REET लेवल 1 अध्ययन सामग्री
ज्यामिति एवं आकृतियाँ — REET स्तर 1 गणित
REET स्तर 1 के लिए ज्यामिति एवं आकृतियाँ कक्षा 1 से 5 तक के दायरे में आती है, जिसमें समतल 2-D आकृतियाँ (त्रिभुज, चतुर्भुज, वृत्त) और ठोस 3-D आकृतियाँ (घन, घनाभ, गोला, शंकु, बेलन) पहचानना, उनके रोज़मर्रा के उदाहरण देना, साधारण आकृतियों का परिमाप और क्षेत्रफल निकालना, रेखीय सममिति की समझ और टाइलिंग शामिल है। अभ्यर्थी को स्थान, रेखा और कोण की प्रारंभिक समझ भी चाहिए। शिक्षाशास्त्र में कागज़ की कतरन, पासे, गेंद और टिन से व्यावहारिक अभ्यास पर बल है; शिक्षक नामों को घर में दिखने वाली वस्तुओं से जोड़ें और 'वर्ग को आयत कह देना' जैसी ग़लतफ़हमियाँ दूर करें।
मुख्य बिंदु
- 2-D आकृतियाँ समतल होती हैं (त्रिभुज, चतुर्भुज, वृत्त); 3-D आकृतियाँ स्थान घेरती हैं (घन, घनाभ, गोला, बेलन, शंकु)।
- घन में 6 समान वर्ग फलक, 12 किनारे और 8 शीर्ष होते हैं; घनाभ में फलक आयताकार पर किनारे-शीर्ष की संख्या वही रहती है।
- वर्ग का परिमाप 4 गुणा भुजा है; क्षेत्रफल भुजा गुणा भुजा होता है।
- वृत्त में अनगिनत सममिति-रेखाएँ होती हैं; वर्ग में चार और समबाहु त्रिभुज में तीन सममिति-रेखाएँ होती हैं।
- वर्ग, आयत, समबाहु त्रिभुज और सम षट्भुज समतल पर टाइलिंग कर सकते हैं, परन्तु सम पंचभुज नहीं।
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सार्वजनिक प्रीव्यू पाठ्यक्रम दृष्टि, कक्षा उपयोग, मुख्य बिंदु और स्रोत पथ दिखाता है। REET अध्ययन पैक पूरा नोट और संबंधित अभ्यास खोलता है।
अध्ययन सामग्री
मुख्य बिंदु
REET स्तर 1 के लिए ज्यामिति एवं आकृतियाँ कक्षा 1 से 5 तक के दायरे में आती है, जिसमें समतल 2-D आकृतियाँ (त्रिभुज, चतुर्भुज, वृत्त) और ठोस 3-D आकृतियाँ (घन, घनाभ, गोला, शंकु, बेलन) पहचानना, उनके रोज़मर्रा के उदाहरण देना, साधारण आकृतियों का परिमाप और क्षेत्रफल निकालना, रेखीय सममिति की समझ और टाइलिंग शामिल है। अभ्यर्थी को स्थान, रेखा और कोण की प्रारंभिक समझ भी चाहिए। शिक्षाशास्त्र में कागज़ की कतरन, पासे, गेंद और टिन से...
