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राजस्थान सरकार

मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना

राजस्थान सरकार

प्रकार और उद्देश्य: मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना राजस्थान सरकार की राज्य-स्तरीय निःशुल्क कोचिंग योजना है। यह उन मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से कमज़ोर विद्यार्थियों के लिए है जो भर्ती परीक्षाओं और पेशेवर प्रवेश परीक्षाओं की महँगी निजी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाते। इसकी शुरुआत 5 जून 2021 को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने की। इसका उद्देश्य आरक्षित और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के योग्य विद्यार्थियों को सूचीबद्ध कोचिंग संस्थानों के ज़रिए तैयारी का समान अवसर देना है। नोडल और क्रियान्वयन विभाग: • सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग नोडल विभाग है और सभी वर्गों के लिए एक ही ऑनलाइन प्रक्रिया चलाता है। • SC, OBC, MBC, EWS और विशेष योग्यजन वर्ग का काम सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग देखता है; ST वर्ग का काम जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग और अल्पसंख्यक वर्ग का काम अल्पसंख्यक मामलात विभाग देखता है। पात्रता: • आवेदक राजस्थान का मूल निवासी हो और SC, ST, OBC, MBC, EWS, अल्पसंख्यक या विशेष योग्यजन वर्ग से हो। • सभी स्रोतों से परिवार की वार्षिक आय ₹8,00,000 तक हो; माता-पिता राज्य सरकार के कर्मचारी हों तो यह सीमा पे मैट्रिक्स लेवल 11 तक और केंद्र सरकार के कर्मचारी हों तो पे मैट्रिक्स लेवल 6 तक मानी जाती है। • विद्यार्थी ने किसी पिछले सत्र में इस निःशुल्क कोचिंग योजना का लाभ न लिया हो। यह लाभ केवल एक बार मिलता है। • अलग-अलग परीक्षाओं के लिए अंकों की शर्तें भी अलग हैं: UPSC और RAS के लिए 12वीं तथा स्नातक के अंतिम 2 वर्षों के अंक, JEE/NEET और CLAT के लिए 10वीं के अंक, और REET के लिए B.Ed या STC के साथ 12वीं के अंक देखे जाते हैं। • चयनित विद्यार्थियों में कम से कम 50% बालिकाएँ होती हैं। लाभ और राशि (कोचिंग शुल्क विभाग सीधे संस्थान को देता है): • UPSC सिविल सेवा के लिए परिणामोन्मुख संस्थान से ₹75,000 या अन्य सूचीबद्ध संस्थान से ₹50,000 मिलते हैं। अवधि 1 वर्ष है। • और अधीनस्थ सेवा के लिए ₹50,000 या ₹40,000 मिलते हैं। अवधि 1 वर्ष है। • RPSC सब-इंस्पेक्टर और पे मैट्रिक्स लेवल 10 या उससे ऊपर की परीक्षाओं के लिए ₹20,000 और अवधि 6 माह है; REET के लिए ₹15,000 और अवधि 4 माह है; RSSB पटवारी, कनिष्ठ सहायक जैसी परीक्षाओं और कांस्टेबल के लिए ₹10,000-₹10,000 और अवधि 4 माह है। • RRB और बैंकिंग/बीमा भर्ती परीक्षाओं के लिए ₹20,000-₹20,000 और अवधि 6 माह है; SSC और CDS के लिए परिणामोन्मुख संस्थान से ₹40,000 या अन्य सूचीबद्ध संस्थान से ₹25,000 मिलते हैं और अवधि 1 वर्ष है। • JEE और NEET के लिए परिणामोन्मुख संस्थान से ₹70,000 प्रति वर्ष या अन्य सूचीबद्ध संस्थान से ₹55,000 प्रति वर्ष मिलते हैं। यह लाभ अधिकतम 2 वर्ष तक मिलता है। CLAT के लिए ₹40,000 या ₹25,000 और अवधि 1 वर्ष है। CA/CS/CMA (CAFC/CSEET/CMFAC) की कोचिंग के लिए परिणामोन्मुख संस्थान से ₹40,000 या अन्य सूचीबद्ध संस्थान से ₹25,000 मिलते हैं और अवधि 1 वर्ष है। • UPSC, RAS, JEE/NEET, CA, CS और CMA की तैयारी के लिए अपने शहर से दूसरे शहर जाकर कोचिंग करने वाले विद्यार्थियों को रहने और भोजन के लिए ₹40,000 प्रति वर्ष अलग से सीधे दिए जाते हैं। सीटों का बँटवारा और लक्ष्य: • विद्यार्थियों का सालाना लक्ष्य 15,000 से बढ़ाकर 30,000 किया गया। इन 30,000 सीटों में लगभग 15,000 सरकारी भर्ती परीक्षाओं और लगभग 15,000 पेशेवर या प्रवेश पाठ्यक्रमों के लिए हैं। • वर्ग के अनुसार 30,000 सीटें इस तरह बँटी हैं: SC 8,700, ST 6,300, OBC 6,300, EWS 3,000, अल्पसंख्यक 3,000, MBC 1,500 और विशेष योग्यजन 1,200। • परीक्षा के अनुसार सीटों की कुल संख्या 30,000 है: JEE/NEET 12,000, RSSB पटवारी/कनिष्ठ सहायक जैसी परीक्षाएँ 3,600, REET 2,850, कांस्टेबल 2,400, CA/CS/CMA 2,400, RPSC SI और लेवल 10 या उससे ऊपर की परीक्षाएँ 2,100, RAS 900, RRB 900, बैंकिंग/बीमा 900, SSC/CDS 900, CLAT 600 और UPSC 450। आवेदन और भुगतान: • आवेदन राजस्थान SSO पोर्टल पर सामाजिक न्याय प्रबंधन प्रणाली (SJMS) के मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग मॉड्यूल से जन आधार के ज़रिए ऑनलाइन होता है। जहाँ संभव हो, दस्तावेज़ों की जाँच डेटाबेस से होती है। • मेरिट सूची 10वीं या 12वीं बोर्ड के प्रतिशत के आधार पर परीक्षा, वर्ग और पूरे राज्य के स्तर पर बनती है। CBSE बोर्ड के अंक 0.9 से गुणा किए जाते हैं, जबकि RBSE के अंक ज्यों के त्यों लिए जाते हैं। संस्थान का आवंटन मेरिट और वरीयता के आधार पर होता है। विभाग की मंज़ूरी से खाली सीटें दूसरे पात्र वर्गों को दी जा सकती हैं। • कोचिंग शुल्क संस्थान को किश्तों में, आमतौर पर 60:40 के अनुपात में, मिलता है। भुगतान प्रवेश और आधार आधारित उपस्थिति से जुड़ा रहता है। परीक्षा के लिए मुख्य बात: • यह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधीन राजस्थान की अनुदान आधारित, गैर-अंशदायी और हर साल चलने वाली कल्याणकारी योजना है, न कि केंद्र सरकार की योजना। यह एकमुश्त छात्रवृत्ति से अलग है, क्योंकि कोचिंग शुल्क विद्यार्थी के बजाय सीधे संस्थान को मिलता है।

