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अध्ययन सामग्री

REET लेवल 1 अध्ययन सामग्री

रचनावादी उपागम एवं अनुभवात्मक अधिगम — REET स्तर 1 के लिए

रचनावाद मानता है कि प्राथमिक विद्यार्थी संसार पर क्रिया करके तथा पूर्व स्कीमा को पुनर्गठित करके सक्रिय रूप से ज्ञान बनाता है। पियाजे का संज्ञानात्मक रचनावाद आंतरिक तंत्र समझाता है — स्कीमा, आत्मीकरण, समायोजन, संतुलन। वायगोत्स्की का सामाजिक रचनावाद इसमें निकटस्थ विकास क्षेत्र, अधिक जानकार साथी द्वारा सहायक संरचना, तथा सामाजिक से व्यक्तिगत की ओर जाने वाला अधिगम जोड़ता है। अनुभवात्मक अधिगम — विशेषतः कोल्ब का मूर्त अनुभव, चिंतनशील अवलोकन, अमूर्त संकल्पना तथा सक्रिय प्रयोग का चार-अवस्था चक्र — एवं डेवी का करके सीखना सिद्धांत कक्षा को रूप देते हैं: प्रत्यक्ष कार्य, साथी-संवाद, पूर्वानुमान, त्रुटि को आँकड़ा मानना तथा छोटे चिंतन-चक्र। NCF 2005 कक्षा 1-5 के लिए इसी को कार्यकारी शिक्षाशास्त्र के रूप में अनुमोदित करता है।

मुख्य बिंदु

  • पियाजे का संज्ञानात्मक रचनावाद आंतरिक तंत्र समझाता है — स्कीमा, स्कीमा को बनाए रखने वाला आत्मीकरण, उसे बदलने वाला समायोजन, तथा दोनों के बीच निरंतर सम-स्थान खोजने वाला संतुलन।
  • वायगोत्स्की का सामाजिक रचनावाद अधिगम को पहले लोगों के बीच सामाजिक तल पर तथा बाद में ही बच्चे के भीतर रखता है, जहाँ निकटस्थ विकास क्षेत्र उत्पादक अधिगम-अंतर है।
  • सहायक संरचना अधिक जानकार साथी द्वारा दी गई अस्थायी, परिस्थिति-अनुकूल सहायता है जो बच्चे की क्षमता बढ़ने पर कम होती जाती है; एक समान सहायता सहायक संरचना नहीं है।
  • कोल्ब का चार-अवस्था अनुभवात्मक चक्र मूर्त अनुभव से चिंतनशील अवलोकन, फिर अमूर्त संकल्पना, फिर सक्रिय प्रयोग तक चलता है तथा फिर लौट आता है।
  • NCF 2005 कक्षा 1-5 के लिए रचनावादी क्रिया-आधारित शिक्षाशास्त्र को मानक रूप से अनुमोदित करता है, जिसमें पूर्व-ज्ञान, प्रत्यक्ष कार्य, साथी-संवाद तथा निरंतर मूल्यांकन कक्षा-कक्ष का साधारण ढाँचा हैं।

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मुख्य बिंदु

रचनावाद मानता है कि प्राथमिक विद्यार्थी संसार पर क्रिया करके तथा पूर्व स्कीमा को पुनर्गठित करके सक्रिय रूप से ज्ञान बनाता है। पियाजे का संज्ञानात्मक रचनावाद आंतरिक तंत्र समझाता है — स्कीमा, आत्मीकरण, समायोजन, संतुलन। वायगोत्स्की का सामाजिक रचनावाद इसमें निकटस्थ विकास क्षेत्र, अधिक जानकार साथी द्वारा सहायक संरचना, तथा सामाजिक से व्यक्तिगत की ओर जाने वाला अधिगम जोड़ता है। अनुभवात्मक अधिगम — विशेषतः कोल्ब का मूर्त अनुभव,...

सामान्य प्रश्न जाल

  • आत्मीकरण तथा समायोजन को उलटना — जो विकल्प कहे कि आत्मीकरण स्कीमा बदलता है, वह क्लासिक भ्रामक विकल्प है तथा ग़लत है।
  • निकटस्थ विकास क्षेत्र को स्थिर आयु-बैंड या मापनीय IQ अंक मान लेना; यह कार्य-विशिष्ट तथा बदलता है।
  • सहायक संरचना को तनाव से बचाने के लिए दी गई एक समान सहायता बताना; सहायक संरचना का परिभाषक लक्षण ही उसका कम होते जाना है।
  • कोल्ब के अनुभवात्मक चक्र को तीन या पाँच अवस्थाओं का बताना; मानक गणना चार अवस्थाएँ है, क्रम में मूर्त अनुभव से चिंतनशील अवलोकन, फिर अमूर्त संकल्पना, फिर सक्रिय प्रयोग।
  • शब्द-दर-शब्द उतारना या चुप रटना को रचनावादी प्रथा मान लेना; दोनों प्रति-उदाहरण हैं तथा NCF 2005 द्वारा आलोचित प्रसारण मॉडल से मेल खाते हैं।

पाठ्यक्रम सीमा

यह विषय RBSE REET स्तर 1 CDP पाठ्यक्रम की उस पंक्ति के अंतर्गत है जो अधिगम सिद्धांत एवं उनके निहितार्थ कहती है। यह स्तर 1 (कक्षा 1-5) का विषय है, अतः इस अध्ययन-नोट में हर उदाहरण, कक्षा-कक्ष गतिविधि तथा मूल्यांकन सूत्र प्राथमिक बच्चों को ध्यान में रखकर रखा गया है, उच्च-प्राथमिक या माध्यमिक को नहीं। सीमा जान-बूझ कर संकीर्ण है: आपसे अपेक्षित है कि आप जानें रचनावाद क्या दावा करता है, किस विचारक ने क्या कहा, कोल्ब का अनुभवात्मक...

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