मुख्य तथ्य

  • आयत: परिमाप = 2 × (लंबाई + चौड़ाई); क्षेत्रफल = लंबाई × चौड़ाई। लंबाई और चौड़ाई एक ही इकाई में होनी चाहिए।
  • वर्ग: परिमाप = 4 × भुजा; क्षेत्रफल = भुजा²। वर्ग को बराबर भुजाओं वाला विशेष आयत मानकर भी हल किया जा सकता है।
  • वृत्त: परिधि = 2πr और क्षेत्रफल = πr²। r त्रिज्या है; व्यास दिया हो तो पहले त्रिज्या = व्यास ÷ 2 लें।
  • त्रिभुज: क्षेत्रफल = 1/2 × आधार × ऊँचाई। ऊँचाई आधार पर लंब दूरी होती है, कोई भी तिरछी भुजा नहीं।
  • बेलन: आयतन = πr²h; वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2πr × h; कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2πr × (r + h)।

मुख्य बिंदु

  1. 1

    आयत: परिमाप = 2 × (लंबाई + चौड़ाई); क्षेत्रफल = लंबाई × चौड़ाई। लंबाई और चौड़ाई एक ही इकाई में होनी चाहिए।

  2. 2

    वर्ग: परिमाप = 4 × भुजा; क्षेत्रफल = भुजा²। वर्ग को बराबर भुजाओं वाला विशेष आयत मानकर भी हल किया जा सकता है।

  3. 3

    वृत्त: परिधि = 2πr और क्षेत्रफल = πr²। r त्रिज्या है; व्यास दिया हो तो पहले त्रिज्या = व्यास ÷ 2 लें।

  4. 4

    दीर्घवृत्त: क्षेत्रफल = π × a × b, जहाँ a और b बड़ी और छोटी अर्ध-अक्ष लंबाइयाँ हैं; पूरी बड़ी और छोटी अक्ष दी हों तो पहले उन्हें आधा करें।

  5. 5

    त्रिभुज: क्षेत्रफल = 1/2 × आधार × ऊँचाई। ऊँचाई आधार पर लंब दूरी होती है, कोई भी तिरछी भुजा नहीं।

  6. 6

    बेलन: आयतन = πr²h; वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2πr × h; कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 2πr × (r + h)।

  7. 7

    गोला और शंकु: गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल = 4πr² और आयतन = 4/3 × πr³; शंकु का आयतन = 1/3 × πr²h।

  8. 8

    घन: आयतन = भुजा³। आयताकार डिब्बे जैसे प्रश्नों में क्षमता निकालने के लिए लंबाई × चौड़ाई × ऊँचाई सहायक कदम हो सकता है।

  9. 9

    इकाई नियम: सूत्र लगाने से पहले सभी माप एक ही इकाई में बदलें; 1 मीटर = 100 सेंटीमीटर, इसलिए 1 वर्ग मीटर = 10000 वर्ग सेंटीमीटर और 1 घन मीटर = 1000000 घन सेंटीमीटर।

  10. 10

    आम गलती: रैखिक माप दोगुना करने पर परिमाप दोगुना होता है, लेकिन सभी माप साथ बढ़ें तो क्षेत्रफल 4 गुना और आयतन 8 गुना हो सकता है।

क्षेत्रमिति का परीक्षा-उपयोग

क्षेत्रमिति में लंबाई, सीमा, सतह और जगह का माप किया जाता है। CET वरिष्ठ माध्यमिक के मौजूदा आधिकारिक तार्किक विवेचन एवं गणित खंड में त्रिभुज, वृत्त, दीर्घवृत्त, आयत, गोला और बेलन का क्षेत्रफल तथा गोला, बेलन, घन और शंकु का आयतन शामिल है। यह पाठ उन्हीं सूचीबद्ध आकृतियों पर केंद्रित है; आयत, वर्ग और क्षमता की भाषा केवल वहाँ सहायक रूप में ली गई है जहाँ वे इन क्षेत्रफल-आयतन प्रश्नों को हल कराने में काम आती हैं। तीन मुख्य बातें हैं: परिमाप, क्षेत्रफल और आयतन। परिमाप समतल आकृति की कुल सीमा है, क्षेत्रफल सतह का फैलाव है और आयतन ठोस वस्तु के भीतर की जगह है। प्रश्न खेत, कक्षा, पानी की टंकी, फर्श की टाइल, तार, सड़क की पट्टी या दीवार की रंगाई के रूप में आ सकता है, पर गणना सामान्यत: इन्हीं मापों में बदलती है।

पहला कदम है यह पहचानना कि माप किस प्रकार का है। सीमा का उत्तर सेंटीमीटर, मीटर या किलोमीटर जैसी रैखिक इकाई में आता है। सतह का उत्तर वर्ग सेंटीमीटर या वर्ग मीटर जैसी वर्ग इकाई में आता है। क्षमता या ठोस जगह का उत्तर घन सेंटीमीटर, घन मीटर या लीटर में आता है। इकाई का संकेत अक्सर बता देता है कि परिमाप चाहिए, क्षेत्रफल चाहिए या आयतन। उदाहरण के लिए आयताकार खेल मैदान में बाड़ लगानी हो तो परिमाप, उसी सतह को समतल करना हो तो क्षेत्रफल और आयताकार टंकी भरनी हो तो आयतन चाहिए। राजस्थान से जुड़े उदाहरण स्कूल के आंगन, पंचायत भवन की दीवार या सिंचाई टंकी के रूप में आ सकते हैं, लेकिन नियम वही रहते हैं।

मुख्य समझ: कोई भी सूत्र चुनने से पहले तय करें कि प्रश्न सीमा, सतह या जगह में से क्या पूछ रहा है।

पूरा नोट खोलें

यह सार्वजनिक पृष्ठ पहला उपलब्ध खंड दिखाता है। स्टडी पैक पूरा विषय और सभी पुनरावलोकन सामग्री खोलता है।

6 और खंड पूरे नोट में हैं

स्टडी पैक खोलें