मास्टर रिकॉर्ड

फ़ील्डविवरण
नाममुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना
प्रकार / श्रेणीराजस्थान सरकार
स्तरराजस्थान सरकार
उद्देश्यप्रकार और उद्देश्य: मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना राजस्थान सरकार की राज्य-स्तरीय निःशुल्क कोचिंग योजना है। यह उन मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से कमज़ोर विद्यार्थियों के लिए है जो भर्ती परीक्षाओं और पेशेवर प्रवेश परीक्षाओं की महँगी निजी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाते। इसकी शुरुआत 5 जून 2021 को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने की। इसका उद्देश्य आरक्षित और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के योग्य विद्यार्थियों को सूचीबद्ध कोचिंग संस्थानों के ज़रिए तैयारी का समान अवसर देना है। नोडल और क्रियान्वयन विभाग: • सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग नोडल विभाग है और सभी वर्गों के लिए एक ही ऑनलाइन प्रक्रिया चलाता है। • SC, OBC, MBC, EWS और विशेष योग्यजन वर्ग का काम सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग देखता है; ST वर्ग का काम जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग और अल्पसंख्यक वर्ग का काम अल्पसंख्यक मामलात विभाग देखता है। पात्रता: • आवेदक राजस्थान का मूल निवासी हो और SC, ST, OBC, MBC, EWS, अल्पसंख्यक या विशेष योग्यजन वर्ग से हो। • सभी स्रोतों से परिवार की वार्षिक आय ₹8,00,000 तक हो; माता-पिता राज्य सरकार के कर्मचारी हों तो यह सीमा पे मैट्रिक्स लेवल 11 तक और केंद्र सरकार के कर्मचारी हों तो पे मैट्रिक्स लेवल 6 तक मानी जाती है। • विद्यार्थी ने किसी पिछले सत्र में इस निःशुल्क कोचिंग योजना का लाभ न लिया हो। यह लाभ केवल एक बार मिलता है। • अलग-अलग परीक्षाओं के लिए अंकों की शर्तें भी अलग हैं: UPSC और RAS के लिए 12वीं तथा स्नातक के अंतिम 2 वर्षों के अंक, JEE/NEET और CLAT के लिए 10वीं के अंक, और REET के लिए B.Ed या STC के साथ 12वीं के अंक देखे जाते हैं। • चयनित विद्यार्थियों में कम से कम 50% बालिकाएँ होती हैं। लाभ और राशि (कोचिंग शुल्क विभाग सीधे संस्थान को देता है): • UPSC सिविल सेवा के लिए परिणामोन्मुख संस्थान से ₹75,000 या अन्य सूचीबद्ध संस्थान से ₹50,000 मिलते हैं। अवधि 1 वर्ष है। • और अधीनस्थ सेवा के लिए ₹50,000 या ₹40,000 मिलते हैं। अवधि 1 वर्ष है। • RPSC सब-इंस्पेक्टर और पे मैट्रिक्स लेवल 10 या उससे ऊपर की परीक्षाओं के लिए ₹20,000 और अवधि 6 माह है; REET के लिए ₹15,000 और अवधि 4 माह है; RSSB पटवारी, कनिष्ठ सहायक जैसी परीक्षाओं और कांस्टेबल के लिए ₹10,000-₹10,000 और अवधि 4 माह है। • RRB और बैंकिंग/बीमा भर्ती परीक्षाओं के लिए ₹20,000-₹20,000 और अवधि 6 माह है; SSC और CDS के लिए परिणामोन्मुख संस्थान से ₹40,000 या अन्य सूचीबद्ध संस्थान से ₹25,000 मिलते हैं और अवधि 1 वर्ष है। • JEE और NEET के लिए परिणामोन्मुख संस्थान से ₹70,000 प्रति वर्ष या अन्य सूचीबद्ध संस्थान से ₹55,000 प्रति वर्ष मिलते