शरीर रचना और शरीर क्रिया विज्ञान — कंकाल, पेशीय, परिसंचरण और श्वसन तंत्र
मुख्य तथ्य
- 1543 में आंद्रेयास वेसालियस की पुस्तक दे ह्यूमानी कॉर्पोरिस फैब्रिका ने आधुनिक मानव शरीर रचना को निरीक्षण और विच्छेदन पर आधारित विषय बनाया।
- 1628 में विलियम हार्वी ने रक्त परिसंचरण का सिद्धांत स्पष्ट किया; इससे हृदय को रक्त पंप करने वाला अंग समझने की वैज्ञानिक नींव बनी।
- 1661 में मार्सेलो माल्पीगी ने केशिकाओं का वर्णन किया; इससे धमनियों और शिराओं के बीच सूक्ष्म संबंध समझ में आया।
- 1846 में जॉन हचिनसन ने वाइटल कैपेसिटी मापने के लिए स्पाइरोमीटर का वर्णन किया; इससे फेफड़ों की मात्रा का आकलन मानक शारीरिक परीक्षण बना।
- 1895 में विल्हेम रॉन्टजन ने एक्स-किरणों की खोज की; हड्डी, जोड़ और खेल-चोट की जांच में इमेजिंग का नया युग शुरू हुआ।
मुख्य बिंदु
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1543 में आंद्रेयास वेसालियस की पुस्तक दे ह्यूमानी कॉर्पोरिस फैब्रिका ने आधुनिक मानव शरीर रचना को निरीक्षण और विच्छेदन पर आधारित विषय बनाया।
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1628 में विलियम हार्वी ने रक्त परिसंचरण का सिद्धांत स्पष्ट किया; इससे हृदय को रक्त पंप करने वाला अंग समझने की वैज्ञानिक नींव बनी।
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1661 में मार्सेलो माल्पीगी ने केशिकाओं का वर्णन किया; इससे धमनियों और शिराओं के बीच सूक्ष्म संबंध समझ में आया।
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1846 में जॉन हचिनसन ने वाइटल कैपेसिटी मापने के लिए स्पाइरोमीटर का वर्णन किया; इससे फेफड़ों की मात्रा का आकलन मानक शारीरिक परीक्षण बना।
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1895 में विल्हेम रॉन्टजन ने एक्स-किरणों की खोज की; हड्डी, जोड़ और खेल-चोट की जांच में इमेजिंग का नया युग शुरू हुआ।
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1922 में ए. वी. हिल को मांसपेशियों में ऊष्मा-उत्पादन पर काम के लिए नोबेल पुरस्कार मिला; इससे व्यायाम-शरीरक्रिया के वैज्ञानिक अध्ययन को मजबूती मिली।
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1953 में वॉटसन और क्रिक ने डीएनए की डबल-हेलिक्स संरचना बताई; इससे शरीर के तंत्रों में वृद्धि, मरम्मत और वंशागत गुणों की आधुनिक समझ बनी।
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शरीर रचना और शरीर क्रिया विज्ञान खेल-शिक्षा में क्यों साथ पढ़े जाते हैं?
शरीर रचना और शरीर क्रिया विज्ञान खेल-शिक्षा में इसलिए साथ पढ़े जाते हैं, क्योंकि खिलाड़ी की गति, सहनशक्ति, थकान, चोट और सुधार को शरीर की बनावट और शरीर के काम करने की प्रक्रिया को जोड़कर ही ठीक से समझा जा सकता है। शरीर रचना विज्ञान शरीर के अंगों, ऊतकों और तंत्रों की बनावट का अध्ययन है, जबकि शरीर क्रिया विज्ञान यह बताता है कि ये अंग काम कैसे करते हैं। खेल और शारीरिक शिक्षा में दोनों विषय साथ पढ़े जाते हैं, क्योंकि खिलाड़ी की गति, सहनशक्ति, थकान, चोट और सुधार को केवल मांसपेशी या हड्डी से अलग-अलग नहीं समझा जा सकता। उदाहरण के लिए दौड़ते समय कूल्हा, घुटना और टखना गति देते हैं; मांसपेशियां बल पैदा करती हैं; हृदय रक्त प्रवाह बढ़ाता है; और फेफड़े गैस-विनिमय तेज करते हैं।
मानव शरीर में कोशिका मूल इकाई है। समान कोशिकाएं ऊतक बनाती हैं, ऊतक अंग बनाते हैं और अंग मिलकर तंत्र बनाते हैं। खेल-प्रशिक्षण में होमियोस्टैसिस महत्वपूर्ण शब्द है: शरीर तापमान, रक्त पीएच, जल-संतुलन और ग्लूकोज जैसी आंतरिक स्थितियों को सीमित दायरे में बनाए रखता है। मेडलाइनप्लस के धमनी-रक्त गैस परीक्षण पृष्ठ के अनुसार रक्त का सामान्य पीएच लगभग 7.35 से 7.45 के बीच रहता है, इसलिए व्यायाम में अम्ल-क्षार संतुलन बिगड़ना प्रदर्शन और थकान दोनों से जुड़ सकता है। व्यायाम इसी संतुलन को चुनौती देता है और शरीर धीरे-धीरे अनुकूलन करता है।
याद रखने योग्य बात: बनावट और कार्य को साथ जोड़कर पढ़ना पीटीआई पेपर में सबसे उपयोगी तरीका है।
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