मुख्य तथ्य

  • भारतीय खान ब्यूरो की राजस्थान समीक्षा राजस्थान को खनिजों की उपलब्धता और विविधता में भारत का सबसे समृद्ध राज्य बताती है और 2020-21 में गौण खनिजों के अल...
  • मकराना संगमरमर पंजीकृत GI है: आवेदन संख्या 405, प्रमाणपत्र संख्या 233, प्रमाणपत्र तिथि 30-03-2015 और वैधता 08-04-2033 तक।
  • बाड़मेर-सांचौर बेसिन पेट्रोलियम का मुख्य संकेत है, जबकि प्राकृतिक गैस के संदर्भ खासकर जोधपुर और जैसलमेर बेसिन से जुड़ते हैं;
  • MNRE राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा नीति 2023 को 2029-30 तक 90 GW नवीकरणीय लक्ष्य के साथ सूचीबद्ध करता है: सौर 65 GW, पवन और हाइब्रिड 15 GW, तथा जलविद्युत/PS...
  • राजस्थान खनिज नीति 2024 खनिज रियायत क्षेत्र बढ़ाने और 2047 तक निष्कर्षण वाले खनिजों की संख्या 58 से 70 करने का लक्ष्य रखती है, साथ में अन्वेषण, नीलामी...

मुख्य बिंदु

  1. 1

    RSSB CET स्नातक पाठ्यक्रम-रूपरेखा में राजस्थान का भूगोल और प्राकृतिक संसाधन शामिल हैं, जिनमें खनिज, खान और ऊर्जा के परंपरागत/गैर-परंपरागत स्रोत आते हैं; इसलिए यह विषय पाठ्यक्रम के भीतर है।

  2. 2

    भारतीय खान ब्यूरो की राजस्थान समीक्षा राजस्थान को खनिजों की उपलब्धता और विविधता में भारत का सबसे समृद्ध राज्य बताती है और 2020-21 में गौण खनिजों के अलावा लगभग 50 खनिजों का उत्पादन दर्ज करती है।

  3. 3

    धात्विक खनिजों में मुख्य युग्म अलग रखें: रामपुरा-आगूचा-भीलवाड़ा और जावर-उदयपुर सीसा-जस्ता के संकेत हैं, जबकि झुंझुनूं का खेतड़ी-कोलिहान तांबे से जुड़ता है।

  4. 4

    मकराना संगमरमर पंजीकृत GI है: आवेदन संख्या 405, प्रमाणपत्र संख्या 233, प्रमाणपत्र तिथि 30-03-2015 और वैधता 08-04-2033 तक।

  5. 5

    RSMML के आधिकारिक खनन पृष्ठ झामरकोटड़ा को रॉक फॉस्फेट से और बाड़मेर के गिराल तथा नागौर के कस्नौ-मातासुख को लिग्नाइट से जोड़ते हैं; बाड़मेर की कपूरडी और जलिपा लिग्नाइट पट्टियां BLMCL से जुड़ी हैं।

  6. 6

    बाड़मेर-सांचौर बेसिन पेट्रोलियम का मुख्य संकेत है, जबकि प्राकृतिक गैस के संदर्भ खासकर जोधपुर और जैसलमेर बेसिन से जुड़ते हैं; मंगला, भाग्यम और ऐश्वर्या 2004 में खोजे गए और 2009 से चरणबद्ध उत्पादन में आए।

  7. 7

    MNRE राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा नीति 2023 को 2029-30 तक 90 GW नवीकरणीय लक्ष्य के साथ सूचीबद्ध करता है: सौर 65 GW, पवन और हाइब्रिड 15 GW, तथा जलविद्युत/PSP/BESS 10 GW।

  8. 8

    राजस्थान खनिज नीति 2024 खनिज रियायत क्षेत्र बढ़ाने और 2047 तक निष्कर्षण वाले खनिजों की संख्या 58 से 70 करने का लक्ष्य रखती है, साथ में अन्वेषण, नीलामी, मूल्य-वर्धन और जिम्मेदार खनन पर जोर देती है।

पाठ्यक्रम-रूपरेखा और खनिज भूगोल

यह विषय CET स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम में आता है, क्योंकि RSSB CET स्नातक पाठ्यक्रम-रूपरेखा में राजस्थान का भूगोल और प्राकृतिक संसाधन शामिल हैं, जिनमें खनिज, खान और ऊर्जा के परंपरागत/गैर-परंपरागत स्रोत आते हैं। इसे खानों की बिखरी हुई सूची की तरह नहीं, बल्कि संसाधन-भूगोल की तरह पढ़ें। परीक्षा अक्सर यह जांचती है कि आप किसी खनिज या ऊर्जा संसाधन को उसके जिले, भौतिक प्रदेश, उद्योग और उपयोग से जोड़ पा रहे हैं या नहीं।

राजस्थान का खनिज-वितरण उसके भूगर्भ से जुड़ा है। अरावली और उससे संबंधित पट्टियां धात्विक खनिजों का बड़ा आधार देती हैं, पुराने अवसादी और मरुस्थलीय बेसिन कई अधात्विक और ईंधन संसाधन देते हैं, और पश्चिमी शुष्क जिले पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, लिग्नाइट, सौर तथा पवन ऊर्जा के कारण महत्वपूर्ण बनते हैं। भारतीय खान ब्यूरो राजस्थान को खनिजों की उपलब्धता और विविधता में भारत का सबसे समृद्ध राज्य बताता है और 2020-21 में गौण खनिजों के अलावा लगभग 50 खनिजों का उत्पादन दर्ज करता है।

परीक्षा-संकेत: पहले संसाधन-पट्टी, फिर जिला, फिर आर्थिक उपयोग पढ़ें। यही क्रम अधिकांश गलत-सुमेलन विकल्पों से बचाता है।

पूरा नोट खोलें

यह सार्वजनिक पृष्ठ पहला उपलब्ध खंड दिखाता है। स्टडी पैक पूरा विषय और सभी पुनरावलोकन सामग्री खोलता है।

7 और खंड पूरे नोट में हैं

स्टडी पैक खोलें