हैं। यह लाभ अधिकतम 2 वर्ष तक मिलता है। CLAT के लिए ₹40,000 या ₹25,000 और अवधि 1 वर्ष है। CA/CS/CMA (CAFC/CSEET/CMFAC) की कोचिंग के लिए परिणामोन्मुख संस्थान से ₹40,000 या अन्य सूचीबद्ध संस्थान से ₹25,000 मिलते हैं और अवधि 1 वर्ष है। • UPSC, RAS, JEE/NEET, CA, CS और CMA की तैयारी के लिए अपने शहर से दूसरे शहर जाकर कोचिंग करने वाले विद्यार्थियों को रहने और भोजन के लिए ₹40,000 प्रति वर्ष अलग से सीधे दिए जाते हैं। सीटों का बँटवारा और लक्ष्य: • विद्यार्थियों का सालाना लक्ष्य 15,000 से बढ़ाकर 30,000 किया गया। इन 30,000 सीटों में लगभग 15,000 सरकारी भर्ती परीक्षाओं और लगभग 15,000 पेशेवर या प्रवेश पाठ्यक्रमों के लिए हैं। • वर्ग के अनुसार 30,000 सीटें इस तरह बँटी हैं: SC 8,700, ST 6,300, OBC 6,300, EWS 3,000, अल्पसंख्यक 3,000, MBC 1,500 और विशेष योग्यजन 1,200। • परीक्षा के अनुसार सीटों की कुल संख्या 30,000 है: JEE/NEET 12,000, RSSB पटवारी/कनिष्ठ सहायक जैसी परीक्षाएँ 3,600, REET 2,850, कांस्टेबल 2,400, CA/CS/CMA 2,400, RPSC SI और लेवल 10 या उससे ऊपर की परीक्षाएँ 2,100, RAS 900, RRB 900, बैंकिंग/बीमा 900, SSC/CDS 900, CLAT 600 और UPSC 450। आवेदन और भुगतान: • आवेदन राजस्थान SSO पोर्टल पर सामाजिक न्याय प्रबंधन प्रणाली (SJMS) के मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग मॉड्यूल से जन आधार के ज़रिए ऑनलाइन होता है। जहाँ संभव हो, दस्तावेज़ों की जाँच डेटाबेस से होती है। • मेरिट सूची 10वीं या 12वीं बोर्ड के प्रतिशत के आधार पर परीक्षा, वर्ग और पूरे राज्य के स्तर पर बनती है। CBSE बोर्ड के अंक 0.9 से गुणा किए जाते हैं, जबकि RBSE के अंक ज्यों के त्यों लिए जाते हैं। संस्थान का आवंटन मेरिट और वरीयता के आधार पर होता है। विभाग की मंज़ूरी से खाली सीटें दूसरे पात्र वर्गों को दी जा सकती हैं। • कोचिंग शुल्क संस्थान को किश्तों में, आमतौर पर 60:40 के अनुपात में, मिलता है। भुगतान प्रवेश और आधार आधारित उपस्थिति से जुड़ा रहता है। परीक्षा के लिए मुख्य बात: • यह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधीन राजस्थान की अनुदान आधारित, गैर-अंशदायी और हर साल चलने वाली कल्याणकारी योजना है, न कि केंद्र सरकार की योजना। यह एकमुश्त छात्रवृत्ति से अलग है, क्योंकि कोचिंग शुल्क विद्यार्थी के बजाय सीधे संस्थान को मिलता है।
मुख्य बिंदुमुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना राजस्थान की राज्य-स्तरीय निःशुल्क कोचिंग योजना है, जिसे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने 5 जून 2021 को शुरू किया। · यह अनुदान आधारित, गैर-अंशदायी कल्याणकारी योजना है। विभाग कोचिंग शुल्क सीधे सूचीबद्ध संस्थानों को देता है, इसलिए विद्यार्थियों को कोचिंग निःशुल्क मिलती है। · राजस्थान के मूल निवासी SC, ST, OBC, MBC, EWS, अल्पसंख्यक और विशेष योग्यजन इस योजना के पात्र वर्ग हैं, बशर्ते वे आय और शैक्षिक योग्यता की शर्तें पूरी करते हों और पहले इस योजना का लाभ न लिया हो।
शुभारंभ तिथि2021
स्रोतआधिकारिक स्रोत

