इंटरनेट और ईमेल की मूल बातें
मुख्य तथ्य
- 1969 में ARPANET पर पहला होस्ट-से-होस्ट संदेश भेजा गया; यही आधुनिक इंटरनेट के विकास की शुरुआती ऐतिहासिक घटना मानी जाती है।
- 1971 में रे टॉमलिन्सन ने शुरुआती नेटवर्क ईमेल में @ चिह्न का उपयोग किया; इससे उपयोगकर्ता और होस्ट मशीन को अलग पहचान मिली।
- 1 जनवरी 1983 को ARPANET ने TCP/IP को अपनाया; इससे अलग-अलग नेटवर्कों को एक साझा नियम-समूह से जोड़ने की दिशा मजबूत हुई।
- 1983 में पॉल मॉकापेट्रिस से जुड़ा DNS मॉडल आया; इसने याद रखने योग्य डोमेन नामों को संख्यात्मक IP पतों से जोड़ना आसान बनाया।
- 1989 में टिम बर्नर्स-ली ने वर्ल्ड वाइड वेब का प्रस्ताव रखा; वेब, इंटरनेट पर चलने वाली हाइपरटेक्स्ट सूचना-प्रणाली है।
मुख्य बिंदु
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1969 में ARPANET पर पहला होस्ट-से-होस्ट संदेश भेजा गया; यही आधुनिक इंटरनेट के विकास की शुरुआती ऐतिहासिक घटना मानी जाती है।
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1971 में रे टॉमलिन्सन ने शुरुआती नेटवर्क ईमेल में `@` चिह्न का उपयोग किया; इससे उपयोगकर्ता और होस्ट मशीन को अलग पहचान मिली।
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1 जनवरी 1983 को ARPANET ने TCP/IP को अपनाया; इससे अलग-अलग नेटवर्कों को एक साझा नियम-समूह से जोड़ने की दिशा मजबूत हुई।
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1983 में पॉल मॉकापेट्रिस से जुड़ा DNS मॉडल आया; इसने याद रखने योग्य डोमेन नामों को संख्यात्मक IP पतों से जोड़ना आसान बनाया।
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1989 में टिम बर्नर्स-ली ने वर्ल्ड वाइड वेब का प्रस्ताव रखा; वेब, इंटरनेट पर चलने वाली हाइपरटेक्स्ट सूचना-प्रणाली है।
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15 अगस्त 1995 को VSNL ने भारत में सार्वजनिक इंटरनेट सेवा शुरू की; यह भारत में आम उपयोगकर्ता इंटरनेट की महत्वपूर्ण शुरुआत थी।
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1998 में Google की स्थापना हुई; सर्च इंजन के क्षेत्र में रैंकिंग और वेब-पृष्ठ खोज को लोकप्रिय बनाने में इसकी बड़ी भूमिका रही।
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इंटरनेट और वेब में क्या अंतर है?
इंटरनेट दुनिया भर के कंप्यूटरों, सर्वरों, मोबाइल डिवाइसों, राउटरों और अन्य नेटवर्कों का विशाल आधारभूत जाल है, जबकि वर्ल्ड वाइड वेब उसी इंटरनेट पर चलने वाली हाइपरलिंक आधारित सूचना-सेवा है। इंटरनेट का मुख्य काम डेटा को छोटे पैकेटों में बाँटकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाना है। इंटरनेट पर ईमेल, वेब, फ़ाइल अंतरण, ऑनलाइन भुगतान, वीडियो बैठक, क्लाउड सेवा और संदेश सेवा जैसी कई सुविधाएँ चलती हैं। इसलिए इंटरनेट को केवल वेबसाइट खोलने की सुविधा समझना अधूरा उत्तर है। आईटीयू के तथ्यों और आँकड़ों के अनुसार 2024 में दुनिया में 5.5 अरब लोग ऑनलाइन थे, इसलिए इंटरनेट को केवल वेब पृष्ठों तक सीमित मानना वास्तविक उपयोग-क्षेत्र को बहुत छोटा कर देता है।
वर्ल्ड वाइड वेब इंटरनेट पर उपलब्ध सूचना-संसाधनों की हाइपरलिंक आधारित व्यवस्था है। वेब पृष्ठ ब्राउज़र से खोले जाते हैं और सामान्यतः URL, HTTP या HTTPS, सर्वर और वेब दस्तावेज़ों से जुड़े होते हैं। टिम बर्नर्स-ली ने 1989 में वेब का विचार दिया, जबकि इंटरनेट की जड़ें उससे पहले ARPANET और TCP/IP के विकास में हैं। वस्तुनिष्ठ परीक्षा में अक्सर यही भ्रम पूछा जाता है कि वेब इंटरनेट का पर्याय नहीं, बल्कि इंटरनेट की एक सेवा है।
सार बात: इंटरनेट आधारभूत नेटवर्क है, वेब उस नेटवर्क पर चलने वाली एक प्रमुख सूचना-सेवा है।
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