काल, वाच्य, कथन, आर्टिकल एवं पूर्वसर्ग
मुख्य तथ्य
- लागू व्याकरण: CET Graduation में ये विषय लंबे सिद्धांत की तरह नहीं, बल्कि रिक्त-स्थान, रूपांतरण और सही विकल्प पहचानने की क्षमता के रूप में पूछे जाते ह…
- काल-चयन: क्रिया-रूप चुनने से पहले समय, क्रिया-पक्ष और काल-क्रम तय करें;
- काल-क्रम: भूतकालीन कथन-क्रिया होने पर परोक्ष कथन में सामान्यतः पश्च-काल परिवर्तन होता है, पर सार्वभौमिक सत्य या स्थायी तथ्य में काल नहीं बदलता।
- कर्मवाच्य सूत्र: कर्मवाच्य में सही «be» रूप और «past participle» आता है; निरंतर कर्मवाच्य में «being» और पूर्ण कर्मवाच्य में «been» लगता है।
- मॉडल कर्मवाच्य: «must», «can», «may», «should» जैसे सहायक रूपों के बाद कर्मवाच्य «modal + be + past participle» से बनता है।
मुख्य बिंदु
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लागू व्याकरण: CET Graduation में ये विषय लंबे सिद्धांत की तरह नहीं, बल्कि रिक्त-स्थान, रूपांतरण और सही विकल्प पहचानने की क्षमता के रूप में पूछे जाते हैं।
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काल-चयन: क्रिया-रूप चुनने से पहले समय, क्रिया-पक्ष और काल-क्रम तय करें; «since», «for», «before», «after», «when» और «by the time» जैसे संकेत निर्णायक होते हैं।
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काल-क्रम: भूतकालीन कथन-क्रिया होने पर परोक्ष कथन में सामान्यतः पश्च-काल परिवर्तन होता है, पर सार्वभौमिक सत्य या स्थायी तथ्य में काल नहीं बदलता।
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कर्मवाच्य सूत्र: कर्मवाच्य में सही «be» रूप और «past participle» आता है; निरंतर कर्मवाच्य में «being» और पूर्ण कर्मवाच्य में «been» लगता है।
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मॉडल कर्मवाच्य: «must», «can», «may», «should» जैसे सहायक रूपों के बाद कर्मवाच्य «modal + be + past participle» से बनता है।
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कथन-विधि: पहले वाक्य-प्रकार पहचानें, फिर कथन-क्रिया, संयोजक, काल, सर्वनाम, समय-शब्द और शब्द-क्रम बदलें।
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प्रश्न-कथन: हाँ-नहीं प्रश्नों में «if» या «whether» आता है; «wh»-प्रश्न में वही «wh»-शब्द संयोजक बनता है और वाक्य कथन-क्रम में जाता है।
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आर्टिकल: «a/an» का चुनाव ध्वनि से होता है; «the» निश्चितता दिखाता है; सामान्य बहुवचन और अगणनीय संज्ञाओं में शून्य आर्टिकल सामान्य है।
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निर्धारक: «much», «many», «few», «a few», «little», «a little», «each», «every», «either» और «neither» संज्ञा-प्रकार और अर्थ के अनुसार बदलते हैं।
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पूर्वसर्ग: «good at», «interested in», «depend on», «senior to», «listen to» जैसे स्थिर संयोजन शाब्दिक हिंदी अनुवाद से नहीं, इकाई की तरह याद किए जाते हैं।
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अनुवाद-संबद्ध व्याकरण: «went», «has gone», «had gone» और «was going» हिंदी में पास-पास लग सकते हैं, पर अंग्रेज़ी में इनके व्याकरणिक अर्थ अलग हैं।
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परीक्षा-दिनचर्या: पूरा वाक्य पढ़ें, परखी जा रही संबंध-रेखा पहचानें, विकल्प को वाक्य में बैठाकर देखें और जो संरचना या अर्थ बिगाड़े उसे हटाएँ।
सीईटी स्नातक स्तर में अंग्रेज़ी व्याकरण कैसे पढ़ें?