मेन्स में कहाँ उपयोग

पेपर II: कल्याण, शासन और सामाजिक न्याय के उत्तरों में उदाहरण के रूप में उपयोग करें।
निबंध: प्रकार और उद्देश्य: मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना राजस्थान सरकार की राज्य-स्तरीय निःशुल्क कोचिंग योजना है। यह उन मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से कमज़ोर विद्यार्थियों के लिए है जो भर्ती परीक्षाओं और पेशेवर प्रवेश परीक्षाओं की महँगी निजी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाते। इसकी शुरुआत 5 जून 2021 को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने की। इसका उद्देश्य आरक्षित और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के योग्य विद्यार्थियों को सूचीबद्ध कोचिंग संस्थानों के ज़रिए तैयारी का समान अवसर देना है। नोडल और क्रियान्वयन विभाग: • सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग नोडल विभाग है और सभी वर्गों के लिए एक ही ऑनलाइन प्रक्रिया चलाता है। • SC, OBC, MBC, EWS और विशेष योग्यजन वर्ग का काम सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग देखता है; ST वर्ग का काम जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग और अल्पसंख्यक वर्ग का काम अल्पसंख्यक मामलात विभाग देखता है। पात्रता: • आवेदक राजस्थान का मूल निवासी हो और SC, ST, OBC, MBC, EWS, अल्पसंख्यक या विशेष योग्यजन वर्ग से हो। • सभी स्रोतों से परिवार की वार्षिक आय ₹8,00,000 तक हो; माता-पिता राज्य सरकार के कर्मचारी हों तो यह सीमा पे मैट्रिक्स लेवल 11 तक और केंद्र सरकार के कर्मचारी हों तो पे मैट्रिक्स लेवल 6 तक मानी जाती है। • विद्यार्थी ने किसी पिछले सत्र में इस निःशुल्क कोचिंग योजना का लाभ न लिया हो। यह लाभ केवल एक बार मिलता है। • अलग-अलग परीक्षाओं के लिए अंकों की शर्तें भी अलग हैं: UPSC और RAS के लिए 12वीं तथा स्नातक के अंतिम 2 वर्षों के अंक, JEE/NEET और CLAT के लिए 10वीं के अंक, और REET के लिए B.Ed या STC के साथ 12वीं के अंक देखे जाते हैं। • चयनित विद्यार्थियों में कम से कम 50% बालिकाएँ होती हैं। लाभ और राशि (कोचिंग शुल्क विभाग सीधे संस्थान को देता है): • UPSC सिविल सेवा के लिए परिणामोन्मुख संस्थान से ₹75,000 या अन्य सूचीबद्ध संस्थान से ₹50,000 मिलते हैं। अवधि 1 वर्ष है। • और अधीनस्थ सेवा के लिए ₹50,000 या ₹40,000 मिलते हैं। अवधि 1 वर्ष है। • RPSC सब-इंस्पेक्टर और पे मैट्रिक्स लेवल 10 या उससे ऊपर की परीक्षाओं के लिए ₹20,000 और अवधि 6 माह है; REET के लिए ₹15,000 और अवधि 4 माह है; RSSB पटवारी, कनिष्ठ सहायक जैसी परीक्षाओं और कांस्टेबल के लिए ₹10,000-₹10,000 और अवधि 4 माह है। • RRB और बैंकिंग/बीमा भर्ती परीक्षाओं के लिए ₹20,000-₹20,000 और अवधि 6 माह है; SSC और CDS के लिए परिणामोन्मुख संस्थान से ₹40,000 या अन्य सूचीबद्ध संस्थान से ₹25,000 मिलते हैं और अवधि 1 वर्ष है। • JEE और NEET के लिए परिणामोन्मुख संस्थान से ₹70,000 प्रति वर्ष या अन्य सूचीबद्ध संस्थान से ₹55,000 प्रति वर्ष मिलते हैं। यह लाभ अधिकतम 2 वर्ष तक मिलता है। CLAT के लिए ₹40,000 या ₹25,000 और अवधि 1 वर्ष है। CA/CS/CMA (CAFC/CSEET/CMFAC) की कोचिंग के लिए परिणामोन्मुख संस्थान से ₹40,000 या अन्य सूचीबद्ध संस्थान से ₹25,000 मिलते हैं और अवधि 1 वर्ष है। • UPSC, RAS, JEE/NEET, CA, CS और CMA की तैयारी के लिए अपने शहर से दूसरे शहर जाकर कोचिंग करने वाले विद्यार्थियों को रहने और भोजन के लिए ₹40,000 प्रति वर्ष अलग से सीधे दिए जाते हैं। सीटों का बँटवारा और लक्ष्य: • विद्यार्थियों का सालाना लक्ष्य 15,000 से बढ़ाकर 30,000 किया गया। इन 30,000 सीटों में लगभग 15,000 सरकारी भर्ती परीक्षाओं और लगभग 15,000 पेशेवर या प्रवेश पाठ्यक्रमों के लिए हैं। • वर्ग के अनुसार 30,000 सीटें इस तरह बँटी हैं: SC 8,700, ST 6,300, OBC 6,300, EWS 3,000, अल्पसंख्यक 3,000, MBC 1,500 और विशेष योग्यजन 1,200। • परीक्षा के अनुसार सीटों की कुल संख्या 30,000 है: JEE/NEET 12,000, RSSB पटवारी/कनिष्ठ सहायक जैसी परीक्षाएँ 3,600, REET 2,850, कांस्टेबल 2,400, CA/CS/CMA 2,400, RPSC SI और लेवल 10 या उससे ऊपर की परीक्षाएँ 2,100, RAS 900, RRB 900, बैंकिंग/बीमा 900, SSC/CDS 900, CLAT 600 और UPSC 450। आवेदन और भुगतान: • आवेदन राजस्थान SSO पोर्टल पर सामाजिक न्याय प्रबंधन प्रणाली (SJMS) के मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग मॉड्यूल से जन आधार के ज़रिए ऑनलाइन होता है। जहाँ संभव हो, दस्तावेज़ों की जाँच डेटाबेस से होती है। • मेरिट सूची 10वीं या 12वीं बोर्ड के प्रतिशत के आधार पर परीक्षा, वर्ग और पूरे राज्य के स्तर पर बनती है। CBSE बोर्ड के अंक 0.9 से गुणा किए जाते हैं, जबकि RBSE के अंक ज्यों के त्यों लिए जाते हैं। संस्थान का आवंटन मेरिट और वरीयता के आधार पर होता है। विभाग की मंज़ूरी से खाली सीटें दूसरे पात्र वर्गों को दी जा सकती हैं। • कोचिंग शुल्क संस्थान को किश्तों में, आमतौर पर 60:40 के अनुपात में, मिलता है। भुगतान प्रवेश और आधार आधारित उपस्थिति से जुड़ा रहता है। परीक्षा के लिए मुख्य बात: • यह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधीन राजस्थान की अनुदान आधारित, गैर-अंशदायी और हर साल चलने वाली कल्याणकारी योजना है, न कि केंद्र सरकार की योजना। यह एकमुश्त छात्रवृत्ति से अलग है, क्योंकि कोचिंग शुल्क विद्यार्थी के बजाय सीधे संस्थान को मिलता है।

