ऑपरेटिंग सिस्टम
मुख्य तथ्य
- ऑपरेटिंग सिस्टम सिस्टम सॉफ्टवेयर है, जो हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर संसाधनों और उपयोगकर्ता इंटरफेस का प्रबंधन करता है।
- यह उपयोगकर्ता, एप्लिकेशन प्रोग्रामों और कंप्यूटर हार्डवेयर के बीच पुल की तरह काम करता है।
- मुख्य कार्यों में कार्य अनुसूचीकरण, मेमोरी प्रबंधन, फाइल प्रबंधन, डिवाइस नियंत्रण और उपयोगकर्ता इंटरफेस शामिल हैं।
- कार्य अनुसूचीकरण से कई प्रक्रियाएं और पृष्ठभूमि सेवाएं प्रोसेसर समय साझा करती हैं।
- मेमोरी प्रबंधन रैम को चल रहे प्रोग्रामों में बांटता है और एक प्रक्रिया को दूसरी में हस्तक्षेप से बचाता है।
मुख्य बिंदु
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ऑपरेटिंग सिस्टम सिस्टम सॉफ्टवेयर है, जो हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर संसाधनों और उपयोगकर्ता इंटरफेस का प्रबंधन करता है।
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यह उपयोगकर्ता, एप्लिकेशन प्रोग्रामों और कंप्यूटर हार्डवेयर के बीच पुल की तरह काम करता है।
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मुख्य कार्यों में कार्य अनुसूचीकरण, मेमोरी प्रबंधन, फाइल प्रबंधन, डिवाइस नियंत्रण और उपयोगकर्ता इंटरफेस शामिल हैं।
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कार्य अनुसूचीकरण से कई प्रक्रियाएं और पृष्ठभूमि सेवाएं प्रोसेसर समय साझा करती हैं।
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मेमोरी प्रबंधन रैम को चल रहे प्रोग्रामों में बांटता है और एक प्रक्रिया को दूसरी में हस्तक्षेप से बचाता है।
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फाइल प्रबंधन में फाइल और फोल्डर बनाना, खोलना, कॉपी करना, मूव करना, नाम बदलना, हटाना, खोजना और व्यवस्थित करना आता है।
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डिवाइस ड्राइवर ऑपरेटिंग सिस्टम को प्रिंटर, स्कैनर, डिस्प्ले, नेटवर्क एडैप्टर और अन्य पेरिफेरल से संवाद कराने में मदद करते हैं।
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विंडोज 95, विंडोज 98 और विंडोज एनटी ऑपरेटिंग सिस्टम हैं; ये ऑफिस एप्लिकेशन या यूटिलिटी नहीं हैं।
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जीयूआई विंडो, आइकन, मेनू और पॉइंटर क्रिया पर आधारित है, जबकि सीएलआई टाइप किए गए आदेशों पर आधारित है।
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कर्नेल ऑपरेटिंग सिस्टम का मुख्य संसाधन-प्रबंधक है; शेल उपयोगकर्ता संपर्क-परत है।
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एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर खास उपयोगकर्ता-कार्य करता है, जबकि ऑपरेटिंग सिस्टम पूरे कंप्यूटर सिस्टम को आधार देता है।
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कम्पाइलर और इंटरप्रेटर भाषा अनुवादक हैं; एंटीवायरस और डिस्क क्लीनअप यूटिलिटी हैं, ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं।
ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है और कंप्यूटर में उसकी भूमिका क्या होती है?
