घड़ी और कैलेंडर तर्क
मुख्य तथ्य
- 2026 सीईटी स्नातक स्तर के तार्किक विवेचन एवं गणित खंड में घड़ी और कैलेंडर स्पष्ट रूप से दिए गए हैं, इसलिए इस विषय में समय, कोण, तारीख और वार के सवालों...
- 12-घंटे वाली एनालॉग घड़ी में हर घंटे का निशान 30 डिग्री का होता है, मिनट वाली सुई प्रति मिनट 6 डिग्री और घंटे वाली सुई प्रति मिनट 0.5 डिग्री चलती है।
- समय घंटा:मिनट के लिए घंटे वाली सुई की स्थिति 30 × घंटा + 0.5 × मिनट और मिनट वाली सुई की स्थिति 6 × मिनट लें। दोनों का निरपेक्ष अंतर निकालें;
- कैलेंडर प्रश्न अतिरिक्त दिनों की गिनती से हल होते हैं: सामान्य वर्ष वार को 1 दिन और लीप वर्ष 2 दिन आगे बढ़ाता है।
- ग्रेगोरियन कैलेंडर में लीप-वर्ष नियम ज़रूरी है: 100 से विभाज्य वर्ष लीप वर्ष नहीं होता, जब तक वह 400 से भी विभाज्य न हो।
मुख्य बिंदु
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2026 सीईटी स्नातक स्तर के तार्किक विवेचन एवं गणित खंड में घड़ी और कैलेंडर स्पष्ट रूप से दिए गए हैं, इसलिए इस विषय में समय, कोण, तारीख और वार के सवालों की तैयारी ज़रूरी है।
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12-घंटे वाली एनालॉग घड़ी में हर घंटे का निशान 30 डिग्री का होता है, मिनट वाली सुई प्रति मिनट 6 डिग्री और घंटे वाली सुई प्रति मिनट 0.5 डिग्री चलती है।
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समय घंटा:मिनट के लिए घंटे वाली सुई की स्थिति 30 × घंटा + 0.5 × मिनट और मिनट वाली सुई की स्थिति 6 × मिनट लें। दोनों का निरपेक्ष अंतर निकालें; फिर उस अंतर और 360 − अंतर में जो छोटा हो, वही छोटा कोण होगा।
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घड़ी के प्रश्न में पहले यह पहचानें कि सवाल ठीक समय, लगभग समय, दर्पण-प्रतिबिंब, तेज चलने वाली घड़ी या धीमी चलने वाली घड़ी में से किस प्रकार का है।
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कैलेंडर प्रश्न अतिरिक्त दिनों की गिनती से हल होते हैं: सामान्य वर्ष वार को 1 दिन और लीप वर्ष 2 दिन आगे बढ़ाता है।
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ग्रेगोरियन कैलेंडर में लीप-वर्ष नियम ज़रूरी है: 100 से विभाज्य वर्ष लीप वर्ष नहीं होता, जब तक वह 400 से भी विभाज्य न हो।
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सीईटी में सुरक्षित तरीका है कि प्रश्न को मिनट, डिग्री या अतिरिक्त दिनों की गिनती में बदलें और फिर देखें कि विकल्प वही वार, अगला वार या पिछला वार पूछ रहा है।
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पाठ्यक्रम में जगह और परीक्षा-पद्धति
वर्तमान सीईटी स्नातक पाठ्यक्रम में यह विषय तार्किक विवेचन एवं गणित के भीतर दो सीधे बिंदुओं से आता है: घड़ी और कैलेंडर। इसलिए यहाँ गद्यांश से निष्कर्ष निकालने या बाहर के सामान्य ज्ञान की ज़रूरत नहीं है। यहाँ समय, कोण और दिनों की गिनती करके सही विकल्प तक पहुँचना होता है। परीक्षा में छोटे वस्तुनिष्ठ प्रश्न आ सकते हैं, जिनमें छोटा-सा हिसाब उत्तर तय करता है: किसी समय पर कोण, सुइयों के मिलने का समय, तारीख बदलने पर वार, या तेज या धीमी चलने वाली घड़ी का असर।
पहला नियम है कि गणना से पहले प्रश्न का प्रकार पहचानें। घड़ी में कोण, सुइयों का मिलना, विपरीत स्थिति, आईने में दिखने वाला समय, घड़ी का आगे या पीछे होना अथवा गलत चल रही घड़ी पूछी जा सकती है। कैलेंडर के प्रश्नों में वार, लीप वर्ष, वही कैलेंडर दोबारा कब आएगा, दो तारीखों का अंतर या अतिरिक्त दिन पूछे जा सकते हैं। हर प्रकार की विधि थोड़ी अलग होती है। प्रश्न का प्रकार पहचाने बिना सूत्र लगाने से अक्सर पास का लेकिन गलत विकल्प चुना जाता है।
परीक्षा में यह आदत रखें: संख्या के साथ इकाई लिखें। मिनट, डिग्री, घंटे और दिन को आपस में न मिलाएँ। प्रश्न में 20 मिनट हों तो मिनट वाली सुई 120 डिग्री चलती है, पर उसी समय घंटे वाली सुई भी 10 डिग्री चल चुकी होती है। प्रश्न में सोमवार के 73 दिन बाद पूछा हो तो 7 से भाग देने पर बचा शेष ही वार बदलता है। सीईटी के विकल्प अक्सर इकाइयों की इन्हीं गलतियों को पकड़ते हैं।
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