सारांश

प्रकार और उद्देश्य

मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना राजस्थान सरकार की राज्य-स्तरीय निःशुल्क कोचिंग योजना है। यह उन मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से कमज़ोर विद्यार्थियों के लिए है जो भर्ती परीक्षाओं और पेशेवर प्रवेश परीक्षाओं की महँगी निजी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाते। इसकी शुरुआत 5 जून 2021 को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने की। इसका उद्देश्य आरक्षित और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के योग्य विद्यार्थियों को सूचीबद्ध कोचिंग संस्थानों के ज़रिए तैयारी का समान अवसर देना है।

नोडल और क्रियान्वयन विभाग

  • सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग नोडल विभाग है और सभी वर्गों के लिए एक ही ऑनलाइन प्रक्रिया चलाता है।
  • SC, OBC, MBC, EWS और विशेष योग्यजन वर्ग का काम सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग देखता है; ST वर्ग का काम जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग और अल्पसंख्यक वर्ग का काम अल्पसंख्यक मामलात विभाग देखता है।

पात्रता

  • आवेदक राजस्थान का मूल निवासी हो और SC, ST, OBC, MBC, EWS, अल्पसंख्यक या विशेष योग्यजन वर्ग से हो।
  • सभी स्रोतों से परिवार की वार्षिक आय ₹8,00,000 तक हो; माता-पिता राज्य सरकार के कर्मचारी हों तो यह सीमा पे मैट्रिक्स लेवल 11 तक और केंद्र सरकार के कर्मचारी हों तो पे मैट्रिक्स लेवल 6 तक मानी जाती है।
  • विद्यार्थी ने किसी पिछले सत्र में इस निःशुल्क कोचिंग योजना का लाभ न लिया हो। यह लाभ केवल एक बार मिलता है।
  • अलग-अलग परीक्षाओं के लिए अंकों की शर्तें भी अलग हैं: UPSC और RAS के लिए 12वीं तथा स्नातक के अंतिम 2 वर्षों के अंक, JEE/NEET और CLAT के लिए 10वीं के अंक, और REET के लिए B.Ed या STC के साथ 12वीं के अंक देखे जाते हैं।
  • चयनित विद्यार्थियों में कम से कम 50% बालिकाएँ होती हैं।

