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जयपुर

गुलाबी नगर — राजस्थान की राजधानी और UNESCO विश्व धरोहर शहर

अंतिम सत्यापन: 2026-05-04

जयपुर राजस्थान की राजधानी है, जिसकी स्थापना 1727 ई. में आमेर के सवाई जय सिंह द्वितीय ने की थी और जो भारत के सबसे प्रारंभिक नियोजित शहरों में से एक है — वास्तु शास्त्र पर आधारित नौ-खंडीय चौकड़ी ग्रिड पर डिज़ाइन की गई। 1876 में प्रिंस ऑफ़ वेल्स के स्वागत के लिए परकोटे को गुलाबी रंग में रँगा गया, और यह 2019 से UNESCO विश्व धरोहर स्थल है। यह राज्य की राजनीतिक, प्रशासनिक और आर्थिक राजधानी है, और राजस्थान विधान सभा, राजस्थान सचिवालय तथा राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर पीठ यहीं स्थित हैं।

जिला एक नज़र में

स्थापना1727 ई., सवाई जय सिंह द्वितीय द्वारा
क्षेत्र का पुराना नामढूंढाड़ — कछवाहा राजपूत राज्य, राजधानी पहले आमेर में
स्थितिराजस्थान की राज्य राजधानी; जयपुर परकोटा शहर — UNESCO विश्व धरोहर (2019)
मुख्यालयजयपुर शहर
जयपुर जिले से जुड़े लोकसभा क्षेत्रजयपुर जिले के विधानसभा खंड जयपुर, जयपुर ग्रामीण, अजमेर, दौसा और सीकर लोकसभा क्षेत्रों में आते हैं
कोपेन जलवायुBSh — गर्म अर्ध-शुष्क
किसके लिए प्रसिद्धआमेर किला, हवा महल, सिटी पैलेस, UNESCO सूचीबद्ध जंतर मंतर, रत्न एवं आभूषण निर्यात, जयपुर साहित्य महोत्सव
संपर्कजयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जयपुर जंक्शन, जयपुर मेट्रो पिंक लाइन

इतिहास — प्राचीन → मध्यकालीन → आधुनिक

1727 से पहले: ढूंढाड़ कछवाहा राजपूत राज्य था, जिसकी राजधानी सवाई जय सिंह द्वितीय द्वारा जयपुर बसाने से पहले आमेर में थी; पुरानी जयपुर-आमेर परंपराएँ दूल्हाराय को 11वीं सदी के कछवाहा उदय से जोड़ती हैं। प्रमुख शासकों में राजा भारमल, राजा मानसिंह प्रथम और मिर्ज़ा राजा जय सिंह प्रथम शामिल हैं।

1727 ई.: सवाई जय सिंह द्वितीय ने वास्तु शास्त्र एवं शिल्प शास्त्र के सिद्धांतों पर आधारित नियोजित नगर के रूप में जयपुर की स्थापना की; मुख्य वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य ने नौ-खंडीय ग्रिड का निर्धारण किया।

1734: राजस्थान में मराठा दबाव पर चर्चा के लिए राजपूत शासक हुर्डा में मिले। सवाई जय सिंह द्वितीय ने पाँच जंतर मंतर वेधशालाएँ भी बनवाईं — जयपुर, दिल्ली, उज्जैन, मथुरा और वाराणसी; जयपुर वेधशाला 2010 से UNESCO विश्व धरोहर स्थल है।

1799: महाराजा सवाई प्रताप सिंह ने प्रतीकात्मक हवा महल बनवाया — पाँच मंज़िला जालीदार आड़, जिसमें 953 झरोखे हैं, ताकि राजमहिलाएँ बिना देखे गए सड़क का दृश्य देख सकें।

1818: ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ अधीनस्थ संधि। 1876: महाराजा सवाई राम सिंह द्वितीय ने प्रिंस ऑफ़ वेल्स अल्बर्ट एडवर्ड के स्वागत के लिए परकोटा शहर को गुलाबी रंग में रँगवाया — गुलाबी नगर उपाधि का मूल यहीं है।

30 मार्च 1949: जयपुर रियासत वृहत् राजस्थान संघ में विलीन हुई और एकीकृत राज्य की राजधानी बनी — महाराजा सवाई मानसिंह द्वितीय प्रथम राजप्रमुख थे।

