मुख्य तथ्य

  • संगठनात्मक व्यवहार (OB) संगठनों में व्यक्तिगत और समूह व्यवहार का अध्ययन है; मनोविज्ञान, समाज मनोविज्ञान, समाजशास्त्र और नृविज्ञान पर आधारित।
  • मास्लो की आवश्यकता पदानुक्रम (1943): पाँच स्तर
  • हर्जबर्ग का द्वि-कारक सिद्धांत (1959): (1) स्वच्छता कारक
  • मैकलेलैंड का तीन आवश्यकता सिद्धांत (1961): अर्जित आवश्यकताएँ व्यवहार को प्रेरित करती हैं
  • नेतृत्व शैलियाँ: (1) निरंकुश — अकेले निर्णय; (2) लोकतांत्रिक — अधीनस्थों की भागीदारी; (3) लाइसेज़-फेयर

मुख्य बिंदु

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    संगठनात्मक व्यवहार (OB) संगठनों में व्यक्तिगत और समूह व्यवहार का अध्ययन है; मनोविज्ञान, समाज मनोविज्ञान, समाजशास्त्र और नृविज्ञान पर आधारित। प्रमुख संस्थापक: एल्टन मेयो (हॉथोर्न अध्ययन, 1924–32) और कर्ट लेविन (समूह गतिशीलता, 1947)।

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    मास्लो की आवश्यकता पदानुक्रम (1943): पाँच स्तर — (1) शारीरिक (भोजन, जल); (2) सुरक्षा; (3) सामाजिक/प्रेम; (4) सम्मान (पहचान, उपलब्धि); (5) स्व-वास्तविकीकरण (पूर्ण संभावना की प्राप्ति); निम्न आवश्यकता संतुष्ट होने पर ही अगली प्रेरित करती है।

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    हर्जबर्ग का द्वि-कारक सिद्धांत (1959): (1) स्वच्छता कारक — कार्य दशाएँ, वेतन, सुरक्षा; इनकी उपस्थिति असंतोष रोकती है पर प्रेरित नहीं करती; (2) प्रेरक कारक — उपलब्धि, पहचान, उत्तरदायित्व, वृद्धि; ये सक्रिय रूप से संतुष्टि और प्रेरणा उत्पन्न करते हैं।

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    मैकलेलैंड का तीन आवश्यकता सिद्धांत (1961): अर्जित आवश्यकताएँ व्यवहार को प्रेरित करती हैं — (1) उपलब्धि-आवश्यकता: उत्कृष्टता पाने, मध्यम जोखिम लेने और परिणामों की निजी जिम्मेदारी पसंद करने की इच्छा; (2) शक्ति-आवश्यकता: दूसरों को प्रभावित करने की इच्छा, जिसमें निजी शक्ति स्वहित से और संस्थागत शक्ति संगठन के हित से जुड़ती है; (3) संबद्धता-आवश्यकता: निकट पारस्परिक संबंधों और प्रिय माने जाने की इच्छा।

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    धारणा: व्यक्ति संवेदी सूचनाओं का चयन, संगठन, एवं व्याख्या करता है; अभिधारणा पूर्वाग्रह: हेलो प्रभाव (एक गुण से समग्र राय), रूढ़िबद्धता, प्रक्षेपण (अपनी भावनाएँ दूसरे पर थोपना), चयनात्मक धारणा

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    नेतृत्व शैलियाँ: (1) निरंकुश — अकेले निर्णय; (2) लोकतांत्रिक — अधीनस्थों की भागीदारी; (3) लाइसेज़-फेयर — पूर्ण प्रत्यायोजन। पथ-लक्ष्य सिद्धांत (हाउस, 1971): नेता बाधाएँ हटाकर लक्ष्य-पथ स्पष्ट करता है — 4 शैलियाँ: निर्देशात्मक, सहायक, सहभागी, उपलब्धि-उन्मुख।

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    संगठनों में समूह: औपचारिक (कार्य-आधारित) बनाम अनौपचारिक (सामाजिक)। टकमैन के गठन चरण (1965): गठन → संघर्ष → मानकीकरण → प्रदर्शन → विघटन। टीम बनाम समूह: टीम में साझा लक्ष्य, पारस्परिक जवाबदेही, पूरक कौशल।

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    संगठनात्मक संस्कृति (एडगर शीन, 1985): तीन स्तर: (1) कलाकृतियाँ (दृश्यमान — पोशाक, कार्यालय लेआउट); (2) घोषित मूल्य (मिशन, रणनीतियाँ); (3) मूल धारणाएँ (अचेतन, गहरतम स्तर)।

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    हॉथोर्न अध्ययन (एल्टन मेयो, 1924–32): पश्चिमी विद्युत कंपनी, शिकागो। हॉथोर्न प्रभाव: अवलोकित होने से उत्पादकता बढ़ती है; सामाजिक मानक भौतिक दशाओं से अधिक महत्त्वपूर्ण; मानवीय सम्बन्ध प्रबंधन विद्यालय का जन्म।