लाभ और राशि (कोचिंग शुल्क विभाग सीधे संस्थान को देता है):

  • UPSC सिविल सेवा के लिए परिणामोन्मुख संस्थान से ₹75,000 या अन्य सूचीबद्ध संस्थान से ₹50,000 मिलते हैं। अवधि 1 वर्ष है।
  • और अधीनस्थ सेवा के लिए ₹50,000 या ₹40,000 मिलते हैं। अवधि 1 वर्ष है।
  • RPSC सब-इंस्पेक्टर और पे मैट्रिक्स लेवल 10 या उससे ऊपर की परीक्षाओं के लिए ₹20,000 और अवधि 6 माह है; REET के लिए ₹15,000 और अवधि 4 माह है; RSSB पटवारी, कनिष्ठ सहायक जैसी परीक्षाओं और कांस्टेबल के लिए ₹10,000-₹10,000 और अवधि 4 माह है।
  • RRB और बैंकिंग/बीमा भर्ती परीक्षाओं के लिए ₹20,000-₹20,000 और अवधि 6 माह है; SSC और CDS के लिए परिणामोन्मुख संस्थान से ₹40,000 या अन्य सूचीबद्ध संस्थान से ₹25,000 मिलते हैं और अवधि 1 वर्ष है।
  • JEE और NEET के लिए परिणामोन्मुख संस्थान से ₹70,000 प्रति वर्ष या अन्य सूचीबद्ध संस्थान से ₹55,000 प्रति वर्ष मिलते हैं। यह लाभ अधिकतम 2 वर्ष तक मिलता है। CLAT के लिए ₹40,000 या ₹25,000 और अवधि 1 वर्ष है। CA/CS/CMA (CAFC/CSEET/CMFAC) की कोचिंग के लिए परिणामोन्मुख संस्थान से ₹40,000 या अन्य सूचीबद्ध संस्थान से ₹25,000 मिलते हैं और अवधि 1 वर्ष है।
  • UPSC, RAS, JEE/NEET, CA, CS और CMA की तैयारी के लिए अपने शहर से दूसरे शहर जाकर कोचिंग करने वाले विद्यार्थियों को रहने और भोजन के लिए ₹40,000 प्रति वर्ष अलग से सीधे दिए जाते हैं।

सीटों का बँटवारा और लक्ष्य

  • विद्यार्थियों का सालाना लक्ष्य 15,000 से बढ़ाकर 30,000 किया गया। इन 30,000 सीटों में लगभग 15,000 सरकारी भर्ती परीक्षाओं और लगभग 15,000 पेशेवर या प्रवेश पाठ्यक्रमों के लिए हैं।
  • वर्ग के अनुसार 30,000 सीटें इस तरह बँटी हैं: SC 8,700, ST 6,300, OBC 6,300, EWS 3,000, अल्पसंख्यक 3,000, MBC 1,500 और विशेष योग्यजन 1,200।
  • परीक्षा के अनुसार सीटों की कुल संख्या 30,000 है: JEE/NEET 12,000, RSSB पटवारी/कनिष्ठ सहायक जैसी परीक्षाएँ 3,600, REET 2,850, कांस्टेबल 2,400, CA/CS/CMA 2,400, RPSC SI और लेवल 10 या उससे ऊपर की परीक्षाएँ 2,100, RAS 900, RRB 900, बैंकिंग/बीमा 900, SSC/CDS 900, CLAT 600 और UPSC 450।

आवेदन और भुगतान

  • आवेदन राजस्थान SSO पोर्टल पर सामाजिक न्याय प्रबंधन प्रणाली (SJMS) के मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग मॉड्यूल से जन आधार के ज़रिए ऑनलाइन होता है। जहाँ संभव हो, दस्तावेज़ों की जाँच डेटाबेस से होती है।
  • मेरिट सूची 10वीं या 12वीं बोर्ड के प्रतिशत के आधार पर परीक्षा, वर्ग और पूरे राज्य के स्तर पर बनती है। CBSE बोर्ड के अंक 0.9 से गुणा किए जाते हैं, जबकि RBSE के अंक ज्यों के त्यों लिए जाते हैं। संस्थान का आवंटन मेरिट और वरीयता के आधार पर होता है। विभाग की मंज़ूरी से खाली सीटें दूसरे पात्र वर्गों को दी जा सकती हैं।
  • कोचिंग शुल्क संस्थान को किश्तों में, आमतौर पर 60:40 के अनुपात में, मिलता है। भुगतान प्रवेश और आधार आधारित उपस्थिति से जुड़ा रहता है।

परीक्षा के लिए मुख्य बात

  • यह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधीन राजस्थान की अनुदान आधारित, गैर-अंशदायी और हर साल चलने वाली कल्याणकारी योजना है, न कि केंद्र सरकार की योजना। यह एकमुश्त छात्रवृत्ति से अलग है, क्योंकि कोचिंग शुल्क विद्यार्थी के बजाय सीधे संस्थान को मिलता है।

