REET लेवल 1 अध्ययन सामग्री
REET स्तर 1 के लिए विकास के सिद्धांत एवं आयाम
विकास के सिद्धांत बताते हैं कि बच्चों में वृद्धि कैसे होती है: यह निरंतर है फिर भी व्यापक अवस्थाएँ दिखाती है, सिर-से-पाँव और केंद्र-से-परिधि दिशा का अनुसरण करती है, सामान्य से विशिष्ट की ओर बढ़ती है, अलग-अलग बच्चों के लिए अलग-अलग गति में आगे बढ़ती है, एक साथ कई आयामों को जोड़ती है और जीवनपर्यंत चलती है। विकास के आयाम बताते हैं कि क्या बढ़ता है: शारीरिक या गत्यात्मक, संज्ञानात्मक, भाषा, सामाजिक, संवेगात्मक और नैतिक। REET स्तर 1 का कक्षा 1 से 5 का शिक्षक हर पाठ इन सिद्धांतों को आयामों से जोड़कर योजना बनाता है, और ऐसे कार्य चुनता है जो बच्चे की अवस्था एवं वर्तमान सामर्थ्यों के अनुरूप हों।
मुख्य बिंदु
- विकास निरंतर, अनुक्रमिक, वैयक्तिक रूप से भिन्न, एकीकृत और जीवनपर्यंत है।
- सिर-से-पाँव और केंद्र-से-परिधि प्रवृत्तियाँ कक्षा 1 से 5 में गत्यात्मक योजना का अनुक्रम तय करती हैं।
- आनुवंशिकता और परिवेश मिलकर हर कक्षा-परिणाम को आकार देते हैं; कोई भी अकेला नहीं।
- प्राथमिक शिक्षकों के लिए छह आयाम मायने रखते हैं: शारीरिक, संज्ञानात्मक, भाषा, सामाजिक, संवेगात्मक, नैतिक।
- पाठ ऊँची आवाज़ में पढ़ने जैसे एकीकृत कार्यों से कई आयामों को एक साथ लक्षित करें।
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अध्ययन सामग्री
मुख्य बिंदु
विकास के सिद्धांत बताते हैं कि बच्चों में वृद्धि कैसे होती है: यह निरंतर है फिर भी व्यापक अवस्थाएँ दिखाती है, सिर-से-पाँव और केंद्र-से-परिधि दिशा का अनुसरण करती है, सामान्य से विशिष्ट की ओर बढ़ती है, अलग-अलग बच्चों के लिए अलग-अलग गति में आगे बढ़ती है, एक साथ कई आयामों को जोड़ती है और जीवनपर्यंत चलती है। विकास के आयाम बताते हैं कि क्या बढ़ता है: शारीरिक या गत्यात्मक, संज्ञानात्मक, भाषा, सामाजिक, संवेगात्मक और नैतिक। REET स्तर...
कक्षा में उपयोग
- शिक्षार्थी स्तर: कक्षा 1-5
सामान्य प्रश्न जाल
- ऐसा विकल्प जो कहे कि विकास आठ वर्ष या किसी विद्यालयी आयु-सीमा पर रुक जाता है, जो जीवनपर्यंत-अवधि सिद्धांत का खंडन करता है।
- ऐसा विकल्प जो दावा करे कि केवल विद्यालय परिणामों को आकार देता है और विकास-समीकरण में आनुवंशिकता एवं घरेलू परिवेश को नज़रअंदाज़ करे।
- ऐसा विकल्प जो माँग करे कि सभी समान-आयु के बच्चे एक ही समय पर गत्यात्मक या भाषा-लक्ष्यों तक पहुँचें, जो वैयक्तिक भिन्नता के विरुद्ध है।
- ऐसा विकल्प जो रंगीन पेंसिल बाँटने या बारी की प्रतीक्षा को सामाजिक-संवेगात्मक के बजाय शारीरिक-गत्यात्मक संकेतक मान ले।
- ऐसा विकल्प जो लक्ष्य-व्यवस्थापन में फुदकने को बैठने से पहले रखे, जो सिर-से-पाँव अनुक्रम को उलट देता है।
पाठ्यक्रम-सीमा
RBSE REET स्तर 1 बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र पाठ्यक्रम की इकाई 1 विकास की अवधारणा एवं अधिगम से उसके संबंध, बच्चों के विकास के सिद्धांतों, आनुवंशिकता एवं परिवेश के प्रभाव, तथा विकास के मान्यता-प्राप्त आयामों से प्रारंभ होती है। कक्षा 1 से 5 के शिक्षक के लिए इसका अर्थ है यह जानना कि वृद्धि अवलोकनीय प्रतिमानों में आगे बढ़ती है, कोई भी दो बच्चे एक ही गति से एक मार्ग पर नहीं चलते, और प्राथमिक पाठ-योजना इन दोनों का सम्मान करे। REET...
