मुख्य तथ्य

  • कर्मवाच्य सामान्यतः तभी बनता है जब सक्रिय वाक्य में सकर्मक क्रिया और स्पष्ट कर्म हो।
  • कर्मवाच्य का मूल ढांचा be का सही रूप plus past participle है।
  • सहायक क्रिया पुराने कर्ता से नहीं, कर्मवाच्य के नए कर्ता से मेल खाती है।
  • by-phrase कर्ता को दिखाता है, पर कर्ता अज्ञात, स्पष्ट या अनावश्यक हो तो इसे छोड़ा जा सकता है।
  • Simple present passive में am, is या are plus past participle और simple past passive में was या were plus past participle आता है।

मुख्य बिंदु

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    कर्मवाच्य सामान्यतः तभी बनता है जब सक्रिय वाक्य में सकर्मक क्रिया और स्पष्ट कर्म हो।

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    कर्मवाच्य का मूल ढांचा be का सही रूप plus past participle है।

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    सहायक क्रिया पुराने कर्ता से नहीं, कर्मवाच्य के नए कर्ता से मेल खाती है।

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    by-phrase कर्ता को दिखाता है, पर कर्ता अज्ञात, स्पष्ट या अनावश्यक हो तो इसे छोड़ा जा सकता है।

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    Simple present passive में am, is या are plus past participle और simple past passive में was या were plus past participle आता है।

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    Perfect passive में been अनिवार्य है: has been written, had been checked, will have been declared.

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    मानक continuous passive मुख्यतः present continuous और past continuous में being के साथ आता है।

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    Modal passive का ढांचा modal plus be plus past participle है: can be done, must be followed, should be avoided.

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    आज्ञार्थक कर्मवाच्य में प्रायः Let plus object plus be plus past participle या सलाह के लिए should be plus past participle आता है।

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    हां-नहीं प्रश्नों में सहायक क्रिया कर्मवाच्य कर्ता से पहले आती है: Was the letter written?

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    Happen, arrive, sleep और die जैसी अकर्मक क्रियाओं से सामान्य कर्मवाच्य नहीं बनता।

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    द्विकर्मक क्रियाओं में दो कर्मवाच्य रूप संभव हो सकते हैं: I was given a book और A book was given to me.

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    Pronoun case बदलता है: I by-phrase में me बनता है और me कर्मवाच्य कर्ता बनकर I होता है।

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    सही रूपांतरण में काल, वचन, नकार, modal force और अर्थ सुरक्षित रहना चाहिए, केवल शब्द-क्रम नहीं।

वाच्य में कर्तृवाच्य और कर्मवाच्य का मूल अंतर क्या है?

वाच्य में कर्तृवाच्य काम करने वाले को वाक्य का केंद्र बनाता है, जबकि कर्मवाच्य काम पाने वाली वस्तु या व्यक्ति को केंद्र में रखता है। वाच्य यह बताता है कि वाक्य में कर्ता, क्रिया और कार्य का संबंध कैसे दिखाया गया है। कर्तृवाच्य में वाक्य का कर्ता काम करने वाला होता है: The clerk typed the letter. कर्मवाच्य में वाक्य का कर्ता-स्थान उस वस्तु या व्यक्ति को मिलता है जिस पर काम हुआ है: The letter was typed by the clerk. इसलिए परिवर्तन केवल शब्दों का क्रम बदलना नहीं है; वाक्य का केंद्र भी बदलता है। कर्तृवाच्य सामान्यतः सीधा, छोटा और स्वाभाविक लगता है, क्योंकि वह काम करने वाले से शुरू होता है। कर्मवाच्य तब उपयोगी होता है जब काम पाने वाली वस्तु अधिक महत्वपूर्ण हो, कर्ता अज्ञात हो, या कर्ता बताना जरूरी न हो: The file was approved yesterday. LDC जैसे वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र में यह भाग प्रायः रूपांतरण, अशुद्धि-शोधन या सही कर्मवाच्य रूप चुनने के रूप में पूछा जाता है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के कनिष्ठ सहायक/लिपिक ग्रेड-द्वितीय पाठ्यक्रम में पेपर-द्वितीय में सामान्य हिंदी के ७५ और सामान्य अंग्रेजी के ७५ प्रश्न बताए गए हैं, इसलिए वाच्य को अंग्रेजी भाग की व्यावहारिक तैयारी में पढ़ना जरूरी है।

सामान्य कर्मवाच्य के लिए सक्रिय वाक्य में सकर्मक क्रिया चाहिए, क्योंकि सक्रिय वाक्य का कर्म ही कर्मवाच्य का नया कर्ता बनता है। The peon opened the gate में the gate कर्म है, इसलिए यह The gate was opened by the peon बन सकता है। लेकिन The child slept में कोई कर्म नहीं है। कार्य को पाने वाला कोई पद नहीं है, इसलिए इसका स्वाभाविक कर्मवाच्य नहीं बनेगा। वाच्य के प्रश्नों में कई गलत विकल्प sleep, come, go, arrive, happen, occur, die, rise और sit जैसी अकर्मक क्रियाओं से बनाए जाते हैं, जब वे बिना कर्म के प्रयुक्त हों। अभ्यर्थी को परिवर्तन शुरू करने से पहले वाक्य में कर्म अवश्य ढूँढना चाहिए।

कर्मवाच्य में काम करने वाले को कर्ता या agent कहा जा सकता है और अंग्रेजी वाक्य में वह प्रायः by से आता है: The thief was caught by the police. by-युक्त पदबंध हर बार जरूरी नहीं होता। जब कर्ता अज्ञात, स्पष्ट, सामान्य, कम महत्वपूर्ण या जानबूझकर न बताया गया हो, तो उसे छोड़ा जा सकता है: My wallet was stolen; English is spoken here; The decision was taken after discussion. सरकारी और प्रशासनिक भाषा में कर्मवाच्य इसलिए अधिक दिखता है क्योंकि व्यक्ति से अधिक कार्य, आदेश या रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होता है: Applications will be checked before interview. पर वस्तुनिष्ठ व्याकरण प्रश्न में, यदि विकल्प ठीक-ठीक अर्थ मांग रहे हों, तो कर्ता को अनावश्यक रूप से न हटाएं। Ramesh broke the glass का नियमित रूप The glass was broken by Ramesh होगा, जब तक प्रश्न विशेष संदर्भ में अधिक उपयुक्त कर्मवाच्य न मांगे।

कुछ वाक्यों में संज्ञा क्रिया के बाद आती है, फिर भी साधारण कर्मवाच्य स्वाभाविक नहीं होता। He has a car, She resembles her mother, This book costs two hundred rupees और The room measures ten feet जैसे वाक्य सामान्य परीक्षा-व्याकरण में कर्मवाच्य में नहीं बदले जाते। इन क्रियाओं के बाद आने वाला पद वैसा स्थानांतरित कर्म नहीं है जैसा He wrote a letter में letter है। इसी तरह lack, fit, suit और become जैसी क्रियाएं सामान्य प्रयोग में अक्सर कर्मवाच्य रूपांतरण का विरोध करती हैं। सुरक्षित परीक्षा-विधि तीन प्रश्न पूछती है: काम कौन कर रहा है, काम किस पर हो रहा है, और नया कर्मवाच्य मानक अंग्रेजी जैसा लग रहा है या नहीं। इनमें से कोई भी उत्तर असफल हो, तो वाक्य शायद सामान्य कर्मवाच्य रूपांतरण के योग्य नहीं है।