मुख्य बिंदु

  • मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना राजस्थान की राज्य-स्तरीय निःशुल्क कोचिंग योजना है, जिसे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने 5 जून 2021 को शुरू किया।
  • यह अनुदान आधारित, गैर-अंशदायी कल्याणकारी योजना है। विभाग कोचिंग शुल्क सीधे सूचीबद्ध संस्थानों को देता है, इसलिए विद्यार्थियों को कोचिंग निःशुल्क मिलती है।
  • राजस्थान के मूल निवासी SC, ST, OBC, MBC, EWS, अल्पसंख्यक और विशेष योग्यजन इस योजना के पात्र वर्ग हैं, बशर्ते वे आय और शैक्षिक योग्यता की शर्तें पूरी करते हों और पहले इस योजना का लाभ न लिया हो।
  • सभी स्रोतों से परिवार की वार्षिक आय सीमा ₹8,00,000 है। माता-पिता राज्य सरकार के कर्मचारी हों तो सीमा पे मैट्रिक्स लेवल 11 तक और केंद्र सरकार के कर्मचारी हों तो पे मैट्रिक्स लेवल 6 तक है।
  • ST के मामले जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग और अल्पसंख्यक वर्ग के मामले अल्पसंख्यक मामलात विभाग देखता है, जबकि साझा ऑनलाइन प्रक्रिया सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग चलाता है।
  • विद्यार्थियों का सालाना लक्ष्य 15,000 से बढ़ाकर 30,000 किया गया। इनमें लगभग 15,000 सीटें सरकारी भर्ती परीक्षाओं और लगभग 15,000 पेशेवर या प्रवेश पाठ्यक्रमों के लिए हैं।
  • वर्ग के अनुसार 30,000 सीटें इस तरह बँटी हैं: SC 8,700, ST 6,300, OBC 6,300, EWS 3,000, अल्पसंख्यक 3,000, MBC 1,500 और विशेष योग्यजन 1,200।
  • परीक्षा के अनुसार सीटों की कुल संख्या 30,000 है। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा JEE/NEET की 12,000 सीटों का है। इसके बाद RSSB पटवारी/कनिष्ठ सहायक जैसी परीक्षाओं के लिए 3,600, REET के लिए 2,850, कांस्टेबल के लिए 2,400, CA/CS/CMA के लिए 2,400, RPSC SI और लेवल 10 या उससे ऊपर की परीक्षाओं के लिए 2,100, RAS के लिए 900, RRB के लिए 900, बैंकिंग/बीमा के लिए 900, SSC/CDS के लिए 900, CLAT के लिए 600 और UPSC के लिए 450 सीटें हैं।
  • UPSC सिविल सेवा के लिए परिणामोन्मुख संस्थान से ₹75,000 या अन्य सूचीबद्ध संस्थान से ₹50,000 मिलते हैं। RAS और अधीनस्थ सेवा के लिए ₹50,000 या ₹40,000 मिलते हैं। दोनों की अवधि 1 वर्ष है।
  • JEE/NEET के लिए परिणामोन्मुख संस्थान से ₹70,000 प्रति वर्ष या अन्य सूचीबद्ध संस्थान से ₹55,000 प्रति वर्ष, अधिकतम 2 वर्ष तक मिलते हैं। CLAT और CA/CS/CMA के लिए परिणामोन्मुख संस्थान से ₹40,000 या अन्य सूचीबद्ध संस्थान से ₹25,000 मिलते हैं और अवधि 1 वर्ष है।
  • कम अवधि की परीक्षाओं में RPSC SI और लेवल 10 या उससे ऊपर की परीक्षाओं के लिए ₹20,000 और अवधि 6 माह है; REET के लिए ₹15,000 और अवधि 4 माह है; पटवारी/कनिष्ठ सहायक और कांस्टेबल के लिए ₹10,000-₹10,000 और अवधि 4 माह है। RRB और बैंकिंग/बीमा के लिए ₹20,000-₹20,000 और अवधि 6 माह है, जबकि SSC/CDS के लिए ₹40,000 या ₹25,000 और अवधि 1 वर्ष है।
  • UPSC, RAS, JEE/NEET, CA, CS और CMA की तैयारी के लिए दूसरे शहर जाकर कोचिंग करने वाले विद्यार्थियों को रहने और भोजन के लिए ₹40,000 प्रति वर्ष अलग से सीधे दिए जाते हैं।
  • हर साल चयनित लाभार्थियों में कम से कम 50% बालिकाएँ होनी चाहिए।
  • आवेदन राजस्थान SSO पोर्टल पर सामाजिक न्याय प्रबंधन प्रणाली (SJMS) के मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग मॉड्यूल से जन आधार के ज़रिए ऑनलाइन होता है। मेरिट सूची 10वीं या 12वीं के प्रतिशत के आधार पर परीक्षा, वर्ग और पूरे राज्य के स्तर पर बनती है। CBSE बोर्ड के अंक 0.9 से गुणा किए जाते हैं, जबकि RBSE के अंक ज्यों के त्यों लिए जाते हैं।
  • कोचिंग शुल्क संस्थानों को किश्तों में, आमतौर पर 60:40 के अनुपात में, मिलता है। भुगतान प्रवेश और आधार आधारित उपस्थिति से जुड़ा है। विभाग की मंज़ूरी से खाली सीटें दूसरे पात्र वर्गों को दी जा सकती हैं।