2019: जयपुर परकोटा शहर मानदंड (ii), (iv) एवं (vi) के अंतर्गत UNESCO विश्व धरोहर सूची में अंकित हुआ — अहमदाबाद के बाद भारत का दूसरा जीवंत नगरीय स्थल।

कला, संस्कृति, विरासत एवं पर्यटन

आमेर किला: राजा मानसिंह प्रथम द्वारा 1592 में शुरू किया गया पर्वत-शिखर महल-किला, जिसे मिर्ज़ा राजा जय सिंह प्रथम ने पूरा या विस्तारित किया; शीश महल; 2013 से राजस्थान के पर्वतीय किले के अंतर्गत UNESCO विश्व धरोहर।

सिटी पैलेस, हवा महल, जंतर मंतर (UNESCO 2010), एल्बर्ट हॉल संग्रहालय (इंडो-सारसेनिक, 1887, सर सैमुअल स्विंटन जैकब), जलमहल, नाहरगढ़ किला, जयगढ़ किला और जयवाण — कभी विश्व की पहियों पर सबसे बड़ी तोप।

शिल्प: GI-टैग ब्लू पॉटरी ऑफ जयपुर, बंधेज, लाख चूड़ियाँ, कुंदन-मीनाकारी, रत्न कटाई एवं पॉलिशिंग, संगमरमर एवं पत्थर तराशी।

प्रस्तुति कलाएँ एवं उत्सव: कथक का जयपुर घराना, जयपुर साहित्य महोत्सव, तीज, गणगौर, पतंग महोत्सव और राजस्थान पर्यटन द्वारा सूचीबद्ध या आयोजित धुलंडी उत्सव।

धार्मिक स्थल: वृंदावन से जुड़ी कृष्ण मूर्ति वाला गोविंद देवजी मंदिर, गलता जी, बिड़ला मंदिर, मोती डूंगरी गणेश मंदिर और सांगानेर का प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर।

भूगोल, जलवायु एवं पारिस्थितिकी

पूर्वी राजस्थान; यह जिला अरावली शृंखला के पूर्वी छोर पर स्थित है। अरावली की तलहटी जिले से होकर उत्तर-दक्षिण में गुज़रती है — नाहरगढ़ और जयगढ़ इन्हीं कटकों पर हैं।

जलवायु BSh — गर्म अर्ध-शुष्क: ग्रीष्म ताप 40–45 °C तक, शीत 5–22 °C; औसत वर्षा लगभग 550–650 मिमी, मुख्यत: जुलाई-सितंबर के दक्षिण-पश्चिम मानसून से।

अपवाह: बाणगंगा (बैराठ के पास उद्गम, अल्पकालिक) और ढूंढ मुख्य धाराएँ हैं। सांभर लवण झील — भारत की सबसे बड़ी अंतर्देशीय लवण झील — जयपुर-नागौर सीमा पर स्थित है।

वन्यजीव: शहर सीमा के अंदर झालाना तेंदुआ रिज़र्व — एक शहरी तेंदुआ रिज़र्व। समीप ही नाहरगढ़ जैविक उद्यान। सांभर झील रामसर आर्द्रभूमि है और फ्लेमिंगो का प्रमुख शीत-प्रवास स्थल है।

मिट्टी: जलोढ़-वायुजनित मिश्रण; अरावली क्षेत्रों में संगमरमर, डोलोमाइट और कैल्साइट निक्षेपों वाले चट्टानी उद्भेद।

अर्थव्यवस्था — क्षेत्र, उद्योग, ऊर्जा

रत्न एवं आभूषण: जयपुर विश्व के सबसे बड़े रत्न-कटाई एवं पॉलिशिंग केंद्रों में से एक है — रंगीन पत्थर (पन्ना, तंजानाइट, माणिक), कुंदन-मीनाकारी सोना और चाँदी। जौहरी बाज़ार और सूरजपोल बाज़ार, तथा निर्यात के लिए सीतापुरा SEZ.

