कार्य में समृद्धि: सद्गुण, शक्तियाँ, रैसेक मॉडल, व्यक्ति-पर्यावरण अनुरूपता
मुख्य तथ्य
- उत्कर्ष/समृद्धि — मार्टिन सेलिगमैन (2011) — इष्टतम मानव क्रियाशीलता; केवल सुखद अनुभूति (हेडोनिक) नहीं, बल्कि अर्थपूर्ण, सद्गुण युक्त जीवन (यूडेमोनिक)।
- सेलिगमैन का PERMA मॉडल (2011) — 5 घटक: सकारात्मक भावनाएँ, संलग्नता, संबंध, अर्थ, उपलब्धि। विस्तारित PERMA-V में जीवनशक्ति जोड़ी।
- सकारात्मक मनोविज्ञान — सेलिगमैन एवं चिकसेंटमिहाली (2000)
- फ्लो (प्रवाह अनुभव) — चिकसेंटमिहाली (1990)
- VIA वर्गीकरण — सेलिगमैन एवं पीटरसन (2004)
मुख्य बिंदु
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उत्कर्ष/समृद्धि — मार्टिन सेलिगमैन (2011) — इष्टतम मानव क्रियाशीलता; केवल सुखद अनुभूति (हेडोनिक) नहीं, बल्कि अर्थपूर्ण, सद्गुण युक्त जीवन (यूडेमोनिक)।
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सेलिगमैन का PERMA मॉडल (2011) — 5 घटक: सकारात्मक भावनाएँ, संलग्नता, संबंध, अर्थ, उपलब्धि। विस्तारित PERMA-V में जीवनशक्ति जोड़ी। प्रत्येक घटक स्वयं में एक लक्ष्य।
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सकारात्मक मनोविज्ञान — सेलिगमैन एवं चिकसेंटमिहाली (2000) — मनोविज्ञान का ध्यान रोग से हटाकर शक्तियों एवं इष्टतम कार्यशीलता पर। तीन स्तंभ: सकारात्मक अनुभव, व्यक्तिगत गुण, सकारात्मक संस्थाएँ।
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फ्लो (प्रवाह अनुभव) — चिकसेंटमिहाली (1990) — चुनौतीपूर्ण कार्य में पूर्ण तल्लीनता; कौशल और माँग का मेल; समय विस्मृति, सहजता, आंतरिक पुरस्कार। PERMA के 'E' (संलग्नता) का आधार।
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VIA वर्गीकरण — सेलिगमैन एवं पीटरसन (2004) — 24 चरित्र शक्तियाँ, 6 सद्गुण: ज्ञान, साहस, मानवता, न्याय, संयम, अतिक्रमण। VIA सर्वेक्षण सर्वाधिक प्रयुक्त शक्ति-आकलन उपकरण।
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हस्ताक्षर शक्तियाँ — VIA के शीर्ष 3-7 शक्तियाँ जो स्वाभाविक, ऊर्जादायक हों। लिनले एवं जोसेफ (2004) — हस्ताक्षर शक्तियों का उपयोग संलग्नता बढ़ाता है, बर्नआउट घटाता है।
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हॉलैंड का RIASEC/RAISEC सिद्धांत (1959) — व्यक्ति और कार्य-पर्यावरण के 6 प्रकार: यथार्थवादी, अन्वेषी, कलात्मक, सामाजिक, उद्यमी और पारंपरिक। करियर संतुष्टि व्यक्ति-प्रकार और पर्यावरण-प्रकार की अनुरूपता पर निर्भर करती है।
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P-E फ़िट सिद्धांत — श्नाइडर (1987) का ASA मॉडल — समान लोग आकर्षित-चयनित-बनाए रखे जाते हैं। PJ (कार्य-व्यक्ति), PO (संगठन-व्यक्ति), PG (समूह-व्यक्ति), PV (व्यवसाय-व्यक्ति) फ़िट — प्रत्येक अलग परिणाम।
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आत्म-निर्धारण सिद्धांत (SDT) — डेसी एवं रायन (1985) — तीन सार्वभौमिक मनोवैज्ञानिक आवश्यकताएँ: स्वायत्तता, दक्षता, संबद्धता। आंतरिक अभिप्रेरणा समृद्धि बनाए रखती है।
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जॉब क्राफ्टिंग — व्ज़ेसनिएवस्की एवं डटन (2001) — कर्मचारी अपने कार्यों, संबंधों और संज्ञानात्मक धारणा को सक्रिय रूप से नया रूप देते हैं। तीन प्रकार: कार्य, संबंधात्मक एवं संज्ञानात्मक क्राफ्टिंग।
