मुख्य तथ्य

  • कूट-लेखन में पहले नियम का परिवार पहचानें: समान अक्षर-स्थानांतरण, उलटा क्रम, वर्णक्रम पुनर्व्यवस्था, संख्या-स्थान या प्रतीक-प्रतिस्थापन।
  • अक्षर कूट में A से Z तक 1 से 26 स्थान मानना उपयोगी तरीका है; उत्तर तभी सही है जब हर अक्षर पर वही नियम चले।
  • संख्या कूट में अक्षर-स्थान, अंकों का जोड़, गुणा, वर्ग, उलटा क्रम और स्थान-आधारित बदलाव पहले जाँचे जाते हैं।
  • प्रतीक कूट में हर चिह्न शब्द, अक्षर, संबंध या क्रिया का संकेत हो सकता है; चिह्न का अर्थ केवल दिए हुए कथन से तय करें।
  • रक्त-सम्बन्ध में माता-पिता और संतान का संबंध दिशा-युक्त होता है, जबकि पति-पत्नी का संबंध दोनों दिशाओं में पढ़ा जा सकता है।

मुख्य बिंदु

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    कूट-लेखन में पहले नियम का परिवार पहचानें: समान अक्षर-स्थानांतरण, उलटा क्रम, वर्णक्रम पुनर्व्यवस्था, संख्या-स्थान या प्रतीक-प्रतिस्थापन।

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    अक्षर कूट में A से Z तक 1 से 26 स्थान मानना उपयोगी तरीका है; उत्तर तभी सही है जब हर अक्षर पर वही नियम चले।

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    संख्या कूट में अक्षर-स्थान, अंकों का जोड़, गुणा, वर्ग, उलटा क्रम और स्थान-आधारित बदलाव पहले जाँचे जाते हैं।

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    प्रतीक कूट में हर चिह्न शब्द, अक्षर, संबंध या क्रिया का संकेत हो सकता है; चिह्न का अर्थ केवल दिए हुए कथन से तय करें।

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    रक्त-सम्बन्ध में माता-पिता और संतान का संबंध दिशा-युक्त होता है, जबकि पति-पत्नी का संबंध दोनों दिशाओं में पढ़ा जा सकता है।

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    परिवार-वृक्ष बनाते समय हर व्यक्ति को केवल एक बार रखें; लिंग, पीढ़ी और विवाह-रेखा अलग-अलग चिह्नित करें।

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    नकारात्मक सूचना, जैसे "द, क की पुत्री नहीं है", अकेले देखकर द को पुत्र सिद्ध नहीं करती; बाकी सूचना से ही निष्कर्ष निकालें।

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    बैठक-व्यवस्था में विकल्प देखने से पहले क्रम, स्थान और दिशा का छोटा नक्शा बनाना जरूरी है।

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    अभ्यास में पहले वाक्य या कूट को छोटे भागों में तोड़ें, फिर नियम लगाएँ और अंत में उलटी जाँच से उत्तर पक्का करें।

कूट-लेखन की मूल समझ

कूट-लेखन नियम पहचानने वाला प्रश्न है। परीक्षक एक कूट रूप देता है और अभ्यर्थी से अपेक्षा करता है कि वह मूल शब्द, संख्या या प्रतीक में हुआ बदलाव समझे। CET वरिष्ठ माध्यमिक के तर्क-विवेचन खंड में कूट-लेखन आधिकारिक पाठ्यक्रम में है, इसलिए तैयारी का सुरक्षित तरीका उदाहरण याद करना नहीं, बल्कि छोटे और दोहराए जा सकने वाले नियम पहचानना है। कूट में अक्षर आगे-पीछे जा सकते हैं, क्रम उलट सकता है, संख्या-स्थान लग सकते हैं, प्रतीक बदले जा सकते हैं या दो सरल क्रियाएँ साथ चल सकती हैं। उत्तर केवल इसलिए न चुनें कि वह मिलता-जुलता दिख रहा है; वही उत्तर सही है जिस पर पूरा नियम हर भाग में समान रूप से बैठे।

पहले मूल और कूट जोड़ी लिखें। यदि C A T को F D W लिखा गया है, तो C से F, A से D और T से W में हर बार 3 स्थान आगे बढ़े हैं। इसलिए नियम +3 है और इसी नियम से D O G का कूट G R J होगा। जयपुर या कोटा जैसे नाम उदाहरण में आएँ तो भी उन्हें सामान्य अक्षर-समूह की तरह पढ़ें; स्थानीय ज्ञान से उत्तर नहीं निकलेगा।

परीक्षा संकेत: कूट प्रश्न में मूल वस्तु, कूट रूप और क्रिया की छोटी तालिका सबसे काम की होती है।

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