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REET लेवल 1 अध्ययन सामग्री

संप्रत्यय मानचित्रण, अन्वेषण उपागम एवं समस्या समाधान — REET स्तर 1

संप्रत्यय मानचित्रण, अन्वेषण उपागम और समस्या समाधान वे तीन कक्षा-रणनीतियाँ हैं जिनका उपयोग कक्षा एक से पाँच की शिक्षिका सीखने को सार्थक बनाने के लिए करती है। जोसेफ नोवाक द्वारा विकसित संप्रत्यय मानचित्र सबसे व्यापक विचार को ऊपर रखता है और उप-विचारों को नामांकित जोड़-रेखाओं से जोड़ता है, जिससे दो विचार मिलकर अर्थपूर्ण कथन बनते हैं। अन्वेषण उपागम छोटे विद्यार्थियों से अपेक्षा करता है कि वे अवलोकन करें, प्रश्न उठाएँ, अनुमान लगाएँ, हाथों-हाथ क्रिया से जाँच करें और परिणामों पर चर्चा करें। प्राथमिक स्तर पर समस्या समाधान जॉर्ज पोल्या के चार चरणों — समस्या समझना, योजना बनाना, क्रिया करना और वापस जाँचना — का अनुसरण करता है। ये तीनों रणनीतियाँ रटने वाले अभ्यास के स्थान पर सोच, अवलोकन और क्रमबद्ध तर्क को कक्षा का केंद्र बनाती हैं।

मुख्य बिंदु

  • संप्रत्यय मानचित्र व्यापक से विशिष्ट के क्रम में होते हैं और हर जोड़-रेखा पर नामांकित जोड़-शब्द लिखा होता है।
  • जोसेफ नोवाक ने 1970 के दशक में डेविड ऑज़ुबेल के सार्थक अधिगम सिद्धांत के आधार पर संप्रत्यय मानचित्र विकसित किया।
  • प्राथमिक कक्षा का अन्वेषण उपागम अवलोकन, अनुमान, जाँच और चर्चा के क्रम में चलता है।
  • पोल्या के समस्या-समाधान के चार चरण हैं — समस्या समझना, योजना बनाना, क्रिया करना और वापस जाँचना।
  • तीनों रणनीतियों में शिक्षिका उत्तर पहले से नहीं बतातीं; बच्चे अपनी सोच से ही विचार तक पहुँचते हैं।

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सार्वजनिक प्रीव्यू पाठ्यक्रम दृष्टि, कक्षा उपयोग, मुख्य बिंदु और स्रोत पथ दिखाता है। REET अध्ययन पैक पूरा नोट और संबंधित अभ्यास खोलता है।

अध्ययन सामग्री

मुख्य बिंदु

संप्रत्यय मानचित्रण, अन्वेषण उपागम और समस्या समाधान वे तीन कक्षा-रणनीतियाँ हैं जिनका उपयोग कक्षा एक से पाँच की शिक्षिका सीखने को सार्थक बनाने के लिए करती है। जोसेफ नोवाक द्वारा विकसित संप्रत्यय मानचित्र सबसे व्यापक विचार को ऊपर रखता है और उप-विचारों को नामांकित जोड़-रेखाओं से जोड़ता है, जिससे दो विचार मिलकर अर्थपूर्ण कथन बनते हैं। अन्वेषण उपागम छोटे विद्यार्थियों से अपेक्षा करता है कि वे अवलोकन करें, प्रश्न उठाएँ, अनुमान...

कक्षा में उपयोग

  • शिक्षार्थी स्तर: कक्षा 1-5
  • सामान्य भ्रम: कई प्राथमिक शिक्षक संप्रत्यय मानचित्र को पहले से भरा हुआ चार्ट मानकर बच्चों से नकल कराते हैं और अन्वेषण-पाठ को बिना ढाँचे का खुला खेल समझ लेते हैं।
  • शिक्षक कार्य: बच्चों को आंशिक रूप से भरे संप्रत्यय मानचित्र देकर अपने शब्दों में पूरा करवाएँ और अन्वेषण को अवलोकन, अनुमान, जाँच और चर्चा के स्थायी चरणों वाले दीवार-चार्ट से ढाँचा दें।
  • अधिगम गतिविधि: कक्षा 3 के लिए आंशिक रूप से भरा पौधे वाला संप्रत्यय मानचित्र, कक्षा 4 के परछाई-अन्वेषण के लिए टॉर्च और लकड़ी का गुटका और हर शाब्दिक समस्या के लिए दीवार पर पोल्या के चार चरण का चार्ट प्रयोग करें।
  • आकलन जांच: इकाई के अंत में हर विद्यार्थी से कोरे पन्ने पर अपना संप्रत्यय मानचित्र बनवाएँ और एक नई शाब्दिक समस्या पर पोल्या के चार चरणों को अपने शब्दों में बोलने को कहें।

सामान्य प्रश्न जाल

  • संप्रत्यय मानचित्र को मन-मानचित्र समझ लेना — केवल संप्रत्यय मानचित्र में जोड़-शब्द और कड़ा क्रम होता है।
  • ऐसे विकल्प चुन लेना जो कहें कि शिक्षिका को उत्तर पहले से बता देना चाहिए; अन्वेषण में शिक्षिका उत्तर रोककर रखती हैं।
  • पोल्या के वापस जाँचने वाले चरण को छोड़ने वाले या क्रम में गलत जगह रखने वाले विकल्प चुन लेना।
  • एक जैसे पूरी तरह भरे मानचित्र को उत्तम अभ्यास मान लेना; हर बालक को अपने शब्दों में मानचित्र बनाना चाहिए।
  • पोल्या के ढाँचे के दो या तीन-चरण रूप चुन लेना जो चार नामांकित चरणों में से किसी एक को छोड़ देते हैं।

पाठ्यक्रम सीमा

RBSE REET स्तर 1 बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र पाठ्यक्रम में संप्रत्यय मानचित्रण, अन्वेषण उपागम और समस्या समाधान को प्राथमिक शिक्षिका के लिए तीन कक्षा-रणनीतियों के रूप में रखा गया है। स्तर 1 का पेपर कक्षा एक से पाँच पर केंद्रित है, अतः यहाँ दिया गया हर उदाहरण, हर कक्षा-व्यवस्था और हर मूल्यांकन छह से ग्यारह वर्ष के विद्यार्थी के अनुरूप होना चाहिए। अभ्यर्थी को इन तीनों शब्दों को अलग-अलग याद की जाने वाली परिभाषा के रूप में नहीं...

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