मुख्य तथ्य

  • राजस्थान का खान एवं भू-विज्ञान विभाग राज्य में 81 प्रकार के खनिज और 57 व्यावसायिक रूप से खनित खनिज बताता है।
  • 4 संभावित पेट्रोलिफेरस बेसिन जैसलमेर, बाड़मेर-सांचौर, बीकानेर-नागौर और विंध्यन हैं; बेसिन को किसी एक तेल-क्षेत्र या रिफाइनरी से न मिलाएं।
  • खान और खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियम की धारा 9B खनन-प्रभावित लोगों और क्षेत्रों के हित व लाभ के लिए जिला खनिज फाउंडेशन की व्यवस्था देती है।
  • राजस्थान खनिज नीति 2024 खनिज विकास को पारदर्शिता, मूल्य-संवर्धन, पर्यावरण सुरक्षा, रोजगार और समुदाय-कल्याण से जोड़ती है।

मुख्य बिंदु

  1. 1

    सीईटी वरिष्ठ माध्यमिक में इस विषय को राजस्थान के प्राकृतिक संसाधनों वाले सिलेबस के खनिज-संसाधन हिस्से तक रखें और संसाधन, स्थान, उपयोग तथा जिम्मेदारी के साथ दोहराएं।

  2. 2

    राजस्थान का खान एवं भू-विज्ञान विभाग राज्य में 81 प्रकार के खनिज और 57 व्यावसायिक रूप से खनित खनिज बताता है।

  3. 3

    सीसा-जस्ता-चांदी को जावर, राजपुरा-दरीबा, सिंदेसर खुर्द और रामपुरा-आगुचा से, जबकि तांबे को खेतड़ी कॉपर बेल्ट से जोड़ें।

  4. 4

    उदयपुर का झामरकोटड़ा रॉक फॉस्फेट का प्रमुख स्थान है; रॉक फॉस्फेट उर्वरक से और चूना-पत्थर व जिप्सम प्रमुख औद्योगिक उपयोगों से जुड़ते हैं।

  5. 5

    मकराना संगमरमर, डेगाना टंगस्टन और राजस्थान के अलग-अलग निर्माण-पत्थर निर्माण व सजावटी पत्थर के काम से जुड़े हैं।

  6. 6

    4 संभावित पेट्रोलिफेरस बेसिन जैसलमेर, बाड़मेर-सांचौर, बीकानेर-नागौर और विंध्यन हैं; बेसिन को किसी एक तेल-क्षेत्र या रिफाइनरी से न मिलाएं।

  7. 7

    राजस्थान राज्य खान एवं खनिज लिमिटेड राजस्थान सरकार का उद्यम है जो मुख्य रूप से रॉक फॉस्फेट, लिग्नाइट, चूना-पत्थर और जिप्सम से जुड़ा है; खेतड़ी के संदर्भ में हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड महत्वपूर्ण है।

  8. 8

    खान और खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियम की धारा 9B खनन-प्रभावित लोगों और क्षेत्रों के हित व लाभ के लिए जिला खनिज फाउंडेशन की व्यवस्था देती है।

  9. 9

    राजस्थान खनिज नीति 2024 खनिज विकास को पारदर्शिता, मूल्य-संवर्धन, पर्यावरण सुरक्षा, रोजगार और समुदाय-कल्याण से जोड़ती है।

  10. 10

    अच्छा उत्तर बदलती रैंकिंग से बचकर भूगर्भीय मौजूदगी को उद्योग, कानूनी खनन, श्रमिक सुरक्षा, भूमि सुधार और समुदाय के लाभ से जोड़ता है।

सिलेबस का दायरा और पढ़ने का तरीका

यह विषय सीईटी वरिष्ठ माध्यमिक में राजस्थान भूगोल के उस भाग से आता है जिसमें राजस्थान के प्राकृतिक संसाधन: खनिज संसाधन, वन संसाधन और जल संसाधन दिए हैं। इसलिए यह पाठ उसी खनिज-संसाधन हिस्से तक सीमित रहना चाहिए। इसे भारत-भर का खनिज अध्याय या वरिष्ठ माध्यमिक सिलेबस से बाहर का नीति-अध्याय नहीं बनाना है। परीक्षा का तरीका सीधा है: संसाधन पहचानें, उसे राजस्थान के स्थान से जोड़ें, उसका उपयोग समझें और खनन से जुड़े प्रशासन या पर्यावरण के सवाल को देखें।

राजस्थान खनिज-समृद्ध है, क्योंकि अरावली पट्टी, मरुस्थलीय निक्षेप और पश्चिमी बेसिन मिलकर विविध संसाधन आधार बनाते हैं। खान एवं भू-विज्ञान विभाग राज्य में 81 प्रकार के खनिज बताता है, जिनमें 57 का व्यावसायिक खनन होता है। सीईटी में लंबी सूची से अधिक स्थिर जोड़ काम आते हैं। जावर को सीसा-जस्ता, खेतड़ी को तांबा, झामरकोटड़ा को रॉक फॉस्फेट, मकराना को संगमरमर, बाड़मेर-सांचौर को पेट्रोलियम और पश्चिमी जिलों को सवाल के अनुसार लिग्नाइट या जिप्सम से जोड़ना उपयोगी है।

दोहराते समय 2 मुख्य खांचे बनाएं। धात्विक खनिजों में सीसा-जस्ता-चांदी, तांबा, लौह अयस्क, मैंगनीज और टंगस्टन रखें। अधात्विक और ईंधन-संबंधी खनन संसाधनों में जिप्सम, चूना-पत्थर, संगमरमर, बलुआ पत्थर, रॉक फॉस्फेट, फेल्सपार, बॉल क्ले, कैल्साइट, वोलास्टोनाइट, लिग्नाइट, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस रखें। इससे पाठ वरिष्ठ माध्यमिक के प्राकृतिक-संसाधन दायरे में रहता है और अनावश्यक स्नातक-स्तर विस्तार से बचता है।

पूरा नोट खोलें

यह सार्वजनिक पृष्ठ पहला उपलब्ध खंड दिखाता है। स्टडी पैक पूरा विषय और सभी पुनरावलोकन सामग्री खोलता है।

9 और खंड पूरे नोट में हैं

स्टडी पैक खोलें

संभावित प्रश्न

अभ्यास में जाने से पहले उत्तर संरचना जाँचने के लिए इन प्रश्नों का उपयोग करें।

15Mयह सामग्री अभी उपलब्ध नहीं है।5 अंक · 50 शब्द

मॉडल उत्तर

खेतड़ी, खेतड़ी कॉपर बेल्ट का तांबे का प्रमुख क्षेत्र है और हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड का खेतड़ी कॉपर कॉम्प्लेक्स खेतड़ीनगर में है। इससे खनिज, पट्टी और संस्था सीधे जुड़ते हैं। किसी जिले में कई संसाधन हो सकते हैं, इसलिए केवल जिले का नाम सवाल में पूछे गए खास संबंध को ठीक से नहीं बताता।

~50 शब्द · 5 अंक