कंप्यूटर संगठन — रैम, रोम, फाइल सिस्टम, इनपुट डिवाइस
मुख्य तथ्य
- पटवार स्तर पर कंप्यूटर संगठन इनपुट, प्रसंस्करण, आउटपुट, मेमोरी और भंडारण का कार्य-मानचित्र है, सर्किट-स्तर की इंजीनियरिंग नहीं।
- स्वचालित संचालन का अर्थ है कि प्रोग्राम और डेटा लोड होकर काम शुरू होने के बाद कंप्यूटर संग्रहित निर्देशों को लगातार मानवीय नियंत्रण के बिना चलाता है।
- हार्डवेयर भौतिक उपकरण है, जबकि सॉफ्टवेयर वह निर्देश-परत है जो उपकरणों से उपयोगी काम कराती है।
- ऑपरेटिंग सिस्टम सामान्य कार्यों में सॉफ्टवेयर को मेमोरी, भंडारण, इनपुट डिवाइस और आउटपुट डिवाइस से जोड़ता है।
- रैम सक्रिय प्रोग्राम और वर्तमान डेटा के लिए वाष्पशील प्राथमिक कार्यशील मेमोरी है; यह द्वितीयक भंडारण नहीं है।
मुख्य बिंदु
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पटवार स्तर पर कंप्यूटर संगठन इनपुट, प्रसंस्करण, आउटपुट, मेमोरी और भंडारण का कार्य-मानचित्र है, सर्किट-स्तर की इंजीनियरिंग नहीं।
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स्वचालित संचालन का अर्थ है कि प्रोग्राम और डेटा लोड होकर काम शुरू होने के बाद कंप्यूटर संग्रहित निर्देशों को लगातार मानवीय नियंत्रण के बिना चलाता है।
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हार्डवेयर भौतिक उपकरण है, जबकि सॉफ्टवेयर वह निर्देश-परत है जो उपकरणों से उपयोगी काम कराती है।
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ऑपरेटिंग सिस्टम सामान्य कार्यों में सॉफ्टवेयर को मेमोरी, भंडारण, इनपुट डिवाइस और आउटपुट डिवाइस से जोड़ता है।
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रैम सक्रिय प्रोग्राम और वर्तमान डेटा के लिए वाष्पशील प्राथमिक कार्यशील मेमोरी है; यह द्वितीयक भंडारण नहीं है।
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रोम अवाष्पशील मेमोरी है जो फर्मवेयर या आरंभिक निर्देश रखती है और सामान्य उपयोगकर्ता कार्यक्षेत्र नहीं है।
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डायनेमिक रैम को बिजली उपलब्ध रहते हुए भी सूचना बनाए रखने के लिए आवधिक रीफ्रेश चाहिए।
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द्वितीयक भंडारण में हार्ड डिस्क, सॉलिड-स्टेट ड्राइव, पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड और ऑप्टिकल डिस्क जैसे दीर्घकालीन साधन आते हैं।
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शुरुआती इकाई क्रम बिट, बाइट, किलोबाइट, मेगाबाइट, गीगाबाइट और टेराबाइट है; इन बड़ी इकाइयों में टेराबाइट सबसे बड़ी है।
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फाइल नाम वाला डेटा रखती है, फोल्डर या डायरेक्टरी फाइलों को व्यवस्थित करती है, ड्राइव भंडारण वॉल्यूम है, पाथ स्थान बताता है और एक्सटेंशन फाइल प्रकार का संकेत देता है।
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कीबोर्ड, माउस, स्कैनर, माइक्रोफोन और बारकोड रीडर इनपुट डिवाइस हैं क्योंकि वे डेटा या आदेश कंप्यूटर में भेजते हैं।
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क्वर्टी कीबोर्ड विन्यास है; डम्ब, स्मार्ट और इंटेलिजेंट टर्मिनल मुख्यतः स्थानीय प्रसंस्करण क्षमता के आधार पर अलग होते हैं।
कंप्यूटर प्रणाली काम कैसे पूरा करती है?
