मुख्य तथ्य

  • आरंभ में मूल भाव को एक साफ वाक्य में रखिए; केवल पंक्ति दोहराकर उत्तर शुरू न करें।
  • भाव को कारण, परिणाम और जीवन, समाज, प्रशासन, शिक्षा या राजस्थान से जुड़े उपयुक्त उदाहरण से विकसित कीजिए।
  • उत्तर लगभग 100 शब्दों का, अनुच्छेद रूप में और क्रमबद्ध वाक्यों में रहे।
  • भाषा स्वाभाविक, गंभीर और शुद्ध हिंदी हो; अनावश्यक अंग्रेज़ी या नारेबाजी से बचें।
  • अंत में निष्कर्ष फिर उसी मूल विचार से जुड़े।

मुख्य बिंदु

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    आरंभ में मूल भाव को एक साफ वाक्य में रखिए; केवल पंक्ति दोहराकर उत्तर शुरू न करें।

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    भाव को कारण, परिणाम और जीवन, समाज, प्रशासन, शिक्षा या राजस्थान से जुड़े उपयुक्त उदाहरण से विकसित कीजिए।

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    उत्तर लगभग 100 शब्दों का, अनुच्छेद रूप में और क्रमबद्ध वाक्यों में रहे।

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    भाषा स्वाभाविक, गंभीर और शुद्ध हिंदी हो; अनावश्यक अंग्रेज़ी या नारेबाजी से बचें।

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    अंत में निष्कर्ष फिर उसी मूल विचार से जुड़े।

अवधारणा और नियम

पल्लवन में दी गई सूक्ति, काव्य-पंक्ति, कथन या नीति-वाक्य के मूल भाव को लगभग 100 शब्दों में स्पष्ट किया जाता है। उत्तर न तो बहुत छोटा संकेत होना चाहिए और न निबंध जैसा लंबा विस्तार। अच्छे उत्तर में पहले केंद्रीय विचार पकड़ा जाता है, फिर उसे सरल और गंभीर भाषा में समझाया जाता है, एक उपयुक्त उदाहरण दिया जाता है और अंत में संतुलित निष्कर्ष रखा जाता है।

  • आरंभ में मूल भाव को एक साफ वाक्य में रखिए; केवल पंक्ति दोहराकर उत्तर शुरू न करें।
  • भाव को कारण, परिणाम और जीवन, समाज, प्रशासन, शिक्षा या राजस्थान से जुड़े उपयुक्त उदाहरण से विकसित कीजिए।
  • उत्तर लगभग 100 शब्दों का, अनुच्छेद रूप में और क्रमबद्ध वाक्यों में रहे।
  • भाषा स्वाभाविक, गंभीर और शुद्ध हिंदी हो; अनावश्यक अंग्रेज़ी या नारेबाजी से बचें।
  • अंत में निष्कर्ष फिर उसी मूल विचार से जुड़े।

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संभावित प्रश्न

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110Mनिम्नलिखित का भाव विस्तार कीजिए : (शब्द सीमा : लगभग 100 शब्द) 'मित्रता की कसौटी विपत्ति है।'10 अंक · 150 शब्द

मॉडल उत्तर

सच्ची मित्रता सुख के मेल-मिलाप से नहीं, कठिन समय में पहचानी जाती है। सामान्य दिनों में अनेक लोग साथ दिखाई देते हैं, पर संकट आने पर वही व्यक्ति मित्र कहलाता है जो बिना स्वार्थ सहायता करे, धैर्य दे और सही सलाह भी दे। विपत्ति मनुष्य के स्वभाव, निष्ठा और संवेदना को उजागर कर देती है। जैसे किसी विद्यार्थी की बीमारी में उसके मित्र नोट्स, समय और साहस देकर साथ खड़े हों, तो संबंध केवल परिचय नहीं रहता। इसलिए मित्र चुनते समय सुविधा नहीं, विश्वसनीयता देखनी चाहिए।

~150 शब्द · 10 अंक