ऑपरेटिंग सिस्टम मुख्य सिस्टम सॉफ्टवेयर है, जो उपयोगकर्ता और कंप्यूटर हार्डवेयर के बीच इंटरफेस देकर प्रोसेसर, मेमोरी, फाइलों और उपकरणों का प्रबंधन करता है। ऑपरेटिंग सिस्टम वह मुख्य सिस्टम सॉफ्टवेयर है जो कंप्यूटर को उपयोग के योग्य बनाता है। केवल हार्डवेयर अपने-आप में इलेक्ट्रॉनिक और यांत्रिक भागों का समूह है: प्रोसेसर, मेमोरी चिप, स्टोरेज ड्राइव, डिस्प्ले, की-बोर्ड, माउस, प्रिंटर और नेटवर्क उपकरण। सामान्य उपयोगकर्ता इन भागों को सीधे नियंत्रित नहीं करता। ऑपरेटिंग सिस्टम वह कार्य-परत देता है जिसके माध्यम से उपयोगकर्ता आदेश देता है, प्रोग्राम चलते हैं, फाइलें सुरक्षित होती हैं और उपकरण प्रतिक्रिया देते हैं। पटवार के बेसिक कंप्यूटर ज्ञान में सबसे सुरक्षित परिभाषा यह है कि ऑपरेटिंग सिस्टम प्रोग्रामों का ऐसा समूह है जो कंप्यूटर के मूल कार्यों का प्रबंधन करता है और उपयोगकर्ता तथा कंप्यूटर हार्डवेयर के बीच इंटरफेस देता है। माइक्रोसॉफ्ट के जीवनचक्र पृष्ठ के अनुसार विंडोज ११ होम और प्रो की सहायता-सूची ४ अक्तूबर २०२१ से शुरू दिखाई गई है, जिससे साफ दिखता है कि ऑपरेटिंग सिस्टम के संस्करण भी आधिकारिक रूप से अलग उत्पाद-जीवनचक्र के साथ पहचाने जाते हैं।
इसे सिस्टम सॉफ्टवेयर इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह पूरे कंप्यूटर सिस्टम को चलाने में आधार देता है। एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर, जैसे वर्ड प्रोसेसर, स्प्रेडशीट, ब्राउजर, मीडिया प्लेयर या अकाउंटिंग प्रोग्राम, किसी खास उपयोगकर्ता-कार्य के लिए होता है। ऑपरेटिंग सिस्टम अलग है: यह वह मंच देता है जिस पर ये एप्लिकेशन चलते हैं। जब उपयोगकर्ता टाइपिंग प्रोग्राम खोलता है, दस्तावेज सुरक्षित करता है, पेज छापता है या इंटरनेट से जुड़ता है, तब सामने एप्लिकेशन दिखता है, लेकिन पीछे प्रोसेसर, मेमोरी, स्टोरेज और उपकरण-पहुंच का समन्वय ऑपरेटिंग सिस्टम कर रहा होता है।
सामान्य उदाहरणों में व्यक्तिगत कंप्यूटरों पर माइक्रोसॉफ्ट विंडोज, एप्पल कंप्यूटरों पर मैकओएस, डेस्कटॉप और सर्वर पर लिनक्स वितरण, कई स्मार्टफोन पर एंड्रॉयड और क्रोमबुक पर क्रोमओएस आते हैं। परीक्षा में ऑपरेटिंग सिस्टम के नाम को ऑफिस पैकेज, प्रोग्रामिंग भाषा, डेटाबेस या एंटीवायरस उत्पाद से न मिलाएं। विंडोज ९५, विंडोज ९८, विंडोज एनटी, विंडोज एक्सपी, विंडोज ७, विंडोज १० और विंडोज ११ विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम के संस्करण हैं। एमएस ऑफिस, वर्ड, एक्सेल, पावरपॉइंट, टैली, फोटोशॉप और क्रोम एप्लिकेशन या एप्लिकेशन समूह हैं, ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं।
ऑपरेटिंग सिस्टम की भूमिका तीन परीक्षा-उपयोगी शब्दों से समझी जा सकती है: प्रबंधक, नियंत्रक और इंटरफेस। प्रबंधक के रूप में यह प्रोसेसर समय, मेमोरी स्थान, डिस्क स्थान और इनपुट-आउटपुट पहुंच जैसे संसाधन बांटता है। नियंत्रक के रूप में यह प्रोग्रामों को एक-दूसरे में हस्तक्षेप करने से रोकता है और ड्राइवरों के माध्यम से हार्डवेयर को नियंत्रित करता है। इंटरफेस के रूप में यह उपयोगकर्ता को कंप्यूटर चलाने का तरीका देता है, चाहे वह आइकन और मेनू से हो या लिखे गए आदेशों से। इसलिए पटवार प्रश्न कभी-कभी नाम लिए बिना भी ऑपरेटिंग सिस्टम का वर्णन करता है: जो प्रोग्रामों का समूह कार्य-सूची बनाता है, पेरिफेरल नियंत्रित करता है और कंप्यूटर के मूल कार्य संभालता है, वह ऑपरेटिंग सिस्टम है। इस अध्याय को उन्नत इंजीनियरिंग सिद्धांत की तरह नहीं, बल्कि व्यावहारिक वर्गीकरण की तरह पढ़ना चाहिए।
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