कक्षा में उपयोग
- शिक्षार्थी स्तर: कक्षा 1 से 5 (प्राथमिक स्तर)
- सामान्य भ्रम: बच्चे प्रायः चार भुजाओं वाली किसी भी आकृति को 'वर्ग' कह देते हैं, भले भुजाएँ असमान हों, और वृत्त की त्रिज्या तथा व्यास में भ्रम कर बैठते हैं।
- शिक्षक कार्य: वर्ग, आयत और समचतुर्भुज की कागज़-कतरन बच्चों को बाँटें; जोड़ी में पैमाने से भुजाएँ नपवाएँ और उन्हें 'सब भुजाएँ समान' तथा 'सम्मुख भुजाएँ समान' में बँटवाएँ।
- अधिगम गतिविधि: कागज़ की प्लेट पर बीचों-बीच कील और धागा लगाएँ; परिधि पर आठ बिंदु अंकित कर बच्चों से उनकी केंद्र-दूरी मापवाएँ और उन्हें स्वयं समान दूरी का नियम खोजने दें।
- आकलन जांच: तीन आकृतियाँ दिखाएँ — वर्ग, आयत और समचतुर्भुज — हर बच्चे से उन पर नाम लिखवाएँ और एक भिन्न-गुण अपने शब्दों में बुलवाएँ।
सामान्य प्रश्न जाल
- परिमाप और क्षेत्रफल में भ्रम: 7 सेंटीमीटर के वर्ग का परिमाप पूछने पर अक्सर 49 सेंटीमीटर वाला विकल्प जाल होता है, जो असल में क्षेत्रफल है।
- घन को '8 फलक, 12 किनारे, 6 शीर्ष' कह देना — फलक और शीर्ष की संख्या आपस में बदल जाने से बना यह जाल REET में अक्सर आता है।
- 'वृत्त में एक सममिति-रेखा होती है' को सही मान लेना; वृत्त में अनगिनत सममिति-रेखाएँ होती हैं क्योंकि उसका हर व्यास एक रेखा है।
- समद्विबाहु और समबाहु त्रिभुज में अंतर भूल जाना, क्योंकि दोनों में कम से कम दो भुजाएँ समान होती हैं — परन्तु तीनों समान केवल समबाहु में।
- ठोस और वस्तु का ग़लत मिलान (गोला को ईंट से, घनाभ को क्रिकेट गेंद से) — प्रश्न ध्यान से पढ़ें और हर वस्तु की कल्पना करें।
REET स्तर 1 का पाठ्यक्रम क्या माँगता है? RBSE REET स्तर 1 गणित का पाठ्यक्रम 'ज्यामिति एवं आकृतियाँ' को कक्षा 1 से 5 के दायरे में रखता है। शिक्षक अभ्यर्थी को प्राथमिक कक्षा के हर स्तर का काम सम्हालना आता हो — एक ओर वह कक्षा 1 का बच्चा जो अभी पैमाना ठीक से नहीं पकड़ पाता, और दूसरी ओर कक्षा 5 का बच्चा जो विद्यालय की बाड़ी का परिमाप निकाल रहा है। आधिकारिक अंश में चार जुड़े हुए शिक्षण-खंड हैं: (क) 2-D और 3-D आकृतियों की पहचान और वर्गीकरण, (ख) साधारण समतल आकृतियों का परिमाप और क्षेत्रफल, (ग) प्राथमिक स्तर पर सममिति और टाइलिंग, और (घ) स्थान, रेखा एवं कोण की सरल समझ। ये चारों REET के सामान्य प्रश्न-केंद्र हैं और लगभग हर पेपर में इनसे एक-दो प्रश्न आते ही हैं। ## जिन 2-D आकृतियों को बच्चे को जानना है
दो-विमीय आकृति किसी समतल पर रहती है। इसकी लंबाई और चौड़ाई होती है, ऊँचाई नहीं। कक्षा 1 से 5 के बच्चे को त्रिभुज, चतुर्भुज परिवार (वर्ग, आयत, समचतुर्भुज, समांतर चतुर्भुज, समलंब), वृत्त, और उच्च प्राथमिक में पंचभुज तथा षट्भुज सहज पहचानने आने चाहिए। त्रिभुजों को भुजाओं से वर्गीकृत करते हैं — समबाहु (तीनों भुजाएँ समान), समद्विबाहु (दो भुजाएँ समान), विषमबाहु (तीनों भुजाएँ अलग) — या कोणों से — न्यूनकोण, समकोण और अधिककोण। वर्ग में...