कंप्यूटर प्रणाली इनपुट, प्रसंस्करण, आउटपुट और भंडारण के समन्वय से काम पूरा करती है। कंप्यूटर संगठन का अर्थ है कि कंप्यूटर के मुख्य भाग मिलकर किसी काम को कैसे पूरा करते हैं। पटवार के बेसिक कंप्यूटर ज्ञान में इसे इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग की गहराई से नहीं, बल्कि काम करने वाले घटकों के स्तर पर पढ़ना चाहिए। मूल मानचित्र है: इनपुट, प्रसंस्करण, आउटपुट और भंडारण। कीबोर्ड से लिखा गया अक्षर, माउस का क्लिक, स्कैन किया हुआ पेज या टर्मिनल से की गई प्रविष्टि इनपुट बनती है। प्रोसेसर उस इनपुट पर सॉफ्टवेयर निर्देशों के अनुसार काम करता है। परिणाम मॉनिटर, प्रिंटर, स्पीकर, सेव हुए संदेश या बनी हुई फाइल के रूप में आउटपुट बनता है। डेटा और प्रोग्राम मेमोरी तथा भंडारण में रखे जाते हैं ताकि काम आगे चल सके, बदला जा सके या बाद में फिर उपयोग हो सके। वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में उपकरणों को वर्गीकृत करने का सबसे सुरक्षित तरीका यही है: जो घटक डेटा को कंप्यूटर के अंदर भेजता है, वह इनपुट है; जो परिणाम दिखाता या देता है, वह आउटपुट है; जो चालू काम को पकड़े रखता है, वह मेमोरी है; जो शटडाउन के बाद भी फाइल रखता है, वह भंडारण है; और जो निर्देशों को चलाता है, वह प्रसंस्करण है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की मार्च २०२४ उपलब्धि रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान में ३१ मार्च २०२४ तक लगभग ६.४५ करोड़ अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित किया गया था, जिससे समझ आता है कि बेसिक कंप्यूटर साक्षरता में इनपुट, प्रसंस्करण, आउटपुट और भंडारण जैसे आधारभूत घटक कितने जरूरी हैं।
इनपुट-प्रोसेस-आउटपुट-स्टोरेज चक्र को सामान्य कार्यालयी उदाहरण से समझा जा सकता है। कोई उपयोगकर्ता फॉर्म में नाम और खाता संख्या टाइप करता है। कीबोर्ड अक्षरों को प्रणाली तक भेजता है। एप्लिकेशन डेटा को जांचता और व्यवस्थित करता है, रैम में सक्रिय डेटा रखा जाता है और प्रोसेसर निर्देश चलाता है। डिस्प्ले पर लिखे हुए मान दिखाई देते हैं। जब उपयोगकर्ता फॉर्म सेव करता है, तो फाइल सिस्टम उसे ड्राइव पर लिख देता है। बाद में वही सेव फाइल फिर भंडारण से खोली जा सकती है। उपयोगकर्ता को एक सरल काम दिखाई देता है, लेकिन कंप्यूटर ने इनपुट डिवाइस, सॉफ्टवेयर, मेमोरी, प्रसंस्करण, आउटपुट डिवाइस और द्वितीयक भंडारण को साथ-साथ इस्तेमाल किया है। व्यवहार में यही कंप्यूटर संगठन है।
कंप्यूटर की विशेषताएँ भी इसी संगठन से समझ आती हैं। गति का अर्थ है कि इलेक्ट्रॉनिक क्रियाएँ बहुत तेजी से होती हैं। शुद्धता का अर्थ है कि मशीन दिए गए निर्देश और डेटा का ईमानदारी से पालन करती है; गलत इनपुट या गलत सूत्र देने पर गलत परिणाम भी आ सकता है। कर्मठता का अर्थ है कि कंप्यूटर बिना थके वही क्रिया बार-बार कर सकता है। भंडारण क्षमता का अर्थ है कि वह प्रोग्राम और डेटा का बड़ा संग्रह रख सकता है। बहुउपयोगिता का अर्थ है कि वही भौतिक मशीन अलग-अलग सॉफ्टवेयर के निर्देशों से पत्र टाइप कर सकती है, बिल की गणना कर सकती है, दस्तावेज स्कैन कर सकती है, पोर्टल चला सकती है या प्रमाणपत्र प्रिंट कर सकती है।
स्वचालित संचालन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि पटवार के पूर्व प्रश्नों में इसका संकेत मिलता है। कंप्यूटर स्वचालित इसलिए कहलाता है कि आवश्यक प्रोग्राम और डेटा लोड होने तथा काम शुरू होने के बाद मशीन संग्रहित निर्देशों को लगातार मानवीय हस्तक्षेप के बिना पूरा कर सकती है। इसका अर्थ मनुष्य जैसी स्वतंत्र समझ नहीं है। इसका अर्थ है कि प्रोग्राम क्रियाओं का क्रम देता है और कंप्यूटर उस क्रम को तब तक चलाता है जब तक काम पूरा न हो जाए, कोई त्रुटि न आए, नया इनपुट न चाहिए या प्रोग्राम में कोई निर्णय बिंदु न आ जाए। स्प्रेडशीट में सूत्र डालने के बाद सभी पंक्तियों की गणना अपने-आप होना इसका अच्छा उदाहरण है। उपयोगकर्ता डेटा और निर्देश देता है; प्रणाली उन्हें बार-बार लागू करती है।
परीक्षा के लिए निष्कर्ष यह है कि कंप्यूटर कोई अकेला जादुई उपकरण नहीं है। वह एक संगठित प्रणाली है। इनपुट डिवाइस डेटा जुटाते हैं। सॉफ्टवेयर निर्देश देता है। रैम सक्रिय काम रखती है। रोम या फर्मवेयर मशीन को शुरू कराने में मदद करता है। प्रोसेसर क्रियाएँ चलाता है। आउटपुट डिवाइस परिणाम प्रस्तुत करते हैं। द्वितीयक भंडारण और फाइल सिस्टम नाम वाली फाइलों को सुरक्षित रखते हैं। स्वचालित संचालन इन भागों को जोड़ता है, क्योंकि लोड किया हुआ प्रोग्राम पूरी प्रणाली का नियंत्रक निर्देश-समूह बन जाता है।
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