मुख्य तथ्य

  • बॉडमास में सही क्रम कोष्ठक, घात, भाग/गुणा बाएँ से दाएँ और जोड़/घटाव बाएँ से दाएँ होता है; क्रम टूटने पर वही संख्याएँ अलग उत्तर दे सकती हैं।
  • म.स. सबसे बड़ा साझा भाजक है और यूक्लिड विधि में अंतिम गैर-शून्य शेषफल उत्तर देता है।
  • ल.स. में सभी अभाज्य गुणनखंडों की उच्चतम घात ली जाती है; दो संख्याओं के लिए म.स. × ल.स. = दोनों संख्याओं का गुणनफल होता है।
  • प्रतिशत का आधार हर चरण में बदल सकता है; +10 प्रतिशत के बाद +20 प्रतिशत का संयुक्त प्रभाव 32 प्रतिशत होता है, 30 प्रतिशत नहीं।
  • लाभ और हानि प्रतिशत क्रय मूल्य पर, जबकि छूट प्रतिशत अंकित मूल्य पर निकाला जाता है।

मुख्य बिंदु

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    बॉडमास में सही क्रम कोष्ठक, घात, भाग/गुणा बाएँ से दाएँ और जोड़/घटाव बाएँ से दाएँ होता है; क्रम टूटने पर वही संख्याएँ अलग उत्तर दे सकती हैं।

  2. 2

    म.स. सबसे बड़ा साझा भाजक है और यूक्लिड विधि में अंतिम गैर-शून्य शेषफल उत्तर देता है।

  3. 3

    ल.स. में सभी अभाज्य गुणनखंडों की उच्चतम घात ली जाती है; दो संख्याओं के लिए म.स. × ल.स. = दोनों संख्याओं का गुणनफल होता है।

  4. 4

    प्रतिशत का आधार हर चरण में बदल सकता है; +10 प्रतिशत के बाद +20 प्रतिशत का संयुक्त प्रभाव 32 प्रतिशत होता है, 30 प्रतिशत नहीं।

  5. 5

    लाभ और हानि प्रतिशत क्रय मूल्य पर, जबकि छूट प्रतिशत अंकित मूल्य पर निकाला जाता है।

  6. 6

    साझेदारी में लाभ का बँटवारा पूँजी × समय के अनुपात से होता है, केवल पूँजी के अनुपात से नहीं।

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    समय-कार्य और नल-टंकी में समयों का औसत नहीं लिया जाता; करने वाली दरें जोड़ी और खाली करने वाली दरें घटाई जाती हैं।

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    आँकड़ा निर्वचन में तालिका, बार चार्ट, पाई चार्ट और लाइन ग्राफ पढ़ते समय पहले कुल, आधार और इकाई स्पष्ट करें।

संख्या-आधार, विभाज्यता और बॉडमास कैसे हल करें?

संख्या-आधार, विभाज्यता और बॉडमास हल करने का सही तरीका यह है कि पहले संख्या का स्थान-मूल्य और इकाई पढ़ें, फिर विभाज्यता नियम लगाएँ और अंत में गणना को कोष्ठक, घात, भाग-गुणा तथा जोड़-घटाव के तय क्रम में करें। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की वस्तुनिष्ठ परीक्षा में संख्या-आधार का अर्थ कठिन सिद्धांत नहीं, बल्कि संख्या को सही पढ़ना और सही क्रम से गणना करना है। भारतीय अंक-प्रारूप में 1,00,00,000 और अंतर्राष्ट्रीय प्रारूप में 10,000,000 एक ही मान बताते हैं; गलती केवल कॉमा पढ़ने में होती है। बड़े आँकड़ों जैसे 6,85,48,437 या 3,42,239 को हल करने से पहले यह पहचानना जरूरी है कि प्रश्न स्थान-मूल्य, विभाज्यता, प्रतिशत या अनुमान में से क्या पूछ रहा है। जनगणना 2011 के राजस्थान पीसीए अध्याय 1 के अनुसार राजस्थान की कुल जनसंख्या 6,85,48,437 थी, इसलिए ऐसे वास्तविक आँकड़ों को पढ़ते समय कॉमा और स्थान-मूल्य की जाँच सीधे उत्तर बदल सकती है।

विभाज्यता के सामान्य नियम सीधे वस्तुनिष्ठ प्रश्न समय बचाते हैं। 2 के लिए अंतिम अंक सम, 3 और 9 के लिए अंकों का योग, 4 के लिए अंतिम दो अंक, 5 के लिए अंतिम अंक 0 या 5, 8 के लिए अंतिम तीन अंक और 10 के लिए अंतिम अंक 0 जाँचा जाता है। 6 के लिए 2 और 3 दोनों की शर्त पूरी होनी चाहिए। 11 में वैकल्पिक योग-वियोग विधि उपयोगी है। अभाज्य संख्या केवल 1 और स्वयं से विभाज्य होती है; 91 अभाज्य नहीं है, क्योंकि 91 = 7 × 13 है।

बॉडमास में पहले कोष्ठक, फिर घात, फिर भाग-गुणा बाएँ से दाएँ और अंत में जोड़-घटाव बाएँ से दाएँ किया जाता है। उदाहरण के लिए 12 + [6 × {(8 - 3) + 4}] ÷ 9 में पहले 8 - 3 = 5, फिर 5 + 4 = 9, फिर 6 × 9 = 54, फिर 54 ÷ 9 = 6 और अंत में 18 मिलता है। सार यही है: विकल्प देखने से पहले गणना-क्रम तय करें।

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