आधिकारिक स्रोत

आधिकारिक वेबसाइट देखें

इन्फ़ोग्राफ़िक

परीक्षा-वार सीटें (लक्ष्य 30,000)

परीक्षा-वार कोचिंग राशि

एक नज़र में योजना

वर्ग-वार सीटें (कुल 30,000 में से)

आवेदन से कोचिंग तक की प्रक्रिया

किस वर्ग का काम कौन देखता है

अक्सर पूछे गए

मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना किस सरकार की है और कब शुरू हुई?

यह राजस्थान सरकार की योजना है, जो 5 जून 2021 को शुरू हुई। इसका नोडल विभाग सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग है। ST लाभार्थियों के मामले जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग और अल्पसंख्यक लाभार्थियों के मामले अल्पसंख्यक मामलात विभाग देखता है।

आय सीमा क्या है और कौन पात्र है?

राजस्थान का ऐसा मूल निवासी पात्र है जो SC, ST, OBC, MBC, EWS, अल्पसंख्यक या विशेष योग्यजन वर्ग से हो और जिसके परिवार की वार्षिक आय ₹8,00,000 तक हो। माता-पिता राज्य सरकार के कर्मचारी हों तो सीमा पे मैट्रिक्स लेवल 11 और केंद्र सरकार के कर्मचारी हों तो पे मैट्रिक्स लेवल 6 तक है। लाभ केवल एक बार मिलता है और चयनित विद्यार्थियों में कम से कम 50% बालिकाएँ होती हैं।

कुल कितनी सीटें हैं और बँटवारा कैसे है?

सीटों का लक्ष्य 15,000 से बढ़ाकर 30,000 किया गया। वर्ग के अनुसार बँटवारा SC 8,700, ST 6,300, OBC 6,300, EWS 3,000, अल्पसंख्यक 3,000, MBC 1,500 और विशेष योग्यजन 1,200 है। परीक्षा के अनुसार भी कुल 30,000 सीटें हैं। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा JEE/NEET की 12,000 सीटों का है। इसके बाद RSSB के लिए 3,600, REET के लिए 2,850, कांस्टेबल के लिए 2,400 और CA/CS/CMA के लिए 2,400 सीटें हैं; UPSC के लिए 450 और RAS के लिए 900 सीटें हैं।

UPSC, RAS और JEE/NEET के लिए कितनी राशि मिलती है?

UPSC सिविल सेवा के लिए परिणामोन्मुख संस्थान से ₹75,000 या अन्य सूचीबद्ध संस्थान से ₹50,000 मिलते हैं और अवधि 1 वर्ष है। RAS और अधीनस्थ सेवा के लिए ₹50,000 या ₹40,000 मिलते हैं और अवधि 1 वर्ष है। JEE/NEET के लिए परिणामोन्मुख संस्थान से ₹70,000 प्रति वर्ष या अन्य सूचीबद्ध संस्थान से ₹55,000 प्रति वर्ष, अधिकतम 2 वर्ष तक मिलते हैं।

SI, REET, पटवारी और कांस्टेबल जैसी कम अवधि की परीक्षाओं के लिए कितनी राशि है?

RPSC सब-इंस्पेक्टर और पे मैट्रिक्स लेवल 10 या उससे ऊपर की परीक्षाओं के लिए ₹20,000 और अवधि 6 माह है। REET के लिए ₹15,000 और अवधि 4 माह है। RSSB पटवारी/कनिष्ठ सहायक और कांस्टेबल के लिए ₹10,000-₹10,000 और अवधि 4 माह है।

क्या घर से बाहर रहने पर अलग सहायता मिलती है?

हाँ। UPSC, RAS, JEE/NEET, CA, CS और CMA की तैयारी के लिए दूसरे शहर जाकर कोचिंग करने वाले विद्यार्थियों को रहने और भोजन के लिए ₹40,000 प्रति वर्ष अलग से सीधे दिए जाते हैं।

आवेदन कैसे करें और चयन कैसे होता है?

आवेदन राजस्थान SSO पोर्टल पर सामाजिक न्याय प्रबंधन प्रणाली (SJMS) के मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग मॉड्यूल से जन आधार के ज़रिए ऑनलाइन होता है। मेरिट सूची 10वीं या 12वीं बोर्ड के प्रतिशत के आधार पर परीक्षा, वर्ग और पूरे राज्य के स्तर पर बनती है। संस्थान का आवंटन मेरिट और वरीयता के आधार पर होता है।