मुख्य तथ्य

  • हर कथन को केवल उसी प्रश्न के लिए सत्य मानें; बाहरी जानकारी या निजी राय न जोड़ें।
  • निश्चित निष्कर्ष वही है जो दिए गए कथनों से बनी हर संभव स्थिति में सही रहे।
  • सभी, कुछ, कोई नहीं, केवल, यदि, जब तक और नहीं जैसे शब्द उत्तर की दिशा तय करते हैं; एक शब्द बदलने से निष्कर्ष बदल सकता है।
  • सभी अ, ब हैं का अर्थ सभी ब, अ हैं नहीं होता; कुछ अ, ब हैं को कुछ ब, अ हैं में बदला जा सकता है;
  • कथन-तर्क में मजबूत तर्क वही है जो प्रस्ताव से सीधे जुड़ा, व्यावहारिक और बिना अतिशयोक्ति का हो; भावनात्मक नारा कमजोर तर्क है।

मुख्य बिंदु

  1. 1

    हर कथन को केवल उसी प्रश्न के लिए सत्य मानें; बाहरी जानकारी या निजी राय न जोड़ें।

  2. 2

    निश्चित निष्कर्ष वही है जो दिए गए कथनों से बनी हर संभव स्थिति में सही रहे।

  3. 3

    सभी, कुछ, कोई नहीं, केवल, यदि, जब तक और नहीं जैसे शब्द उत्तर की दिशा तय करते हैं; एक शब्द बदलने से निष्कर्ष बदल सकता है।

  4. 4

    सभी अ, ब हैं का अर्थ सभी ब, अ हैं नहीं होता; कुछ अ, ब हैं को कुछ ब, अ हैं में बदला जा सकता है; कोई अ, ब नहीं है को कोई ब, अ नहीं है में बदला जा सकता है।

  5. 5

    कथन-तर्क में मजबूत तर्क वही है जो प्रस्ताव से सीधे जुड़ा, व्यावहारिक और बिना अतिशयोक्ति का हो; भावनात्मक नारा कमजोर तर्क है।

  6. 6

    पूर्वधारणा वह छिपा आधार है जिसके बिना कथन या सुझाया गया कदम कमजोर पड़ जाता है।

  7. 7

    कारण-परिणाम में सीधा संबंध देखें; विकल्प मानने से पहले जांचें कि कोई तीसरी वजह दोनों घटनाओं को तो नहीं समझा रही।

  8. 8

    वरिष्ठ माध्यमिक सीईटी की तैयारी में इस टॉपिक को मानसिक क्षमता और विश्लेषणात्मक तर्क अभ्यास की तरह पढ़ें; ऐसे प्रश्न पहले मांग पहचानकर हल करें: निष्कर्ष, समर्थन, विरोध, पूर्वधारणा, व्याख्या या कार्यवाही।

तार्किक विवेचन में क्या पूछा जाता है

वरिष्ठ माध्यमिक सीईटी की तैयारी में यह टॉपिक मानसिक क्षमता और विश्लेषणात्मक तर्क अभ्यास से जुड़ता है, बाहरी सामान्य ज्ञान से नहीं। इसमें छोटे कथन, प्रस्ताव, नियम, सूचना या स्थिति को पढ़कर तय करना होता है कि क्या निश्चित रूप से निकलता है, क्या केवल संभव है, क्या पहले से मान लिया गया है और कौन-सा कारण मजबूत है।

काम को व्यावहारिक रखें। कथन परीक्षा कक्ष, ग्राम सेवा केंद्र, विद्यालय सूचना, जिला कार्यालय की कतार, पारिवारिक संबंध या किसी साधारण सार्वजनिक समस्या से जुड़ा हो सकता है। संदर्भ बदलता है, पर तरीका वही रहता है: केवल दी गई जानकारी का उपयोग करें, शब्दों की सीमा ध्यान में रखें और वह विकल्प हटाएं जो नया तथ्य जोड़ रहा हो।

तीन कसौटियां बार-बार आती हैं। कथन-निष्कर्ष में निष्कर्ष कथनों से पक्का निकलना चाहिए। कथन-तर्क में कारण प्रासंगिक और व्यावहारिक होना चाहिए। पूर्वधारणा या कारण-परिणाम में छिपा आधार या संभावित व्याख्या दिए गए तथ्यों से बिना खींचतान के मिलनी चाहिए।

परीक्षा संकेत: पहले प्रश्न की मांग पहचानें, फिर हर विकल्प को उसी मांग पर कसें।

पूरा नोट खोलें

यह सार्वजनिक पृष्ठ पहला उपलब्ध खंड दिखाता है। स्टडी पैक पूरा विषय और सभी पुनरावलोकन सामग्री खोलता है।

5 और खंड पूरे नोट में हैं

स्टडी पैक खोलें