मुख्य तथ्य

  • बॉडमास गणना-क्रम को कोष्ठक, घात, भाग, गुणा, जोड़ और घटाव के क्रम में तय करता है।
  • दो संख्याओं का महत्तम समापवर्तक यूक्लिडीय कलन-विधि में लगातार शेषफल लेकर जल्दी निकाला जा सकता है।
  • लघुत्तम समापवर्त्य में दी गई संख्याओं के हर अभाज्य गुणनखंड की उच्चतम घात ली जाती है।
  • क्रमिक प्रतिशत परिवर्तन में हर चरण नए आधार पर लगता है, इसलिए प्रतिशत परिवर्तन सीधे नहीं जोड़े जाते।
  • लाभ और हानि प्रतिशत क्रय मूल्य पर निकाले जाते हैं, जबकि छूट प्रतिशत अंकित मूल्य पर निकाला जाता है।

मुख्य बिंदु

  1. 1

    बॉडमास गणना-क्रम को कोष्ठक, घात, भाग, गुणा, जोड़ और घटाव के क्रम में तय करता है।

  2. 2

    दो संख्याओं का महत्तम समापवर्तक यूक्लिडीय कलन-विधि में लगातार शेषफल लेकर जल्दी निकाला जा सकता है।

  3. 3

    लघुत्तम समापवर्त्य में दी गई संख्याओं के हर अभाज्य गुणनखंड की उच्चतम घात ली जाती है।

  4. 4

    क्रमिक प्रतिशत परिवर्तन में हर चरण नए आधार पर लगता है, इसलिए प्रतिशत परिवर्तन सीधे नहीं जोड़े जाते।

  5. 5

    लाभ और हानि प्रतिशत क्रय मूल्य पर निकाले जाते हैं, जबकि छूट प्रतिशत अंकित मूल्य पर निकाला जाता है।

  6. 6

    साझेदारी प्रश्नों में लाभ का हिस्सा पूंजी और समय के गुणनफल के अनुपात में बाँटा जाता है।

  7. 7

    समय-कार्य और नल-टंकी प्रश्नों में समयों का औसत नहीं, बल्कि दरों का जोड़ या घटाव किया जाता है।

  8. 8

    बराबर दूरी पर दो चालों का औसत 2uv/(u+v) होता है, साधारण अंकगणितीय औसत नहीं।

संख्या-आधार, विभाज्यता और बॉडमास में सही क्रम कैसे तय करें?

संख्या-आधार, विभाज्यता और बॉडमास में सही क्रम तय करने का तरीका है कि पहले अंक का स्थान-मूल्य और संख्या-प्रारूप पहचानें, फिर विभाज्यता नियम लगाएँ और अंत में कोष्ठक, घात, भाग-गुणा, जोड़-घटाव के क्रम से गणना करें। राजस्थान वन विभाग के राजस्थान एक नजर में के अनुसार वर्ष 2011 में राजस्थान का क्षेत्रफल 3,42,239 वर्ग किमी दर्ज है, इसलिए राज्य-स्तरीय संख्याओं में भारतीय अंक-प्रारूप को सही पढ़ना जरूरी है।

बॉडमास सरलीकरण प्रतिरूप

इस खंड की शुरुआत में ही यह समझ लें कि यह "बॉडमास सरलीकरण प्रतिरूप" का भाग है।

  • इस पद्धति का मुख्य लक्ष्य पहले क्रम तय करना है, फिर गणना चलाना।
  • प्रत्येक अंक स्थान के कारण बदलता है, इसलिए स्थान-मूल्य को समझे बिना तेजी संभव नहीं।
  • उदाहरण: 543.21 = 5 × 10^2 + 4 × 10^1 + 3 × 10^0 + 2 × 10^-1 + 1 × 10^-2
  • जब प्रश्न अंग्रेजी और भारतीय दोनों शैली के संख्यांकन से मिले, तब अनुमान से पहले रूपांतरण साफ रखें।

संख्या-प्रारूप और राजस्थान आँकड़े

संदर्भमानध्यान देने की बात
भारतीय अंक प्रणाली1,00,00,000अंतर्राष्ट्रीय 100,000,000 जैसा ही मान
अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली100,000,000भारतीय 1,00,00,000 जैसा ही मान
राजस्थान जनगणना 2011 की आबादी6,85,48,437पहले प्रारूप पहचानें, फिर गणित करें
राजस्थान का क्षेत्र3,42,239 वर्ग किलोमीटरराज्य-स्तरीय डेटा में यह प्रारूप आता है
  • राज्य-स्तरीय डेटा को पढ़ते समय यही गलती आम होती है।

