मुख्य तथ्य

  • RSSB CET ग्रेजुएशन लेवल 2026 के तार्किक विवेचन और गणित पाठ्यक्रम में केन्द्रीय प्रवृत्ति के माप: माध्य, माध्यिका और बहुलक स्पष्ट रूप से दिए गए हैं।
  • अंकगणितीय माध्य सभी प्रेक्षणों के योग को प्रेक्षणों की संख्या से भाग देकर मिलता है; आवृत्ति तालिका में यह fx का योग / f का योग होता है।
  • माध्यिका क्रमबद्ध आंकड़ों का बीच का मान है; प्रेक्षणों की संख्या सम हो तो बीच के दो मानों का औसत लिया जाता है।
  • बहुलक वह मान है जिसकी आवृत्ति सबसे अधिक हो; किसी आंकड़ा-समूह में एक बहुलक, एक से अधिक बहुलक या कोई साफ बहुलक नहीं भी हो सकता।
  • माध्य हर मान को शामिल करता है, इसलिए बहुत बड़े या बहुत छोटे मान से खिंच जाता है; तिरछे आंकड़ों या खुले वर्गों में माध्यिका अधिक भरोसेमंद होती है।

मुख्य बिंदु

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    RSSB CET ग्रेजुएशन लेवल 2026 के तार्किक विवेचन और गणित पाठ्यक्रम में केन्द्रीय प्रवृत्ति के माप: माध्य, माध्यिका और बहुलक स्पष्ट रूप से दिए गए हैं।

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    अंकगणितीय माध्य सभी प्रेक्षणों के योग को प्रेक्षणों की संख्या से भाग देकर मिलता है; आवृत्ति तालिका में यह fx का योग / f का योग होता है।

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    माध्यिका क्रमबद्ध आंकड़ों का बीच का मान है; प्रेक्षणों की संख्या सम हो तो बीच के दो मानों का औसत लिया जाता है।

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    बहुलक वह मान है जिसकी आवृत्ति सबसे अधिक हो; किसी आंकड़ा-समूह में एक बहुलक, एक से अधिक बहुलक या कोई साफ बहुलक नहीं भी हो सकता।

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    माध्य हर मान को शामिल करता है, इसलिए बहुत बड़े या बहुत छोटे मान से खिंच जाता है; तिरछे आंकड़ों या खुले वर्गों में माध्यिका अधिक भरोसेमंद होती है।

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    समूहित आंकड़ों में माध्य के लिए वर्ग-चिह्न, माध्यिका के लिए संचयी आवृत्ति और बहुलक के लिए बहुलक वर्ग की आवृत्ति-तुलना का उपयोग करें।

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    CET में केन्द्रीय प्रवृत्ति के प्रश्न तालिका, बार चार्ट, पाई चार्ट या छोटी संख्या-सूची से जुड़े हो सकते हैं, इसलिए सूत्र लगाने से पहले आंकड़ों को सही क्रम में रखें।

2026 CET ग्रेजुएशन पाठ्यक्रम में यह विषय क्यों जरूरी है

RSSB CET ग्रेजुएशन लेवल 2026 के पाठ्यक्रम में यह विषय तार्किक विवेचन और गणित खंड के अंदर “केन्द्रीय प्रवृत्ति के माप: माध्य, माध्यिका और बहुलक” के रूप में दिया गया है। इसलिए यह केवल अतिरिक्त सांख्यिकी नहीं, बल्कि सीधा परीक्षा विषय है। इसी खंड में ग्राफ, बार चार्ट, पाई चार्ट और रेखा ग्राफ से आंकड़ों का निरूपण भी है, इसलिए CET में यह प्रश्न साधारण सूची, छोटी तालिका या चार्ट-आधारित आंकड़ों से आ सकता है।

केन्द्रीय प्रवृत्ति का अर्थ है कई प्रेक्षणों को एक प्रतिनिधि मान से समझना। परीक्षा में तीन मुख्य माप काम आते हैं: अंकगणितीय माध्य, माध्यिका और बहुलक। माध्य पूछता है कि संतुलित औसत क्या है, माध्यिका पूछती है कि क्रम में बीच का मान क्या है, और बहुलक पूछता है कि कौन-सा मान सबसे अधिक बार आया है। हर प्रश्न में एक ही सूत्र लगाने की आदत गलत है; सही माप प्रश्न की भाषा और आंकड़ों के प्रकार से तय होता है।

CET के लिए दायरा व्यावहारिक रखें: असमूहित प्रेक्षण, साधारण आवृत्ति तालिका, वर्ग-अंतराल वाली समूहित तालिका और चार्ट से तेज गणना। गणना कठिन नहीं होती, पर गलती अक्सर यहीं होती है: माध्यिका से पहले आंकड़ों को क्रमबद्ध न करना, आवृत्ति को मान मान लेना, वर्ग-चिह्न न निकालना, या हर आंकड़ा-समूह में जबरन बहुलक ढूँढना।

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