सीईटी स्नातक स्तर में अंग्रेज़ी व्याकरण को नियमों की सूची की तरह नहीं, बल्कि सही विकल्प पहचानने और गलत विकल्प हटाने के परीक्षा-कौशल की तरह पढ़ना चाहिए। RSSB के २०२४ के आधिकारिक पाठ्यक्रम के अनुसार समान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर) के प्रश्नपत्र में १५० प्रश्न होते हैं। सीईटी स्नातक स्तर के General English भाग में व्याकरण को सिद्धांत-पत्र की तरह नहीं, बल्कि सही प्रयोग की क्षमता की तरह पूछा जाता है। RSSB के २०२४ पाठ्यक्रम में «Articles and Determiners», «Tenses», «Voice», «Narration», «Prepositions» और सामान्य वाक्यों का अनुवाद शामिल है। पुराने अधिकृत मास्टर प्रश्नपत्र भी यही रुझान दिखाते हैं: २०२२ के प्रश्नपत्र १३१ ए-डी के अंतिम अंग्रेज़ी प्रश्नों में «article», «preposition», «tense», «indirect speech» और «passive voice» आते हैं; २०२४ के नमूना मास्टर प्रश्नपत्र ए११, ए१५, ए१७ और बी२३ में «passive voice», «articles» और «prepositions» बार-बार पूछे गए हैं। इसलिए अभ्यर्थी को इन अध्यायों को उत्तर-विकल्प पहचानने के कौशल के रूप में पढ़ना चाहिए: सही रूप पहचानना, वाक्य को बदलना, और ऐसे विकल्प हटाना जो सुनने में परिचित लगते हैं पर नियम तोड़ते हैं।
गलती-मानचित्र की शुरुआत वाक्य-संरचना से करें। लगभग हर व्याकरण प्रश्न कर्ता, क्रिया, कर्म, पूरक या विशेषक पर टिका होता है। काल के प्रश्न देखते हैं कि क्रिया-रूप समय, क्रिया-पक्ष और काल-क्रम से मेल खाता है या नहीं। वाच्य के प्रश्न देखते हैं कि कर्तृवाच्य वाक्य का कर्म कर्मवाच्य वाक्य का कर्ता बन सकता है या नहीं, और «be + past participle» का सही रूप लगा है या नहीं। कथन के प्रश्न पूछते हैं कि उद्धृत कथन, प्रश्न या आदेश कथन-क्रिया के बाद कैसे बदलेगा। आर्टिकल और निर्धारक के प्रश्न संज्ञा के गिननीय, एकवचन, बहुवचन, निश्चित, सामान्य या परिमाण-सूचक होने पर निर्भर करते हैं। पूर्वसर्ग के प्रश्न यह परखते हैं कि अंग्रेज़ी में कौन-सा संबंध या सहप्रयोग स्वाभाविक है।
परीक्षा आम तौर पर परिभाषाएँ रटने पर अंक नहीं देती, जैसे «present perfect is used for an action completed in the past with present relevance». अंक तब मिलते हैं जब वही रूप वाक्य में सही लगाया जाए। उदाहरण के लिए, रिक्त-स्थान प्रश्न में «The train ___ before we reached the station.» दिया हो तो सही उत्तर «had left» होगा, क्योंकि एक भूतकालीन काम दूसरे भूतकालीन काम से पहले पूरा हो चुका था। कथन-परिवर्तन में «He said, I am tired» को «He said that he was tired» बनाना होगा, यदि कथन-क्रिया भूतकाल में है और काल न बदलने का कोई विशेष कारण नहीं है। वाच्य-परिवर्तन में «The clerk issued the certificate» का रूप «The certificate was issued by the clerk» होगा।
सबसे अधिक अंक दिलाने वाली तैयारी यह है कि हर व्याकरण क्षेत्र को उसके सामान्य गलत विकल्पों से जोड़कर पढ़ा जाए। काल में गलत विकल्प अक्सर वर्तमान और भूतकाल मिला देते हैं, जहाँ «Past Perfect» चाहिए वहाँ «Simple Past» लगा देते हैं, या कर्ता-क्रिया मेल भूल जाते हैं। वाच्य में गलत विकल्प «be» छोड़ देते हैं, गलत «participle» लगाते हैं, पुराने कर्म को गलत जगह रख देते हैं, या रूपांतरण करते समय काल बदल देते हैं। कथन में गलती सर्वनाम-परिवर्तन भूलने, उद्धरण-चिह्न बचा रखने, प्रश्न में «said» को «asked» न बनाने, या हर कथन-क्रिया के बाद यंत्रवत् «that» लगाने से होती है। आर्टिकल में गलती स्वर-ध्वनि से पहले «a», व्यंजन-ध्वनि से पहले «an», हर महत्त्वपूर्ण संज्ञा से पहले «the», या एकवचन गिननीय संज्ञा से पहले आवश्यक आर्टिकल छोड़ने से होती है। पूर्वसर्ग में गलती अक्सर हिंदी के शाब्दिक अर्थ के आधार पर विकल्प चुनने से होती है, जबकि अंग्रेज़ी का सहप्रयोग कुछ और मांगता है।
अनुवाद-संबद्ध व्याकरण इसलिए महत्त्वपूर्ण है क्योंकि कई परीक्षार्थी पहले हिंदी में सोचते हैं और फिर अंग्रेज़ी विकल्प चुनते हैं। यह तरीका तभी लाभ देता है जब व्याकरणिक प्रभाव समझ में आए। हिंदी में निरंतरता, आदत या पूर्णता अंग्रेज़ी से अलग ढंग से व्यक्त हो सकती है। «He has gone», «He went» और «He had gone» सामान्य हिंदी बातचीत में ढीले रूप से “गया” जैसे लग सकते हैं, लेकिन अंग्रेज़ी व्याकरण में ये एक-दूसरे के स्थान पर नहीं रखे जा सकते। इसी तरह “राम से पत्र लिखवाया गया” स्वाभाविक रूप से कर्मवाच्य या प्रेरणार्थक भाव की ओर ले जाता है; «Ram wrote a letter» कर्तृवाच्य है। सीईटी में सामान्य वाक्य आते हैं, इसलिए फंदा कठिन शब्दावली नहीं, बल्कि वह रूप है जो अर्थ बदल देता है।
सही परीक्षा-रणनीति यह है कि विकल्प देखने से पहले पूरा वाक्य पढ़ें। कर्ता, क्रिया और कर्म पहचानें। पूछें कि प्रश्न असल में क्या परख रहा है: समय, वाच्य, परोक्ष कथन, आर्टिकल, निर्धारक, पूर्वसर्ग या अनुवादगत अर्थ। फिर विकल्प को वाक्य में बैठाकर देखें। यदि विकल्प व्याकरणिक वाक्य तो बनाता है पर अर्थ बदल देता है, उसे हटाएँ। यदि अर्थ बचाता है पर संरचना तोड़ता है, उसे भी हटाएँ। यही अभ्यास व्याकरण को अलग-अलग नियमों से निकालकर अंक दिलाने वाली दिनचर्या में बदल देता है।
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