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REET लेवल 1 अध्ययन सामग्री

अपठित पद्यांश — कक्षा 1-5 के लिए अवबोध एवं सरल काव्य अलंकार

REET स्तर 1 में अपठित पद्यांश का अर्थ है ऐसी छोटी हिन्दी कविता जो विद्यार्थी ने पहले न पढ़ी हो — रिमझिम-शैली से ली गई चार से आठ पंक्तियाँ। शिक्षक इसी पद्यांश से कक्षा 1-5 स्तर पर सरल अवबोध जाँचते हैं — पद्य का भाव पहचानना, पंक्ति-अंत में तुक मिलाना, अनुप्रास या उपमा जैसा सरल अलंकार पहचानना, संदर्भ से शब्द का अर्थ निकालना, तथा सरल भाव-प्रतिक्रिया देना। प्राथमिक स्तर पर जटिल छंद-शास्त्र तथा कठिन अलंकार पाठ्यक्रम से बाहर हैं। प्रशिक्षित REET शिक्षक पद्यांश को लयबद्ध रूप से ज़ोर से पढ़ते हैं, छोटे भाव-प्रश्न पूछते हैं, बच्चे की स्वाभाविक भाषा में उत्तर स्वीकार करते हैं, तथा बच्चों को स्वयं तुक-शब्द-युग्म एवं व्यंजन-पुनरावृत्ति वाली पंक्तियाँ खोजने को प्रेरित करते हैं।

मुख्य बिंदु

  • रीट स्तर 1 हिंदी में भाषा प्रथम का केंद्र अपठित गद्यांश है, जबकि हिंदी भाषा द्वितीय में अलग से अपठित पद्यांश शामिल है।
  • हिंदी भाषा द्वितीय के पद्यांश में आधिकारिक केंद्र भाव-सौंदर्य, विचार-सौंदर्य, नाद-सौंदर्य, शिल्प-सौंदर्य और जीवन-दृष्टि पर है।
  • सही उत्तर दी गई पंक्तियों पर आधारित होना चाहिए, विद्यार्थी के बाहरी जीवनी-स्मरण या याद की हुई कविता-सूची पर नहीं।
  • तुक, उपमा या अनुप्रास उदाहरणों में आ सकते हैं, पर इस पाठ्यक्रम-सीमा की आधिकारिक काव्य-प्रशंसा श्रेणियों की जगह नहीं ले सकते।
  • औपचारिक सौंदर्य-श्रेणियाँ हिंदी भाषा द्वितीय पद्यांश की सीमा में आती हैं; उन्हें स्तर 1 पाठ्यक्रम से बाहर न बताएं।

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सार्वजनिक प्रीव्यू पाठ्यक्रम दृष्टि, कक्षा उपयोग, मुख्य बिंदु और स्रोत पथ दिखाता है। REET अध्ययन पैक पूरा नोट और संबंधित अभ्यास खोलता है।

अध्ययन सामग्री

मुख्य बिंदु

REET स्तर 1 में अपठित पद्यांश का अर्थ है ऐसी छोटी हिन्दी कविता जो विद्यार्थी ने पहले न पढ़ी हो — रिमझिम-शैली से ली गई चार से आठ पंक्तियाँ। शिक्षक इसी पद्यांश से कक्षा 1-5 स्तर पर सरल अवबोध जाँचते हैं — पद्य का भाव पहचानना, पंक्ति-अंत में तुक मिलाना, अनुप्रास या उपमा जैसा सरल अलंकार पहचानना, संदर्भ से शब्द का अर्थ निकालना, तथा सरल भाव-प्रतिक्रिया देना। प्राथमिक स्तर पर जटिल छंद-शास्त्र तथा कठिन अलंकार पाठ्यक्रम से बाहर हैं।...

कक्षा में उपयोग

  • शिक्षार्थी स्तर: कक्षा 1-5
  • सामान्य भ्रम: बच्चे प्रायः सोचते हैं कि तुक के लिए पद्य का प्रत्येक शब्द एक ही व्यंजन पर समाप्त होना चाहिए, जबकि तुक केवल पंक्ति-अंत का गुण है।
  • शिक्षक कार्य: शिक्षिका पद्य को लयबद्ध रूप से दो बार ज़ोर से पढ़ें, बच्चों से पंक्ति-अंत पर ताली बजवाएँ, तथा बोर्ड पर केवल अंतिम शब्दों को घेरकर तुक का पंक्ति-अंत स्वरूप दिखाएँ।
  • अधिगम गतिविधि: एक सरल तुक-युग्म कार्ड खेल जिसमें बच्चे ऐसे कार्ड मिलाते हैं जिनकी अंतिम ध्वनियाँ तुक खाती हों; कार्ड चार पंक्तियों के रिमझिम-शैली के प्रकृति-पद्य से लिए जाते हैं।
  • आकलन जांच: प्रत्येक बच्चा अपठित पद्य का एक तुक-शब्द-युग्म स्टिकी नोट पर लिखे, उपस्थित होने पर एक अनुप्रास-पंक्ति पहचाने, तथा शिक्षिका को एक वाक्य में पद्य का भाव बताए।

सामान्य प्रश्न जाल

  • तुक तथा अनुप्रास को मिला देना — तुक पंक्ति-अंत पर रहती है, अनुप्रास शब्दों के प्रारंभ में व्यंजन-पुनरावृत्ति में।
  • किसी सीधे-सादे वर्णनात्मक पंक्ति को उपमा का उदाहरण कहना जबकि वहाँ न जोड़-शब्द है न दो भिन्न वस्तुओं की तुलना।
  • उज्ज्वल प्रकृति-दृश्य वाले पद्य को केवल इसलिए दुख-भाव कह देना कि शाब्दिक विषय बच्चे को भयावह लगता है।
  • अपरिचित शब्द का शब्दकोश अर्थ चुन लेना तथा वही अर्थ छोड़ देना जो पद्य की आस-पास की पंक्ति में जँचता है।
  • जटिल छंद-शास्त्र पहचान को प्राथमिक कक्षा का सही अभ्यास मानना जबकि वह पाठ्यक्रम से बाहर है।

प्राथमिक स्तर पर अपठित पद्यांश का अर्थ

REET स्तर 1 की दृष्टि से अपठित पद्यांश ऐसी छोटी, आयु-संगत हिन्दी कविता है जिसे विद्यार्थी ने पहले नहीं पढ़ा। यह कविता प्रायः चार से आठ पंक्तियों की होती है तथा NCERT रिमझिम-शैली के स्रोतों से अथवा राजस्थान राज्य प्राथमिक हिन्दी सामग्री में प्रचलित समान शैली के समकक्ष पद्यों से ली जाती है। यह दोहा हो सकता है, चार पंक्तियों की कविता हो सकती है, अथवा तुक से जुड़े हुए दो छोटे पद्य-युग्म हो सकते हैं। इस अभ्यास का उद्देश्य पद्य...

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