विभाज्यता नियम

भाजकजाँच
2अंतिम अंक सम हो
3अंकों का योग 3 से विभाज्य हो
4अंतिम दो अंकों की जाँच करें
5अंतिम अंक 0 या 5 हो
62 और 3 दोनों की शर्त पूरी हो
8अंतिम तीन अंकों की जाँच करें
9अंकों का योग 9 से विभाज्य हो
10अंतिम अंक 0 हो
11वैकल्पिक योग-वियोग विधि काम आती है
  • 7 के लिए भ्रम रोकने के लिए चरणबद्ध गणना बेहतर है।
  • 91 का उदाहरण ध्यान रखें: 91 = 7 × 13, इसलिए 91 अभाज्य नहीं है

अभाज्य संख्या और गुणनखंड

  • अभाज्य संख्या, गुणनखंड और गुणनखंडन इसी खंड का मजबूत आधार है।
  • प्रथम 25 अभाज्य संख्याएँ हैं: 2, 3, 5, 7, 11, 13, 17, 19, 23, 29, 31, 37, 41, 43, 47, 53, 59, 61, 67, 71, 73, 79, 83, 89, 97
  • मूल तथ्य यह है कि हर संख्या को अभाज्य गुणनखंडों में लिखा जा सकता है।
  • यदि न = प^अ × क^ब × र^स, तो कुल विभाज्यता के घटक (अ+1)(ब+1)(स+1) से आते हैं।
  • उदाहरण 24 = 2^3 × 3^1 है, इसलिए (3+1)(1+1) = 8 विभाज्यक मिलते हैं।
  • यह गणना आपको 100, 200, 1000 जैसे विकल्पों में तेजी से निर्णय लेने में मदद करती है।

बॉडमास क्रम

  • बॉडमास का क्रम स्पष्ट है: पहले कोष्ठक, फिर घात क्रम, फिर भाग और गुणन, फिर जोड़ और घटाव।
  • पहले अंदर के कोष्ठक, फिर बाहरी कोष्ठक, फिर बाकी ऑपरेशन करें।

उदाहरण

12 + [6 × {(8 - 3) + 4}] ÷ 9 = 18

1. पहले (8 - 3) = 5

2. फिर 5 + 4 = 9

3. फिर 6 × 9 = 54

4. फिर 54 ÷ 9 = 6

5. फिर 12 + 6 = 18

  • यदि कोई बीच में कोष्ठक तोड़ता है तो परिणाम बदलता है।

भिन्न, प्रतिशत और ट्रैप

  • सभी चरणों में अंतर्निहित कोष्ठक, भिन्न और प्रतिशत का संबंध याद रखें।
  • 4/20 का अर्थ बीस प्रतिशत भी हो सकता है, पर {4/(20+1)} अलग मान देता है।
  • इसलिए पहले क्रम देखें, फिर गणना करें।

राजस्थान शैली में अंतिम जाँच

  • जब 6,85,48,437 या 3,42,239 जैसे आँकड़े आएँ, पहले देखें कि विभाज्यता जाँचना है या प्रतिशत अनुमान।
  • 3,42,239 के अंतिम तीन अंकों से तुरंत यह समझा जा सकता है कि वह 7, 8 या 11 से कैसे जाँचा जाएगा।
  • राजस्थान के प्रश्नों में पहले विभाज्यता जाँच, फिर कारण-क्रम और फिर अंतिम चयन करें।
  • परीक्षा में समय और क्रम दोनों को साथ संभालना ही मुख्य रणनीति है।
  • अंतिम जाँच सूत्र यह रखिए: पहले विभाज्यता देखें, फिर कोष्ठक क्रम, फिर गणना।
  • यदि कोई 4/20, 24 ÷ (3 + 5) या 24 ÷ {3 + 5} जैसा ट्रैप दिखे तो परिणाम की दिशा बदल जाती है।
  • हर विकल्प को इसी क्रम से दोबारा जाँचना सुरक्षित निर्णय देता है।

पूरा नोट खोलें

यह सार्वजनिक पृष्ठ पहला उपलब्ध खंड दिखाता है। स्टडी पैक पूरा विषय और सभी पुनरावलोकन सामग्री खोलता है।

9 और खंड पूरे नोट में हैं

स्टडी पैक खोलें