राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022
मुख्य तथ्य
- यह विषय CET सीनियर सेकेंडरी 2026 के समसामयिक घटनाएं खंड में आता है: आधिकारिक पाठ्यक्रम में नागरिक कर्तव्य, मौलिक कर्तव्य, नैतिक मूल्य और राजस्थान सार्...
- अधिनियम का सटीक नाम राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 है;
- धारा 10(1) के तहत धारा 2(f)(i) वाला अनुचित साधन करने वाले अभ्यर्थी को 3 वर्ष तक कारावास और कम-से-कम ₹1 लाख जुर्माना हो सकता है;
- 2023 संशोधन के बाद धारा 10(2) का दंड कम-से-कम 10 वर्ष से आजीवन कारावास तक है;
- दोषसिद्ध अभ्यर्थी 2 वर्ष के लिए सार्वजनिक परीक्षाओं से वंचित होता है; अधिनियम के अपराध संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-शमनीय हैं।
मुख्य बिंदु
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यह विषय CET सीनियर सेकेंडरी 2026 के समसामयिक घटनाएं खंड में आता है: आधिकारिक पाठ्यक्रम में नागरिक कर्तव्य, मौलिक कर्तव्य, नैतिक मूल्य और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के मुख्य प्रावधान दिए गए हैं।
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अधिनियम का सटीक नाम राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 है; अंग्रेजी शीर्षक में रोकथाम के उपाय वाला पूरा पद आधिकारिक नाम का हिस्सा है।
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अधिनियम राज्य सरकार के अधीन पदों पर भर्ती के लिए सार्वजनिक परीक्षाओं पर लागू है; इसमें निर्दिष्ट स्वायत्त निकाय, प्राधिकरण, बोर्ड, निगम, राज्य-पोषित विश्वविद्यालय, RSSB, RPSC, राजस्थान उच्च न्यायालय भर्ती, राजस्थान पुलिस भर्ती एवं पदोन्नति बोर्ड और अधिसूचित प्राधिकरण शामिल हैं।
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“अनुचित साधन” में अनधिकृत सहायता, अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक या यांत्रिक उपकरण, प्रतिरूपण, प्रश्नपत्र लीक या साजिश, प्रश्नपत्र की अनधिकृत प्राप्ति/कब्जा/हल और अभ्यर्थी को अनधिकृत सहायता शामिल हैं।
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धारा 10(1) के तहत धारा 2(f)(i) वाला अनुचित साधन करने वाले अभ्यर्थी को 3 वर्ष तक कारावास और कम-से-कम ₹1 लाख जुर्माना हो सकता है; जुर्माना न देने पर 9 महीने का अतिरिक्त कारावास हो सकता है।
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2023 संशोधन के बाद धारा 10(2) का दंड कम-से-कम 10 वर्ष से आजीवन कारावास तक है; जुर्माने की सीमा कम-से-कम ₹10 लाख से ₹10 करोड़ तक रहती है और जुर्माना न देने पर 2 वर्ष का कारावास हो सकता है।
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दोषसिद्ध अभ्यर्थी 2 वर्ष के लिए सार्वजनिक परीक्षाओं से वंचित होता है; अधिनियम के अपराध संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-शमनीय हैं।
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धारा 12 अपराध से अर्जित सम्पत्ति की जब्ती, कुर्की और अधिहरण से जुड़ी है; यह मूल 2022 अधिनियम में पहले से था, केवल 2023 संशोधन से जोड़ा गया प्रावधान नहीं है।
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धारा 15 के अनुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से नीचे के रैंक का पुलिस अधिकारी इस अधिनियम के अपराध की जांच नहीं करेगा; अपराधों का विचारण राज्य सरकार द्वारा राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद नामित सत्र न्यायालयों में होता है।
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यह विषय CET सीनियर सेकेंडरी में क्यों है
CET सीनियर सेकेंडरी 2026 के समसामयिक घटनाएं पाठ्यक्रम में नागरिक कर्तव्य, मौलिक कर्तव्य, नैतिक मूल्य और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के मुख्य प्रावधान साफ दिए गए हैं। इसलिए यह स्नातक स्तर का अलग कानूनी विस्तार नहीं है और न ही 2024 पाठ्यक्रम का बचा हुआ हिस्सा है। यह मौजूदा सीनियर सेकेंडरी स्तर के पाठ्यक्रम में आता है और इसे सीधे तथ्य तथा कथन-आधारित विषय की तरह पढ़ना चाहिए।
यह कानून इसलिए महत्त्वपूर्ण है क्योंकि राजस्थान में सार्वजनिक भर्ती परीक्षाएं राज्य सेवाओं और पदों में प्रवेश का रास्ता बनती हैं। प्रश्नपत्र लीक, प्रतिरूपण या संगठित उत्तर-सहायता केवल एक परीक्षा-दिन की गड़बड़ी नहीं होती। इससे योग्यता-आधारित चयन पर चोट लगती है, रद्द परीक्षा या फिर से परीक्षा कराने में सार्वजनिक संसाधन लगते हैं और भर्ती पर भरोसा कमजोर होता है। 2022 अधिनियम ऐसे आचरण को छोटी परीक्षा-कक्ष गड़बड़ी नहीं, बल्कि सार्वजनिक भर्ती से जुड़ा अपराध मानता है।
परीक्षा के लिए तीन सूत्र साथ रखें: यह राजस्थान की भर्ती-परीक्षा से जुड़ा कानून है, इसके अंग्रेजी शीर्षक में रोकथाम के उपाय वाला पूरा पद आता है, और मुख्य प्रश्न दायरा, अनुचित साधन, दंड, अभ्यर्थी-वंचन, अपराध से अर्जित सम्पत्ति, जांच और नामित न्यायालयों पर बन सकते हैं।
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