संधि, समास, उपसर्ग एवं प्रत्यय
मुख्य तथ्य
- राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की स्नातक स्तर समान पात्रता परीक्षा में संधि, समास, उपसर्ग और प्रत्यय मुख्यतः पहचान, सही युग्म और विग्रह के रूप में पूछे ज...
- संधि-विच्छेद में संयुक्त शब्द को दृश्य अक्षरों के हिसाब से नहीं, मूल स्रोत-पदों और ध्वनि-नियम के आधार पर तोड़ना चाहिए।
- प्रत्येक, सदैव और अभ्युदय जैसे रूपों में स्वर-मिलन का बिंदु सही विच्छेद तय करता है।
- निस्सार और मनोबल जैसे शब्दों में मूल विसर्ग छिप सकता है, इसलिए दिखाई देने वाला मध्य अक्षर हमेशा मूल घटक नहीं होता।
- द्वन्द्व समास में दोनों अथवा सभी पद प्रधान होते हैं; सभी पदों की समान प्रधानता वाला प्रश्न सीधे इसी भेद की ओर संकेत करता है।
मुख्य बिंदु
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राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की स्नातक स्तर समान पात्रता परीक्षा में संधि, समास, उपसर्ग और प्रत्यय मुख्यतः पहचान, सही युग्म और विग्रह के रूप में पूछे जाते हैं।
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संधि-विच्छेद में संयुक्त शब्द को दृश्य अक्षरों के हिसाब से नहीं, मूल स्रोत-पदों और ध्वनि-नियम के आधार पर तोड़ना चाहिए।
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प्रत्येक, सदैव और अभ्युदय जैसे रूपों में स्वर-मिलन का बिंदु सही विच्छेद तय करता है।
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निस्सार और मनोबल जैसे शब्दों में मूल विसर्ग छिप सकता है, इसलिए दिखाई देने वाला मध्य अक्षर हमेशा मूल घटक नहीं होता।
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द्वन्द्व समास में दोनों अथवा सभी पद प्रधान होते हैं; सभी पदों की समान प्रधानता वाला प्रश्न सीधे इसी भेद की ओर संकेत करता है।
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तत्पुरुष में कोई न कोई कारक-संबंध छिपा रहता है और विग्रह उस संबंध को खोलता है।
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कर्मधारय में एक पद दूसरे की विशेषता बताता है और दोनों उसी व्यक्ति या वस्तु को बताते हैं; प्रियसखा इसी तर्क से समझा जाता है।
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बहुव्रीहि में समस्त पद अपने प्रत्यक्ष शब्दों से बाहर किसी तीसरे धारक की ओर संकेत करता है।
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अव्ययीभाव में अव्यय या क्रियाविशेषणीय अंश प्रधान रहता है और पूरा पद अव्ययी अर्थ देता है।
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उपसर्ग आधार से पहले लगकर अर्थ की दिशा बदलता है; वह केवल शब्द का पहला अक्षर नहीं होता।
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क्रिया या धातु के अंत में लगने वाला प्रत्यय कृत प्रत्यय कहलाता है; यह पिछले प्रश्नपत्रों की शैली का सीधा भेद है।
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संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण के बाद लगकर संबंध, गुण, भाव या धारकता बनाने वाला प्रत्यय तद्धित पक्ष में आता है।
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सबसे आम गलतियाँ गलत संधि-विच्छेद, द्वन्द्व-कर्मधारय-बहुव्रीहि का भ्रम और धातु बनाम संज्ञा-आधार की गलती हैं।
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संधि, समास, उपसर्ग और प्रत्यय समान पात्रता परीक्षा में कैसे पूछे जाते हैं?
समान पात्रता परीक्षा में संधि, समास, उपसर्ग और प्रत्यय सीधे नियम-रटंत की तरह नहीं, बल्कि देवनागरी शब्दों के सही विच्छेद, विग्रह, भेद और आधार-पहचान के रूप में पूछे जाते हैं। वर्तमान 2026 राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की स्नातक स्तर समान पात्रता परीक्षा विज्ञापन में यह विषय सामान्य हिंदी के भीतर तीन सीधी पाठ्यक्रम पंक्तियों से जुड़ा है: संधि और संधि-विच्छेद; समास, भेद, सामासिक पदों की रचना और विग्रह; तथा उपसर्ग एवं प्रत्यय। परीक्षा वस्तुनिष्ठ है, इसलिए उपयोगी तैयारी यह नहीं कि व्युत्पत्ति पर लंबा निबंध कैसे लिखा जाए, बल्कि यह है कि सीमित समय में सही विच्छेद, विस्तार, श्रेणी और आधार कैसे पहचाना जाए।
काम करने का तरीका पहचान-आधारित रखें। संधि में पूछें कि कौन-सी ध्वनियाँ या मूल रूप जुड़े और वर्तमान शब्द किस ध्वनि-परिवर्तन से बना। समास में पूछें कि स्वाभाविक विग्रह क्या है और प्रधान पद कौन-सा है। उपसर्ग में पूछें कि मूल शब्द से पहले कौन-सा अर्थवान अंश लगा है और उसने अर्थ में क्या बदलाव किया। प्रत्यय में पूछें कि प्रत्यय क्रिया या धातु से जुड़ा है या संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण के आधार से। इन छोटे सवालों से नियम की पूरी बात भी बनी रहती है और परीक्षा में पहचान आसान होती है।
इन तीन आधिकारिक पाठ्यक्रम पंक्तियों से अध्याय की सीमा भी तय होनी चाहिए। यह नोट सामान्य हिंदी के साहित्य, पत्र-लेखन, विराम-चिह्न या पारिभाषिक शब्दावली में नहीं जाता; वे अलग प्रविष्टियाँ हैं। यहाँ ध्यान शब्द-निर्माण और विघटन पर है। अभ्यास में बने हुए शब्दों पर ध्यान दें: संधि-रूप का विच्छेद करें, समास का विग्रह करें, शब्द के शुरू में लगा उपसर्ग पहचानें और प्रत्यययुक्त शब्द का मूल शब्द पहचानें।
यह विषय हिंदी-शिक्षण का है, इसलिए सीखने की वस्तु स्वयं देवनागरी रूप हैं। सदैव, निस्सार, प्रियसखा, पित्रादेश, आनंदमग्न, कृत और तद्धित जैसे शब्दों को रोमन रूप में याद करने से लाभ नहीं होगा। परीक्षा में रूप देवनागरी में सामने आएगा और उत्तर भी उसी रूप की पहचान पर निर्भर करेगा। परीक्षा में भारी-भरकम परिभाषाओं के बजाय सही पहचान के अंक मिलते हैं। यदि आप शब्द का सही विच्छेद कर सकते हैं, समास का स्वाभाविक विग्रह बना सकते हैं और प्रत्यय का आधार पहचान सकते हैं, तो इस पूरे खंड के अधिकांश वस्तुनिष्ठ प्रश्न संभाले जा सकते हैं।
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