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REET लेवल 2 अध्ययन सामग्री

आलोचनात्मक चिंतन का विकास

सामाजिक अध्ययन में आलोचनात्मक चिंतन का अर्थ है कारण, साक्ष्य, तुलना, कारण-प्रभाव, दृष्टिकोण और न्यायसंगतता माँगना। यह नकारात्मक सोच या अनादर नहीं है। रीट लेवल 2 में शिक्षक से अपेक्षा है कि वह प्रश्न, स्रोत, चर्चा और मननशील कार्यों के माध्यम से आलोचनात्मक चिंतन का विकास करे। कक्षा 6-8 में विद्यार्थी दो विवरणों की तुलना कर सकते हैं, किसी संसाधन के संरक्षण के कारण समझा सकते हैं, किसी रूढ़ि की पहचान कर सकते हैं या किसी नागरिक चुनाव का कारण दे सकते हैं। बहुविकल्पीय फंदे प्रायः रटना, आँख मूँदकर स्वीकार करना या केवल-शिक्षक-व्याख्या को आलोचनात्मक चिंतन बताते हैं; ऐसे विकल्प अस्वीकार करें।

मुख्य बिंदु

  • रीट में आलोचनात्मक चिंतन का विकास को कक्षा 6-8 के सामाजिक अध्ययन शिक्षण से जोड़कर पढ़ना है।
  • आधिकारिक सीमा शिक्षाशास्त्र है, पूरा आरएएस सामाजिक विज्ञान अध्याय नहीं।
  • मजबूत उत्तर संकल्पना, गतिविधि, साक्ष्य, संवाद और आकलन को जोड़ता है।
  • उद्देश्य के अनुसार स्थानीय उदाहरण, मानचित्र, समयरेखा, प्रोजेक्ट या कक्षा संवाद उपयोग करें।
  • बहुविकल्पीय प्रश्न में सामान्य फंदा रटने को स्रोत-आधारित, विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण से ऊपर रखना होता है।

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सार्वजनिक प्रीव्यू पाठ्यक्रम दृष्टि, कक्षा उपयोग, मुख्य बिंदु और स्रोत पथ दिखाता है। REET अध्ययन पैक पूरा नोट और संबंधित अभ्यास खोलता है।

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मुख्य बिंदु

सामाजिक अध्ययन में आलोचनात्मक चिंतन का अर्थ है कारण, साक्ष्य, तुलना, कारण-प्रभाव, दृष्टिकोण और न्यायसंगतता माँगना। यह नकारात्मक सोच या अनादर नहीं है। रीट लेवल 2 में शिक्षक से अपेक्षा है कि वह प्रश्न, स्रोत, चर्चा और मननशील कार्यों के माध्यम से आलोचनात्मक चिंतन का विकास करे। कक्षा 6-8 में विद्यार्थी दो विवरणों की तुलना कर सकते हैं, किसी संसाधन के संरक्षण के कारण समझा सकते हैं, किसी रूढ़ि की पहचान कर सकते हैं या किसी नागरिक...

कक्षा में उपयोग

  • शिक्षार्थी स्तर: कक्षा 6-8
  • सामान्य भ्रम: एक सामान्य गलतफहमी है कि आलोचनात्मक चिंतन का अर्थ हर चीज़ की आलोचना करना है।
  • शिक्षक कार्य: साक्ष्य-आधारित प्रश्न पूछें, कई दृष्टिकोणों को आमंत्रित करें और सम्मानजनक तर्क-प्रक्रिया को दिशा दें।
  • अधिगम गतिविधि: दो-स्तंभ स्रोत-गतिविधि का उपयोग करें: एक स्तंभ में दावा, दूसरे में साक्ष्य या प्रश्न।
  • आकलन जांच: देखें कि विद्यार्थी किसी निष्कर्ष को कम-से-कम एक प्रासंगिक कारण या स्रोत से समर्थित कर पा रहे हैं या नहीं।

सामान्य प्रश्न जाल

  • आलोचना को आलोचनात्मक चिंतन मान लेना
  • असमर्थित राय स्वीकार कर लेना
  • शिक्षक का बहुत जल्दी अंतिम निर्णय देना
  • केवल स्मरण-प्रश्न पूछना
  • सम्मानजनक संवाद की अनदेखी

पाठ्यक्रम सीमा

इस नोट का आधिकारिक आधार RBSE रीट लेवल 2 सामाजिक अध्ययन पाठ्यक्रम है। उपयोग योग्य सीमा है: आलोचनात्मक चिंतन का विकास। तैयारी को रीट लेवल 2, कक्षा 6-8 और बहुविकल्पीय प्रश्न-दृष्टि पर केंद्रित रखें। यह न तो आरएएस मुख्य परीक्षा का अध्याय है, न ही विस्तृत-उत्तर की माँग। ## मुख्य संकल्पना आलोचनात्मक चिंतन तब शुरू होता है जब विद्यार्थी "क्या लिखा है" से आगे बढ़कर "क्यों, कैसे, किस साक्ष्य से और किसकी दृष्टि से" पर पहुँचते हैं।...

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