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कार्यस्थल में गुण नैतिकता — अरस्तू की निकोमाचियन नैतिकता; गुण स्थायी चरित्र विशेषताएँ। POS (सकारात्मक संगठनात्मक विद्वत्ता) — कैमरन एवं डटन (2003), मिशिगन विश्वविद्यालय — शक्ति, लचीलेपन से असाधारण प्रदर्शन।
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भारतीय प्रशासनिक संदर्भ में फलन-समृद्धि: धर्म, कर्म और सेवा की भारतीय परंपराएँ कार्य में अर्थ और समर्पण का देशी ढाँचा देती हैं। जो भारतीय प्रशासनिक सेवा/राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी कार्य को सेवा-पुकार मानते हैं, वे अधिक लचीले और जनोन्मुख होते हैं।
परिचय और परीक्षा संदर्भ
कार्यस्थल पर उत्कर्ष आरपीएससी २०२६ के व्यवहार पाठ्यक्रम का नया, वैचारिक और प्रशासन से सीधे जुड़ने वाला विषय है। आरपीएससी की ०९/०१/२०२६ की आधिकारिक पाठ्यक्रम सूची में राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएँ संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा २०२६ के लिए मुख्य परीक्षा से जुड़ी ३ अलग प्रविष्टियाँ दी गई हैं — मुख्य परीक्षा योजना, मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम का हिन्दी संस्करण और मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम का अंग्रेजी संस्करण। उत्कर्ष यानी कार्यस्थल पर उत्कर्ष (विषय १२६) २०२६ के व्यवहार पाठ्यक्रम में सबसे नया और वैचारिक रूप से सबसे अभिनव विषय है। यह पिछले वर्षों के प्रश्नों में कभी नहीं आया, और प्रश्न-विश्लेषण इसे मध्यम-उच्च प्राथमिकता देता है। यह विषय सकारात्मक मनोविज्ञान, व्यावसायिक सिद्धांत यानी हॉलैंड का रिआसेक, और व्यक्ति-पर्यावरण अनुकूलता को एकीकृत करता है — ये अवधारणाएँ सरकारी मानव संसाधन प्रबंधन, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग और राज्य लोक सेवा आयोगों में तेजी से प्रासंगिक हो रही हैं।
आरएएस अधिकारी के लिए उत्कर्ष का महत्त्व: उत्कर्ष को समझना प्रशासकों को ऐसे कार्यस्थल डिजाइन करने में मदद करता है जहाँ कर्मचारी संलग्न, उत्पादक और नैतिक हों — जिससे शासन की गुणवत्ता सीधे बेहतर होती है। एक खंड विकास अधिकारी जो क्षेत्र कार्यकर्ताओं को अर्थपूर्ण कार्य बनाने, अपनी शक्तियाँ पहचानने और व्यक्ति-कार्य अनुकूलता प्राप्त करने में मदद करता है, वह केवल अधिकार और अनुपालन पर निर्भर अधिकारी की तुलना में अधिक प्रेरणा और कम अनुपस्थिति देखेगा।
परीक्षा दृष्टिकोण: आरपीएससी पर्मा मॉडल, रिआसेक प्रकार, व्यक्ति-पर्यावरण अनुकूलता, या वीआईए चारित्रिक शक्तियों के बारे में पूछ सकता है। सार्वजनिक प्रशासन के उदाहरणों से अमूर्त सिद्धांतों को जोड़ने के लिए तैयार रहें।
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संभावित संभावित RAS प्रश्न
PYQ रुझान और 2026 पाठ्यक्रम विश्लेषण पर आधारित
1 5M हॉलैंड के RAISEC करियर प्रकार मॉडल को समझाइए।
आदर्श उत्तर
हॉलैंड का RAISEC मॉडल व्यक्ति और कार्य-पर्यावरण को छह प्रकारों में बाँटता है: यथार्थवादी, कलात्मक, अन्वेषी, सामाजिक, उद्यमी और पारंपरिक। करियर-संतुष्टि तब बढ़ती है जब व्यक्ति का प्रकार कार्य-पर्यावरण से मेल खाता है। उदाहरणतः सामाजिक प्रकार कल्याण प्रशासन में बेहतर फलता-फूलता है, पर अत्यधिक डेटा-लेखापरीक्षा में असंतुष्ट हो सकता है।
~50 शब्द • 5 अंक
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