REET लेवल 1 अध्ययन सामग्री
विकास को प्रभावित करने वाले कारक — परिवार एवं विद्यालय की भूमिका (REET लेवल 1, कक्षा 1-5)
प्राथमिक विद्यालय के बच्चे का विकास अनेक परस्पर अंतःक्रिया करते कारकों से बनता है, परंतु REET लेवल 1 का पाठ्यक्रम परिवार और विद्यालय पर केंद्रित है। पारिवारिक कारकों में पालन-पोषण शैली (बॉमरिंड ने चार बताईं — सत्तात्मक-सहयोगी, अधिकारवादी, अति-स्वतंत्र, उपेक्षापूर्ण), सामाजिक-आर्थिक स्थिति, माता-पिता की साक्षरता एवं भागीदारी, भाई-बहन क्रम, परिवार का आकार, परिवार की स्थिरता और घरेलू भाषा शामिल हैं। विद्यालयी कारकों में शिक्षक-शिक्षार्थी संबंध, सहपाठी समूह, कक्षा-वातावरण, अधोसंरचना, उपस्थिति, विद्यालय-घर संवाद और मध्याह्न भोजन पोषण सहायता आते हैं। आनुवंशिकता, पोषण और स्वास्थ्य जैविक पृष्ठभूमि जोड़ते हैं। ब्रॉनफेनब्रेनर का मॉडल इन्हें कक्षा 1-5 के बच्चे के चारों ओर परस्पर समाहित परतों में रखता है। परिवार और विद्यालय आनुवंशिक प्रवृत्तियों को कम या अधिक कर सकते हैं; गर्मजोश कक्षा कमजोर घरेलू उद्दीपन की क्षतिपूर्ति कर सकती है।
मुख्य बिंदु
- REET लेवल 1 परिवार और विद्यालय को उन दो नामित कारकों के रूप में रखता है जिन्हें प्राथमिक शिक्षक हर कक्षा 1-5 शिक्षार्थी में पढ़ता है।
- बॉमरिंड की सत्तात्मक-सहयोगी पालन-पोषण शैली — गर्मजोशी के साथ उचित नियम और कारण — प्राथमिक कक्षा अधिगम को सबसे अच्छा सहारा देती है।
- विद्यालयी कारकों में शिक्षक-शिक्षार्थी संबंध, सहपाठी समूह, कक्षा-वातावरण, अधोसंरचना, उपस्थिति और मध्याह्न भोजन पोषण सहायता शामिल हैं।
- ब्रॉनफेनब्रेनर का जैव-पारिस्थितिकीय मॉडल बच्चे के चारों ओर माइक्रोसिस्टम, मीसोसिस्टम, एक्सोसिस्टम, मैक्रोसिस्टम और क्रोनोसिस्टम को परस्पर समाहित रखता है।
- गर्मजोश एवं पूर्वानुमेय कक्षा कमजोर घरेलू उद्दीपन की क्षतिपूर्ति कर सकती है; जैविक कारक पृष्ठभूमि तय करते हैं, नियति कभी नहीं।
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अध्ययन सामग्री
मुख्य बिंदु
प्राथमिक विद्यालय के बच्चे का विकास अनेक परस्पर अंतःक्रिया करते कारकों से बनता है, परंतु REET लेवल 1 का पाठ्यक्रम परिवार और विद्यालय पर केंद्रित है। पारिवारिक कारकों में पालन-पोषण शैली (बॉमरिंड ने चार बताईं — सत्तात्मक-सहयोगी, अधिकारवादी, अति-स्वतंत्र, उपेक्षापूर्ण), सामाजिक-आर्थिक स्थिति, माता-पिता की साक्षरता एवं भागीदारी, भाई-बहन क्रम, परिवार का आकार, परिवार की स्थिरता और घरेलू भाषा शामिल हैं। विद्यालयी कारकों में...
कक्षा में उपयोग
- शिक्षार्थी स्तर: कक्षा 1-5
- सामान्य भ्रम: एक सामान्य गलतफ़हमी यह है कि कक्षा-उपलब्धि अकेले परिवार या अकेले विद्यालय से तय होती है, या आनुवंशिकता ही नियति है।
- शिक्षक कार्य: हर बच्चे के पारिवारिक संदर्भ को जिज्ञासा से पढ़ें और रूढ़ि से बचें; गर्मजोश दिनचर्या, विविध कार्यों और सम्मानजनक अभिभावक साझेदारी से क्षतिपूर्ति करने वाली पूर्वानुमेय एवं समावेशी प्राथमिक कक्षा बनाएँ।
- अधिगम गतिविधि: एक सरल दो-स्तंभ कक्षा-पंजी रखें: एक स्तंभ जो दिखाई देने वाले पारिवारिक कारकों (घरेलू भाषा, कार्य भार, हाल का प्रवास) के लिए और एक तय की गई विद्यालय-प्रतिक्रिया (बैठने की व्यवस्था, सहपाठी जोड़ी, अतिरिक्त पठन समय) के लिए। पंद्रह दिनों में अद्यतन करें।
- आकलन जांच: जाँचें कि शिक्षार्थी विकास को प्रभावित करने वाले एक पारिवारिक एवं एक विद्यालयी कारक का उदाहरण दे पाता है और बता पाता है कि शिक्षक का चयन दोनों को कैसे सहारा दे सकता है।
सामान्य प्रश्न जाल
- परिवार को अकेला कारक मानना और प्राथमिक कक्षाओं में विद्यालय की भूमिका को अनदेखा करना
- विद्यालय को अकेला कारक मानना और घर के संदर्भ को नकार देना
- कक्षा 1-5 में सामाजिक-आर्थिक स्थिति को उपलब्धि का निर्णायक मान लेना
- आनुवंशिकता को नियति मानकर पर्यावरण को उत्तर से बाहर रखना
- जब परिस्थिति निदानात्मक सहायता माँगती हो तब दण्डात्मक शिक्षक-प्रतिक्रिया चुनना
पाठ्यक्रम सीमा
RBSE REET लेवल 1 बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र पाठ्यक्रम में यह विषय इकाई एक — बाल विकास — के अंतर्गत आता है। शिक्षक-अभ्यर्थी के लिए उपयोगी सीमा यह है: प्राथमिक विद्यालय के बच्चे के विकास को प्रभावित करने वाले कारक, जिनमें परिवार एवं विद्यालय की भूमिका पर स्पष्ट जोर है, और साथ ही जैविक कारकों (आनुवंशिकता, पोषण, स्वास्थ्य) की पृष्ठभूमि का संक्षिप्त उल्लेख। यह नोट इसी सीमा के भीतर रहेगा। यह असमानता पर पूरा समाजशास्त्र निबंध नहीं...