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    मैकग्रेगर का थ्योरी X और Y (1960): थ्योरी X: कर्मचारी आलसी, काम नापसंद, केवल पैसे से प्रेरित; थ्योरी Y: कर्मचारी स्व-प्रेरित, सृजनशील, उत्तरदायित्व चाहते; मैकग्रेगर ने Y को आधुनिक संगठनों के लिए अधिक प्रभावी बताया।

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    करिश्माई नेतृत्व: असाधारण गुण, दृष्टि और प्रभावशाली वाणी से अनुयायियों में निष्ठा और त्याग की भावना जगाने वाला नेता; 4 विशेषताएँ: (1) स्पष्ट दृष्टि और उसे साफ़ ढंग से रखने की क्षमता; (2) अनुयायियों की ज़रूरतों के प्रति संवेदनशीलता; (3) लीक से हटकर व्यवहार; (4) निजी जोखिम लेने की तत्परता।

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    संगठन में संघर्ष: कार्यात्मक (रचनात्मक) बनाम अकार्यात्मक; थॉमस-किलमैन के 5 संघर्ष निवारण शैलियाँ: प्रतिस्पर्धा, सहयोग, समझौता, परिहार, सुलह; सहयोग शैली दोनों पक्षों के लक्ष्य प्राप्त करती है पर समय और उच्च विश्वास आवश्यक।

संगठनात्मक व्यवहार क्या है और RAS में इसे कैसे पढ़ना चाहिए?

संगठनात्मक व्यवहार संगठनों में व्यक्ति, समूह और संरचना के व्यवहार को समझकर संगठन की प्रभावशीलता सुधारने वाला अध्ययन-क्षेत्र है, और RAS में इसे सिद्धांतकार, वर्ष, मॉडल और प्रशासनिक अनुप्रयोग के साथ पढ़ना चाहिए। RPSC मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम के अनुसार लिखित परीक्षा में 4 वर्णनात्मक/विश्लेषणात्मक प्रश्नपत्र होते हैं और प्रत्येक 200 अंक का होता है।

संगठनात्मक व्यवहार 1950–60 के दशक में औद्योगिक मनोविज्ञान और समाजशास्त्र में प्रारंभिक कार्य पर आधारित एक औपचारिक शैक्षणिक अनुशासन के रूप में उभरा। यह अध्ययन का एक ऐसा क्षेत्र है जो संगठनों में व्यक्तियों, समूहों और संरचनाओं के व्यवहार पर पड़ने वाले प्रभाव की जाँच करता है, ताकि ऐसे ज्ञान को संगठन की प्रभावशीलता सुधारने में लागू किया जा सके।

RAS मुख्य परीक्षा के लिए संगठनात्मक व्यवहार का महत्व:

  • पूर्ववर्षीय प्रश्न प्रवृत्ति: प्रेरणा प्रश्न (मास्लो 2021, मैकलेलैंड 2023) प्रत्येक परीक्षा में आते हैं — यह सबसे अनुमानित प्रबंधन उप-विषय है
  • 2026 पूर्वानुमान: प्रेरणा सिद्धांत पर कम से कम एक 5-अंकीय प्रश्न (संभवतः हर्जबर्ग, जो हाल में नहीं पूछा गया) और नेतृत्व पर एक 2-अंकीय प्रश्न की अपेक्षा करें
  • विस्तार: रणनीतिक प्रबंधन या विपणन के विपरीत, संगठनात्मक व्यवहार शुद्ध सिद्धांत है — तैयारी आसान लेकिन सिद्धांतकारों, वर्ष और मॉडल संरचना के सटीक स्मरण की आवश्यकता होती है

संगठनात्मक व्यवहार को आधार देने वाले चार अनुशासन:

1. मनोविज्ञान: व्यक्तिगत व्यवहार — प्रत्यक्षण, प्रेरणा, व्यक्तित्व, अधिगम, अभिवृत्तियाँ

2. सामाजिक मनोविज्ञान: समूह गतिशीलता, टीम व्यवहार, प्रभाव प्रक्रियाएँ

3. समाजशास्त्र: समूह संरचनाएँ, संगठनात्मक संस्कृति, शक्ति और संघर्ष

4. मानवविज्ञान: अंतर-सांस्कृतिक व्यवहार, तुलनात्मक संगठनात्मक मूल्य

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संभावित प्रश्न

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15Mमास्लो की आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत की व्याख्या कीजिए। संगठनों में इसका अनुप्रयोग कैसे होता है?5 अंक · 50 शब्द

मॉडल उत्तर

मास्लो (1943): 5 पदानुक्रमिक आवश्यकताएँ: (1) शारीरिक (भोजन, आश्रय); (2) सुरक्षा (रोजगार); (3) सामाजिक (मित्रता, टीम); (4) सम्मान (पुरस्कार, मान्यता); (5) स्व-वास्तविकीकरण (सृजन, पूर्ण विकास)। निम्न संतुष्ट होने पर ही अगली प्रेरित करती है। संगठन अनुप्रयोग: उचित वेतन → सुरक्षा → टीम गतिविधि → पुरस्कार → चुनौतीपूर्ण कार्य।

~50 शब्द · 5 अंक