पर्यटन एवं आतिथ्य: जयपुर दिल्ली-आगरा-जयपुर स्वर्ण त्रिभुज का प्रवेश-द्वार है, जहाँ विरासत किले-महल, बड़े पर्यटक बाज़ार और सीतापुरा में JECC सम्मेलन केंद्र हैं।

औद्योगिक संपदाएँ और IT-BPO: सीतापुरा और बगरू जैसे RIICO औद्योगिक क्षेत्र तथा कलवाड़ा का महिंद्रा वर्ल्ड सिटी जयपुर SEZ; महिंद्रा स्रोत इसके इकोसिस्टम में इंफोसिस, विप्रो, डॉयचे बैंक, JCB और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी कंपनियाँ बताते हैं।

वस्त्र एवं शिल्प: सांगानेरी ब्लॉक प्रिंट और बगरू ब्लॉक प्रिंट (दोनों प्राकृतिक रंग परंपरा, GI टैग) — सांगानेर एक बड़ा निर्यात समूह है। जयपुरी रजाइयाँ, बंधेज, लहरिया, लहरिया पगड़ी।

शिक्षा एवं स्वास्थ्य: राजस्थान विश्वविद्यालय (1947), MNIT जयपुर, IIHMR, राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, SMS मेडिकल कॉलेज और NIMS; राजस्थान आयुर्विज्ञान संस्थान, जयपुर विधेयक, 2025 जयपुर में AIIMS नई दिल्ली की तर्ज पर RIMS का प्रावधान करता है।

राजनीतिक एवं प्रशासनिक संरचना

ECI मानचित्रण में जयपुर जिले के विधानसभा खंड पाँच लोकसभा क्षेत्रों — जयपुर, जयपुर ग्रामीण, अजमेर, दौसा और सीकर — में आते हैं, और जिला पोर्टल के पूर्व-पुनर्गठन प्रोफ़ाइल में 19 विधानसभा क्षेत्र सूचीबद्ध हैं।

जयपुर राजस्थान राज्य सरकार का केंद्र है — मुख्यमंत्री कार्यालय, विधानसभा और सचिवालय — तथा यहाँ राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर पीठ है; उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ जोधपुर में है और RPSC का मुख्यालय अजमेर में है।

प्रशासनिक संरचना: जिला पोर्टल प्रोफ़ाइल में 21 तहसीलें सूचीबद्ध हैं — आमेर, आंधी, बस्सी, चाकसू, चौमूं, दूदू, जयपुर, जमवा रामगढ़, जोबनेर, किशनगढ़ रेनवाल, कोटखावदा, कोटपूतली, माधोराजपुरा, मौजमाबाद, पावटा, फागी, फुलेरा, सांगानेर, शाहपुरा, तूंगा और विराटनगर — साथ में जयपुर नगर निगम ग्रेटर/हेरिटेज और जयपुर विकास प्राधिकरण।

जिले के पुनर्गठन पर ध्यान दें: मार्च 2023 में कोटपूतली-बहरोड़ और दूदू को नए जिले के रूप में अलग किया गया; दिसंबर 2024 में बाद की राज्य सरकार ने दूदू को विघटित कर दिया — जिले की संख्या उद्धृत करने से पहले नवीनतम राजपत्र की जाँच करें।

प्रमुख संस्थान: राजस्थान विधानसभा भवन, राजस्थान सचिवालय, राजस्थान उच्च न्यायालय जयपुर पीठ, जयपुर विकास प्राधिकरण और जयपुर नगर निगम ग्रेटर/हेरिटेज।

शासन पहल एवं योजनाएँ (2025-26)

जयपुर मेट्रो फेज़-II: अप्रैल 2026 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रह्लादपुरा से टोड़ी मोड़ तक 41 किमी उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर, 36 स्टेशन और ₹13,037.66 करोड़ लागत को मंजूरी दी।

स्मार्ट सिटीज़ मिशन: MoHUA जयपुर को पहले दौर के 20 विजेता शहरों में सूचीबद्ध करता है; जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड अवसंरचना, विरासत, पर्यटन और सार्वजनिक साइकिल गतिशीलता से जुड़े कार्य बताता है।

