ब्याज, छूट और साझेदारी की गणना
मुख्य तथ्य
- सिलेबस-सीमा: यह विषय 2026 CET वरिष्ठ माध्यमिक के तार्किक विवेचन एवं गणित खंड में आता है, जहाँ लाभ-हानि, प्रतिशत, साधारण ब्याज, चक्रवृद्धि ब्याज और अनु...
- साधारण ब्याज हमेशा मूल मूलधन पर निकाला जाता है: ब्याज = मूलधन x दर x समय / 100; राशि = मूलधन + ब्याज।
- दर यदि वार्षिक हो, तो महीनों को पहले वर्ष में बदलें; 6 महीने = 1/2 वर्ष और 9 महीने = 3/4 वर्ष।
- चक्रवृद्धि ब्याज में हर अवधि के बाद ब्याज राशि में जुड़ता है: वार्षिक चक्रवृद्धि में राशि = मूलधन x (1 + दर / 100)^वर्ष; चक्रवृद्धि ब्याज = राशि
- अर्धवार्षिक चक्रवृद्धि में वार्षिक दर को आधा और वर्षों को दोगुना लें; त्रैमासिक चक्रवृद्धि में दर को 4 से बाँटें और वर्षों को 4 से गुणा करें।
मुख्य बिंदु
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सिलेबस-सीमा: यह विषय 2026 CET वरिष्ठ माध्यमिक के तार्किक विवेचन एवं गणित खंड में आता है, जहाँ लाभ-हानि, प्रतिशत, साधारण ब्याज, चक्रवृद्धि ब्याज और अनुपात-समानुपात दिए गए हैं।
- 2
साधारण ब्याज हमेशा मूल मूलधन पर निकाला जाता है: ब्याज = मूलधन x दर x समय / 100; राशि = मूलधन + ब्याज।
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दर यदि वार्षिक हो, तो महीनों को पहले वर्ष में बदलें; 6 महीने = 1/2 वर्ष और 9 महीने = 3/4 वर्ष।
- 4
चक्रवृद्धि ब्याज में हर अवधि के बाद ब्याज राशि में जुड़ता है: वार्षिक चक्रवृद्धि में राशि = मूलधन x (1 + दर / 100)^वर्ष; चक्रवृद्धि ब्याज = राशि - मूलधन।
- 5
अर्धवार्षिक चक्रवृद्धि में वार्षिक दर को आधा और वर्षों को दोगुना लें; त्रैमासिक चक्रवृद्धि में दर को 4 से बाँटें और वर्षों को 4 से गुणा करें।
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छूट अंकित मूल्य पर निकाली जाती है, जबकि लाभ या हानि क्रय मूल्य पर; आधार बदलना सबसे आम गलती है।
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क्रमिक छूट या प्रतिशत-परिवर्तन को एक-एक करके लगाएँ; 20% के बाद 10% छूट प्रभावी रूप से 28% होती है, 30% नहीं।
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साझेदारी में लाभ या हानि पूंजी x समय के अनुपात में बाँटें; कार्यरत साझेदार का तय वेतन या कमीशन पहले तभी घटाएँ जब प्रश्न ऐसा कहे।
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इस विषय की परीक्षा-भूमिका
ब्याज, छूट और साझेदारी CET वरिष्ठ माध्यमिक के तार्किक विवेचन एवं गणित खंड से जुड़े व्यावहारिक गणित के उपयोग हैं। 2026 के सिलेबस में लाभ-हानि, प्रतिशत, साधारण ब्याज, चक्रवृद्धि ब्याज और अनुपात-समानुपात स्पष्ट रूप से दिए गए हैं, इसलिए यह पाठ वरिष्ठ माध्यमिक अंकगणित से जुड़ा रहता है। इस विषय की परीक्षा-भूमिका यह है कि एक छोटा-सा शब्द-प्रश्न प्रतिशत, आधार पहचान, अनुपात और साफ गणना, सबकी जाँच कर सकता है।
हर प्रश्न में पहला काम मात्राओं को नाम देना है। मूलधन, राशि, ब्याज, क्रय मूल्य, अंकित मूल्य, विक्रय मूल्य और लाभ एक-दूसरे की जगह नहीं रखे जा सकते। छूट अंकित मूल्य से जुड़ती है; लाभ और हानि क्रय मूल्य से जुड़ते हैं; साझेदारी में हिस्सा पूंजी और समय के गुणनफल से जुड़ता है। आधार सही पहचान लिया जाए, तो अधिकतर गणना 1 या 2 चरण में पूरी हो जाती है।
वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर संख्याएँ सामान्यतः हाथ से हल करने योग्य होती हैं: 5%, 10%, 12%, 12.5%, 15%, 20%, 25%, 2 वर्ष, 3 वर्ष, 6 महीने और 9 महीने। कठिनाई प्रायः सही प्रतिशत को गलत आधार पर लगाने से आती है। परीक्षा-फोकस यही रखें: सूत्र से पहले आधार लिखें, फिर गणना करें।
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