मुख्य तथ्य

  • 2026 RSSB वरिष्ठ माध्यमिक CET के लिए इस विषय को राजस्थान भूगोल के उस भाग तक रखें जिसमें राजस्थान के प्राकृतिक संसाधन: खनिज संसाधन, वन संसाधन और जल संस...
  • राजस्थान का खान एवं भू-विज्ञान विभाग राज्य में 81 प्रकार के खनिज और 57 व्यावसायिक रूप से खनित खनिज बताता है;
  • राजस्थान के पेट्रोलियम भूगोल में 4 संभावित पेट्रोलिफेरस बेसिन पढ़े जाते हैं: जैसलमेर, बाड़मेर-सांचौर, बीकानेर-नागौर और विंध्यन;
  • राजस्थान खनिज नीति 2024 जिम्मेदार, पारदर्शी और टिकाऊ खनिज विकास, मूल्य-संवर्धन, रोजगार, ESG व्यवहार और समुदाय-कल्याण पर जोर देती है।

मुख्य बिंदु

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    2026 RSSB वरिष्ठ माध्यमिक CET के लिए इस विषय को राजस्थान भूगोल के उस भाग तक रखें जिसमें राजस्थान के प्राकृतिक संसाधन: खनिज संसाधन, वन संसाधन और जल संसाधन दिए हैं; यह पाठ उसी में खनिज संसाधनों पर केंद्रित है।

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    राजस्थान का खान एवं भू-विज्ञान विभाग राज्य में 81 प्रकार के खनिज और 57 व्यावसायिक रूप से खनित खनिज बताता है; इस अध्याय को खनिज + स्थान + उपयोग से पढ़ें।

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    सीसा-जस्ता-चांदी को अरावली पट्टी और जावर, राजपुरा-दरीबा, सिंदेसर खुर्द, रामपुरा-आगुचा जैसे स्थानों से जोड़ें; तांबा के लिए खेतड़ी कॉपर बेल्ट सबसे सुरक्षित जोड़ है।

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    RSMML राजस्थान सरकार का उद्यम है, जो मुख्य रूप से रॉक फॉस्फेट, लिग्नाइट, चूना-पत्थर और जिप्सम से जुड़ा है; झामरकोटड़ा रॉक फॉस्फेट इसका प्रमुख परीक्षा-संबंध है।

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    राजस्थान के पेट्रोलियम भूगोल में 4 संभावित पेट्रोलिफेरस बेसिन पढ़े जाते हैं: जैसलमेर, बाड़मेर-सांचौर, बीकानेर-नागौर और विंध्यन; इसलिए पेट्रोलियम और गैस को खनन-आधारित संसाधन की तरह दोहराएं।

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    राजस्थान खनिज नीति 2024 जिम्मेदार, पारदर्शी और टिकाऊ खनिज विकास, मूल्य-संवर्धन, रोजगार, ESG व्यवहार और समुदाय-कल्याण पर जोर देती है।

पाठ्यक्रम सीमा और पढ़ने का तरीका

यह विषय CET वरिष्ठ माध्यमिक में राजस्थान भूगोल के उस भाग से आता है जिसमें राजस्थान के प्राकृतिक संसाधन: खनिज संसाधन, वन संसाधन और जल संसाधन दिए हैं। इसलिए यह पाठ उसी खनिज-संसाधन हिस्से तक सीमित रहना चाहिए। इसे भारत-भर का खनिज अध्याय या वरिष्ठ माध्यमिक पाठ्यक्रम से बाहर का नीति-अध्याय नहीं बनाना है। परीक्षा का फ्रेम साफ है: संसाधन पहचानें, उसे राजस्थान के स्थान से जोड़ें, उसका उपयोग समझें और खनन से जुड़े प्रशासन या पर्यावरण प्रश्न को देखें।

राजस्थान खनिज-समृद्ध है, क्योंकि अरावली पट्टी, मरुस्थलीय निक्षेप और पश्चिमी बेसिन मिलकर विविध संसाधन आधार बनाते हैं। खान एवं भू-विज्ञान विभाग राज्य में 81 प्रकार के खनिज बताता है, जिनमें 57 का व्यावसायिक खनन होता है। CET में लंबी सूची से अधिक स्थिर जोड़ काम आते हैं। जावर को सीसा-जस्ता, खेतड़ी को तांबा, झामरकोटड़ा को रॉक फॉस्फेट, मकराना को संगमरमर, बाड़मेर-सांचौर को पेट्रोलियम और पश्चिमी जिलों को प्रश्न के अनुसार लिग्नाइट या जिप्सम से जोड़ना उपयोगी है।

दोहराते समय 2 मुख्य खांचे बनाएं। धात्विक खनिजों में सीसा-जस्ता-चांदी, तांबा, लौह अयस्क, मैंगनीज और टंगस्टन रखें। अधात्विक और ईंधन-संबंधी खनन संसाधनों में जिप्सम, चूना-पत्थर, संगमरमर, बलुआ पत्थर, रॉक फॉस्फेट, फेल्सपार, बॉल क्ले, कैल्साइट, वोलास्टोनाइट, लिग्नाइट, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस रखें। इससे पाठ वरिष्ठ माध्यमिक के प्राकृतिक-संसाधन दायरे में रहता है और अनावश्यक स्नातक-स्तर विस्तार से बचता है।

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