REET लेवल 2 अध्ययन सामग्री
विकास के सिद्धांत और आयाम
विकास के सिद्धांत वह नियमित पैटर्न बताते हैं जो लगभग हर बच्चे पर लागू होता है, और आयाम वे समानांतर रेखाएँ हैं जिन पर बच्चा बदलता है। REET लेवल 2 के लिए मानक सिद्धांतों में निरंतरता, क्रमिक प्रगति (सिर-से-पैर और केंद्र-से-बाहर), व्यक्तिगत भिन्नता, वंशक्रम और वातावरण की पारस्परिक भूमिका, समेकित और बहुदिशात्मक विकास, तथा अनुमान के साथ भिन्नता शामिल हैं। आयाम छह हैं: शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, भावनात्मक, नैतिक और भाषिक। कक्षा 6-8 के शिक्षक के लिए विषय व्यावहारिक है: उच्च-प्राथमिक कक्षा में किशोर शिक्षार्थी होते हैं जिनके आयाम अलग-अलग गति से बढ़ते हैं, इसलिए एक ही बच्चा भाषा में आगे और सामाजिक कौशल में पीछे एक साथ हो सकता है।
मुख्य बिंदु
- विकास के सिद्धांत एक साझा पैटर्न दिखाते हैं, फिर भी हर बच्चा अपनी गति से आगे बढ़ता है।
- क्रम से जुड़े सिद्धांत (सिर से पैर और केंद्र से बाहर की ओर) बताते हैं कि सूक्ष्म-गत्यात्मक कौशल स्थूल-गत्यात्मक कौशल के बाद आता है।
- पाठ्यक्रम में दिए छह आयाम हैं: शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, भावनात्मक, नैतिक और भाषिक; ये एक साथ चलते हैं, एक के बाद एक नहीं।
- REET के प्रश्न प्रायः सिद्धांतों को अवस्थाओं से उलझाते हैं या एक ही आयाम को पूरा बच्चा मान लेते हैं; उत्तर वही चुनें जो शिक्षार्थी को कई आयामों में पढ़े।
- कक्षा 6-8 के शिक्षक को एक ही सप्ताह में कई आयामों को छूने वाले कार्य रखने चाहिए ताकि हर शिक्षार्थी कहीं न कहीं अपनी ताकत दिखा सके।
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सार्वजनिक प्रीव्यू पाठ्यक्रम दृष्टि, कक्षा उपयोग, मुख्य बिंदु और स्रोत पथ दिखाता है। REET अध्ययन पैक पूरा नोट और संबंधित अभ्यास खोलता है।
अध्ययन सामग्री
मुख्य बिंदु
विकास के सिद्धांत वह नियमित पैटर्न बताते हैं जो लगभग हर बच्चे पर लागू होता है, और आयाम वे समानांतर रेखाएँ हैं जिन पर बच्चा बदलता है। REET लेवल 2 के लिए मानक सिद्धांतों में निरंतरता, क्रमिक प्रगति (सिर-से-पैर और केंद्र-से-बाहर), व्यक्तिगत भिन्नता, वंशक्रम और वातावरण की पारस्परिक भूमिका, समेकित और बहुदिशात्मक विकास, तथा अनुमान के साथ भिन्नता शामिल हैं। आयाम छह हैं: शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, भावनात्मक, नैतिक और भाषिक। कक्षा 6-8...
कक्षा में उपयोग
- शिक्षार्थी स्तर: कक्षा 6-8
- सामान्य भ्रम: एक सामान्य गलतफहमी यह है कि छह आयाम एक तय क्रम में एक के बाद एक विकसित होते हैं, इसलिए जो शिक्षार्थी भाषा में अच्छा है वह सामाजिक और भावनात्मक आयामों में भी आगे होगा।
- शिक्षक कार्य: साप्ताहिक गतिविधि-समुच्चय बनाएँ जो कम-से-कम चार आयामों को छूता हो, और सार्वजनिक रैंकिंग के बजाय अवलोकन नोट रखें ताकि हर शिक्षार्थी को दिखने का अवसर मिले।
- अधिगम गतिविधि: आयाम-यात्रा कराएँ: चार-चार के समूह बीते सप्ताह से एक शारीरिक बदलाव, एक सामाजिक संपर्क, एक भावनात्मक क्षण और एक नया सीखा शब्द दर्ज करें और फिर कक्षा में साझा करें।
- आकलन जांच: जाँचें कि शिक्षार्थी तीन सिद्धांतों के नाम बता सकता है, छह आयामों की सूची दे सकता है, हर आयाम का एक कक्षा उदाहरण दे सकता है और एक छोटी स्थिति में शांत शिक्षक प्रतिक्रिया चुन सकता है।
सामान्य प्रश्न जाल
- विकास के सिद्धांत को अवस्था से उलझा देना
- किसी संकल्पना को गलत सिद्धांतकार पर थोप देना (जैसे Piaget के विचार को Kohlberg कह देना)
- आयामों को समानांतर के बजाय पूर्णतः क्रमिक मान लेना
- जब कई आयाम सक्रिय हों, तब एक-कारण व्याख्या चुन लेना
- सहयोगी शिक्षक प्रतिक्रिया की जगह कठोर अनुशासन या रटन-अभ्यास का विकल्प चुनना
पाठ्यक्रम सीमा
इस नोट का आधिकारिक आधार RBSE REET लेवल 2 बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र पाठ्यक्रम है। उपयोग्य सीमा है: विकास के सिद्धांत; विकास के आयाम (शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, भावनात्मक, नैतिक, भाषिक)। तैयारी को REET लेवल 2, कक्षा 6-8 और बहुविकल्पीय प्रश्न तक केंद्रित रखें। यह नोट विशिष्ट सिद्धांतकार उद्धरण, RTE अधिनियम की धाराएँ, NCF अध्याय या ऐसे पूर्व-वर्ष प्रश्न-प्रवृत्ति दावे नहीं जोड़ता जो आधिकारिक स्रोत से न मिले हों। नामित सिद्धांतों...
