REET लेवल 1 अध्ययन सामग्री
रीट लेवल 1 शिक्षकों के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009
शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 अनुच्छेद इक्कीस-क को क्रियात्मक रूप देता है और छह से चौदह वर्ष आयु के प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार देता है। कक्षा एक से पाँच के प्राथमिक शिक्षक के लिए अधिनियम स्पष्ट कर्तव्य तय करता है — पड़ोस के विद्यालय में बिना छानबीन या प्रवेश शुल्क के दाखिला, बच्चे को नियमित विद्यालय में रखना, धारा सत्रह के अंतर्गत शारीरिक दंड और उत्पीड़न पर रोक, धारा उनतीस के अंतर्गत सतत एवं समग्र मूल्यांकन की योजना, छोटी कक्षाओं में अनुत्तीर्ण न करने का मानक, और अनुसूची के छात्र-शिक्षक अनुपात तथा दो सौ कार्य दिवस का पालन। शिक्षक निर्वाचित विद्यालय प्रबंध समिति के साथ विद्यालय विकास योजना पर कार्य करता है और प्रत्येक बच्चे की गरिमा की रक्षा करता है।
मुख्य बिंदु
- छियासीवें संशोधन 2002 से जुड़ा अनुच्छेद इक्कीस-क छह से चौदह वर्ष के बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का मौलिक अधिकार देता है।
- धारा बारह उप-धारा एक खंड ग गैर-सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा एक की कम से कम पच्चीस प्रतिशत सीटें वंचित बच्चों के लिए राज्य प्रतिपूर्ति के साथ आरक्षित करती है।
- धारा सत्रह विद्यालय में किसी भी शिक्षक द्वारा किसी भी बच्चे पर शारीरिक दंड और मानसिक उत्पीड़न पर पूर्ण रोक लगाती है।
- अनुसूची प्राथमिक स्तर के लिए तीस बच्चों पर एक शिक्षक, दो सौ कार्य दिवस और आठ सौ शिक्षण घंटे का मानक तय करती है।
- धारा इक्कीस की विद्यालय प्रबंध समिति, जिसके तीन-चौथाई सदस्य अभिभावक या संरक्षक हों, विद्यालय विकास योजना और निगरानी की स्वामी होती है।
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अध्ययन सामग्री
मुख्य बिंदु
शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 अनुच्छेद इक्कीस-क को क्रियात्मक रूप देता है और छह से चौदह वर्ष आयु के प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार देता है। कक्षा एक से पाँच के प्राथमिक शिक्षक के लिए अधिनियम स्पष्ट कर्तव्य तय करता है — पड़ोस के विद्यालय में बिना छानबीन या प्रवेश शुल्क के दाखिला, बच्चे को नियमित विद्यालय में रखना, धारा सत्रह के अंतर्गत शारीरिक दंड और उत्पीड़न पर रोक, धारा उनतीस के अंतर्गत सतत एवं समग्र...
कक्षा में उपयोग
- शिक्षार्थी स्तर: कक्षा 1-5
- सामान्य भ्रम: कई उम्मीदवार सोचते हैं कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम केवल प्रशासनिक कानून है और दैनिक शिक्षण पर कोई असर नहीं डालता, और अनुत्तीर्ण न करने का अर्थ कोई आकलन ही नहीं।
- शिक्षक कार्य: अधिनियम को बाल-संरक्षण और अधिगम-सहायता ढाँचे की तरह अपनाएँ — गरिमा की रक्षा, सतत एवं समग्र मूल्यांकन की योजना, और पड़ोस-प्रवेश तथा छात्र-शिक्षक अनुपात का पालन।
- अधिगम गतिविधि: अधिनियम के पाँच प्रावधान एक-पन्ने के कक्षा पोस्टर में सरल हिंदी में लगाएँ, प्रत्येक के साथ एक चित्र रखें, और अनुपस्थिति, छानबीन या दंड की स्थिति में पोस्टर का संदर्भ दें।
- आकलन जांच: प्रत्येक शिक्षार्थी से कहें कि वह पोस्टर पर एक प्रावधान दिखाए और बताए कि शिक्षक को क्या करना है और क्या नहीं, फिर जाँचें कि उत्तर सही है।
सामान्य प्रश्न जाल
- रीट उम्मीदवार को आकर्षित करने के लिए अधिनियम में न होने वाली गढ़ी हुई धारा संख्या जैसे धारा इकतालीस या त्रेपन का उपयोग करना।
- प्राथमिक स्तर के तीस पर एक छात्र-शिक्षक अनुपात को उच्च-प्राथमिक के पैंतीस पर एक से मिला देना और एक ही संख्या को सर्वत्र मान लेना।
- वर्ष 2019 के संशोधन को अनुत्तीर्ण न करने के नियम का पूर्ण विलोपन मान लेना, जबकि वह केवल कक्षा पाँच और आठ की सीमित नियमित परीक्षा और पुनः-परीक्षा है।
- धारा बारह एक ग को केवल शुल्क-मुक्ति मान लेना, जबकि उसमें प्रवेश, कक्षा-समावेशन, पुस्तकें, गणवेश और मध्याह्न भोजन भी समान रूप से सम्मिलित हैं।
- धारा सत्रह की दंड पर रोक और धारा तेरह की कैपिटेशन शुल्क तथा साक्षात्कार पर रोक के विरुद्ध जाने वाले कठोर-अनुशासन या छानबीन वाले विकल्प चुनना।
पाठ्यक्रम सीमा
RBSE रीट लेवल 1 बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र पाठ्यक्रम कक्षा एक से पाँच के प्राथमिक शिक्षक से अपेक्षा करता है कि वह जाने कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 दैनिक कक्षा कार्य को कैसे आकार देता है। इस नोट का उद्देश्य उसी सीमा को स्पष्ट रखना है। अधिनियम को शिक्षक-कर्तव्य विषय की तरह पढ़ें, पूरा विधिक अध्याय न मानें। गढ़ी हुई धारा संख्या से बचें और उन्हीं प्रावधानों पर रहें जो प्रवेश, उपस्थिति, अधिगम सहायता, मूल्यांकन और गरिमा से...
