राजस्थान की जनजातियाँ
मुख्य तथ्य
- राजस्थान अनुसूचित जनजाति जनसंख्या (जनगणना 2011) 92,38,534 है, जो राज्य की आबादी का 13.48 प्रतिशत है।
- राजस्थान की अधिसूचित जनजाति सूची में भील, भील मीना, डामोर, गरासिया, कथोडी/कटकरी, मीना और सहरिया सहित 12 समुदाय हैं।
- मीणा/मीना और भील जनगणना 2011 के दो सबसे बड़े घटक हैं; पूर्वी मीणा पट्टा और दक्षिणी भील पट्टा अलग हैं।
- मानगढ़ 1913, लसोड़िया/भगत सुधार धाराएँ और 1921-22 का एकी आंदोलन जनजातीय भूगोल को स्वतंत्रता-आंदोलन इतिहास से जोड़ते हैं।
- वन अधिकार अधिनियम 2006, जनजातीय क्षेत्रीय विकास प्रशासन और जनजातीय उप-योजना राज्य नीति का मूल ढांचा बनाते हैं।
मुख्य बिंदु
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राजस्थान अनुसूचित जनजाति जनसंख्या (जनगणना 2011) 92,38,534 है, जो राज्य की आबादी का 13.48 प्रतिशत है।
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राजस्थान की अधिसूचित जनजाति सूची में भील, भील मीना, डामोर, गरासिया, कथोडी/कटकरी, मीना और सहरिया सहित 12 समुदाय हैं।
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मीणा/मीना और भील जनगणना 2011 के दो सबसे बड़े घटक हैं; पूर्वी मीणा पट्टा और दक्षिणी भील पट्टा अलग हैं।
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सहरिया राजस्थान का एकमात्र पीवीटीजी केंद्रित समूह है, जिसका मुख्य क्षेत्र बारां के किशनगंज और शाहबाद में है।
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मानगढ़ 1913, लसोड़िया/भगत सुधार धाराएँ और 1921-22 का एकी आंदोलन जनजातीय भूगोल को स्वतंत्रता-आंदोलन इतिहास से जोड़ते हैं।
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वन अधिकार अधिनियम 2006, जनजातीय क्षेत्रीय विकास प्रशासन और जनजातीय उप-योजना राज्य नीति का मूल ढांचा बनाते हैं।
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बेणेश्वर मेला, भीली-वागड़ी भाषाएँ और अरावली-वागड़ क्षेत्र जनजाति नामों को संस्कृति और स्थान से जोड़ते हैं।
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जिला-पट्टा, जनजाति-मेला, आंदोलन-नेता और जनगणना 2011 रैंकिंग मुख्य स्मरण समूह हैं।
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राजस्थान में अनुसूचित जनजातियों की जनगणना और अधिसूचित सूची क्या बताती है?
राजस्थान में अनुसूचित जनजातियों की जनगणना और अधिसूचित सूची बताती है कि जनजातीय भूगोल को एक साथ जनसंख्या, कानूनी पहचान, जिला-संकेंद्रण और नीति-लक्ष्य के रूप में पढ़ना चाहिए। जनगणना 2011 की ए-11 व्यक्तिगत अनुसूचित जनजाति तालिका के अनुसार राजस्थान में अनुसूचित जनजाति जनसंख्या 92,38,534 थी।
जनगणना 2011 आधार
- अनुसूचित जनजाति जनसंख्या: जनगणना 2011 में राजस्थान में 92,38,534 अनुसूचित जनजाति व्यक्ति दर्ज हैं, जो राज्य की जनसंख्या का 13.48 प्रतिशत हैं।
- केवल एक पंक्ति का दावा भ्रामक हो सकता है: व्यक्तिगत जनजाति तालिका बड़े, मध्यम और छोटे समुदायों की पंक्तियाँ अलग दिखाती है।
- उत्तर लिखने का सही ढंग: पहले कुल अनुसूचित जनजाति जनसंख्या का आधार दीजिए, फिर व्यक्तिगत जनजाति पंक्तियों से समझाइए कि मीना और भील सबसे बड़े घटक हैं, जबकि गरासिया, डामोर, कथोडी/कटकरी और सहरिया जैसे समुदाय छोटे होने पर भी परीक्षा और नीति में अलग पहचान रखते हैं।
| जनगणना 2011 की व्यक्तिगत जनजाति पंक्ति | दर्ज व्यक्ति |
|---|---|
| मीना | 43,45,528 |
| भील समूह | 41,00,264 |
| गरासिया | 3,14,194 |
| डामोर/डामरिया | 91,463 |
| कथोडी/कटकरी | 4,833 |
| सेहरिया/सहरिया | 1,11,377 |
अधिसूचित अनुसूचित जनजातियाँ
- प्रशासनिक सूची: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की सूची राजस्थान में 12 अधिसूचित अनुसूचित जनजातियाँ देती है, जो भील समूह से शुरू होकर सेहरिया, सहरिया तक जाती है।
- प्रशासनिक और जनसांख्यिकीय आधार: यह सूची प्रशासनिक है, जबकि जनगणना तालिका जनसांख्यिकीय है; दोनों मिलकर आरक्षण, जिला रैंकिंग, कल्याण योजना और जिला मानचित्रों का आधार बनाते हैं।
- छह लोकप्रिय नामों से बड़ी सूची: इसमें भील, भील मीना, डामोर, धानका, गरासिया, कथोडी/कटकरी, कोली ढोर, कोकना/कोकनी, मीना, नायकड़ा, पटेलिया और सेहरिया/सहरिया आते हैं।
- छोटी जनगणना पंक्ति के बावजूद कानूनी उपस्थिति: कोई छोटा समुदाय कानून में मौजूद हो सकता है, भले उसकी जनगणना पंक्ति छोटी हो।
- परीक्षा में सावधानी: अधिसूचित सूची को जनजाति की कानूनी पहचान के लिए और ए-11 तालिका को जनसंख्या-आकार के लिए अलग-अलग उद्धृत करना चाहिए; दोनों को मिलाकर एक ही सूची मान लेना गलत उत्तर बनाता है।
आकार, दृश्यता और मानचित्र तर्क
- जनगणना आकार दूसरी परत जोड़ता है: भील मीना मीना से अलग है, गरासिया राजपूत गरासिया को छोड़कर गिना गया है और कथोडी/कटकरी बहुत छोटी अरावली-संबद्ध पंक्ति रहती है।
- राजस्थान की जनजातीय भूगोल केवल नाम-सूची नहीं है। यह जनगणना 2011, अधिसूचित सूची, जिला संकेंद्रण और नीति साधनों पर आधारित तालिका-मानचित्र विषय है।
- स्थान-पैटर्न नाम जितना ही महत्त्व रखता है: मीणा/मीना समुदाय पूर्वी पट्टी में मजबूत है; भील समुदाय दक्षिणी मेवाड़-वागड़ पट्टी को आकार देता है; सहरिया बारां में तीखा स्थानीय पॉकेट बनाता है; गरासिया, डामोर और कथोडी/कटकरी छोटे हैं, पर अरावली, व्यवसाय और संस्कृति संकेतों में उपयोगी रहते हैं।
- निष्कर्ष: राजस्थान की जनजातियों को पढ़ते समय कुल अनुसूचित जनजाति जनसंख्या, 12 अधिसूचित समुदाय, व्यक्तिगत जनजाति संख्या और जिला-क्षेत्रीय फैलाव चारों को साथ रखना चाहिए।
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