विरासत एवं पर्यटन कार्यक्रम: राजस्थान पर्यटन जयपुर के विरासत आकर्षणों और वार्षिक तीज, गणगौर, पतंग महोत्सव तथा धुलंडी आयोजनों को सूचीबद्ध करता है; पर्यटन मंत्रालय का न्यूज़लेटर जयपुर साहित्य महोत्सव को विश्व का सबसे बड़ा मुफ़्त साहित्यिक आयोजन बताता है।

लखपति दीदी योजना, PM आवास योजना — शहरी, PM सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना और मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना जयपुर में लागू हैं; आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार दिसंबर 2025 तक PM सूर्य घर स्थापित क्षमता में जयपुर 1,10,627 kW के साथ राजस्थान जिलों में आगे रहा।

PYQ एक-पंक्ति (RAS / RPSC / RSSB)

किसी भी परीक्षा उपयोग से पहले सटीक विकल्पों की जाँच आधिकारिक RPSC / RSSB प्रश्न पत्रों से करें।

RAS Pre

Q. जयपुर की स्थापना किसने और किस वर्ष की?

उ. सवाई जय सिंह द्वितीय, 1727 ई.

RPSC

Q. हवा महल का निर्माण किया —

उ. महाराजा सवाई प्रताप सिंह, 1799 में

RPSC

Q. कौन-सा जंतर मंतर UNESCO विश्व धरोहर में अंकित हुआ और किस वर्ष?

उ. जयपुर जंतर मंतर — 2010

RAS Mains

Q. जयपुर का परकोटा शहर किस वर्ष UNESCO विश्व धरोहर सूची में अंकित हुआ?

उ. 2019

RPSC

Q. जयपुर शहर के वास्तुकार —

उ. विद्याधर भट्टाचार्य

RAS Pre

Q. जयपुर-नागौर सीमा पर भारत की सबसे बड़ी अंतर्देशीय लवण झील है —

उ. सांभर झील — एक रामसर आर्द्रभूमि

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स्वयं को परखें — 10 प्रश्न

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प्रश्न 1 / 10

जयपुर शहर की स्थापना किसने और किस वर्ष की?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर को गुलाबी नगर क्यों कहा जाता है?

1876 में महाराजा सवाई राम सिंह द्वितीय ने पूरे परकोटा शहर को गुलाबी रंग में रँगवाया — राजपूत परंपरा में आतिथ्य का रंग — प्रिंस ऑफ़ वेल्स अल्बर्ट एडवर्ड, जो बाद में राजा एडवर्ड सप्तम बने, के स्वागत के लिए। नगर निगम के उप-नियम से गुलाबी रंग को संरक्षित किया गया है, और जयपुर का परकोटा शहर 2019 में UNESCO विश्व धरोहर स्थल के रूप में अंकित हुआ।

जयपुर में या उसके पास कौन-कौन-से UNESCO विश्व धरोहर स्थल हैं?

तीन: जंतर मंतर वेधशाला (2010), राजस्थान के पर्वतीय किले शृंखला अंकन के अंतर्गत आमेर किला (2013) और जयपुर परकोटा शहर (2019)। जंतर मंतर का निर्माण सवाई जय सिंह द्वितीय ने 1727 और 1734 के बीच कराया और इसमें सम्राट यंत्र है — विश्व का सबसे बड़ा धूप-घड़ी।

जयपुर जिले में कितनी लोकसभा एवं विधानसभा सीटें हैं?

ECI मानचित्रण में जयपुर जिले के विधानसभा खंड जयपुर, जयपुर ग्रामीण, अजमेर, दौसा और सीकर लोकसभा क्षेत्रों में आते हैं; जिला पोर्टल के पूर्व-पुनर्गठन प्रोफ़ाइल में 19 विधानसभा क्षेत्र सूचीबद्ध हैं।

जयपुर के सबसे महत्वपूर्ण उद्योग कौन-से हैं?

रत्न एवं आभूषण कटाई-पॉलिशिंग (जौहरी बाज़ार, सीतापुरा SEZ — रंगीन पत्थर तथा कुंदन-मीनाकारी), ब्लॉक-प्रिंट वस्त्र (सांगानेर और बगरू, दोनों GI टैग), पर्यटन एवं आतिथ्य, तथा महिंद्रा वर्ल्ड सिटी एवं RIICO सीतापुरा पर आधारित IT-BPO सेवाएँ।