RAS प्रश्न
ज़ायद फसलें कब उगाई जाती हैं:
सही उत्तर: (B) मार्च से जून (रबी और खरीफ के बीच ग्रीष्म ऋतु)।
ज़ायद फसलें रबी और खरीफ के बीच मार्च से जून की छोटी ग्रीष्मकालीन फसल अवधि में उगाई जाती हैं।
व्याख्या
ज़ायद को अलग पहचान इसलिए दी जाती है क्योंकि यह न तो रबी की मुख्य सर्दी वाली अवधि है और न खरीफ की मानसून वाली अवधि। SATHEE के कृषि अध्याय के अनुसार, भारत में 3 फसल ऋतुएँ रबी, खरीफ और ज़ायद हैं; ज़ायद रबी तथा खरीफ के बीच गर्मियों के महीनों की छोटी अवधि होती है। यह अवधि मार्च से जून तक रहती है। इस मौसम में तरबूज, खरबूज, खीरा, सब्जियाँ और मूंग जैसी फसलें ली जाती हैं। इनके लिए गर्म, शुष्क मौसम के साथ सिंचाई जरूरी मानी जाती है, क्योंकि यह अवधि मानसून से पहले आती है। इसलिए सही पहचान रबी और खरीफ के बीच की गर्मी, यानी मार्च से जून है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) नवंबर से फरवरी रबी की सर्दी वाली अवधि में आता है, जबकि ज़ायद रबी के बाद और खरीफ से पहले गर्मियों में होती है।
- (C) अक्टूबर से मार्च रबी अवधि से मेल खाता है; ज़ायद रबी और खरीफ के बीच की छोटी गर्मी वाली ऋतु है।
- (D) जून से अक्टूबर खरीफ की मानसून-आधारित अवधि है, जबकि ज़ायद मानसून से पहले मार्च से जून की छोटी ग्रीष्मकालीन अवधि है।
अवधारणा
भारतीय कृषि का फसल-चक्र रबी, खरीफ और ज़ायद की ऋतु-आधारित पहचान पर टिका है। RAS में यह अवधारणा बार-बार आती है क्योंकि राजस्थान और भारत की कृषि मौसम, सिंचाई और फसल-अवधि से जुड़ी रहती है।
