रथम एशियाई खेल नई दिल्ली में हुए; स्वतंत्र भारत के लिए यह बड़ा अंतरराष्ट्रीय बहु-खेल आयोजन था।
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1930 में हैमिल्टन में प्रथम ब्रिटिश एम्पायर गेम्स हुए; यही आयोजन आगे चलकर कॉमनवेल्थ गेम्स के नाम से जाना गया।
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1961 में अर्जुन पुरस्कार शुरू हुआ और 1991-92 में राजीव गांधी खेल रत्न शुरू हुआ; 2021 से सर्वोच्च खेल पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद खेल रत्न है।
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29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है; यह हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती से जुड़ा है।
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ओलंपिक आंदोलन की पृष्ठभूमि क्या है?
ओलंपिक आंदोलन की पृष्ठभूमि प्राचीन यूनान के ओलंपिया से शुरू होकर आधुनिक अंतरराष्ट्रीय खेल-आंदोलन तक पहुँचती है, जिसका लक्ष्य खेल के माध्यम से राष्ट्रों, खिलाड़ियों और समाजों को जोड़ना है। ओलंपिक आंदोलन केवल 4 साल में होने वाली खेल-प्रतियोगिता नहीं है। इसका मूल विचार खेल के माध्यम से राष्ट्रों, खिलाड़ियों और समाजों को जोड़ना है। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की प्राचीन ओलंपिक सामग्री के अनुसार प्रथम प्राचीन ओलंपिक खेल ओलंपिया में 776 ईसा पूर्व दर्ज हैं। प्राचीन ओलंपिक यूनान के ओलंपिया नगर से जुड़े थे और 776 ईसा पूर्व की तिथि परीक्षा में सबसे अधिक पूछी जाती है। उस समय खेल धार्मिक उत्सव, शारीरिक क्षमता और नगर-राज्यों की प्रतिष्ठा से जुड़े थे। आधुनिक अर्थों में राष्ट्र-ध्वज, पदक-तालिका और वैश्विक प्रसारण जैसी बातें बाद में आईं।
आधुनिक ओलंपिक आंदोलन का श्रेय पियरे द कूबर्तां को दिया जाता है। 1894 में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति बनी और 1896 में एथेंस में प्रथम आधुनिक ओलंपिक हुए। आधुनिक ओलंपिक का आधार अंतरराष्ट्रीय भागीदारी, निष्पक्ष प्रतियोगिता, शांति, शिक्षा और खेल-भावना है। इसमें ग्रीष्मकालीन ओलंपिक, शीतकालीन ओलंपिक, युवा ओलंपिक और पैरालंपिक जैसे संबंधित आयोजन अलग-अलग रूपों में विकसित हुए। भर्ती परीक्षा में “प्राचीन ओलंपिक-ओलंपिया-776 ईसा पूर्व” और “आधुनिक ओलंपिक-एथेंस-1896” की जोड़ी सबसे सुरक्षित तथ्य है।
याद रखने योग्य बात: ओलंपिक आंदोलन का लक्ष्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि खेल के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मैत्री और नैतिक प्रतियोगिता को बढ़ाना है।
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