RAS प्रश्न
थार मरुस्थल में किस प्रकार की वनस्पति पाई जाती है?
सही उत्तर: (A) काँटेदार झाड़ियाँ और क्षुप वनस्पति।
थार मरुस्थल में काँटेदार झाड़ियाँ और क्षुप वनस्पति पाई जाती है। यह सूखे के अनुकूल शुष्कोद्भिद वनस्पति है, जिसे राजस्थान में उत्तरी मरुस्थलीय काँटेदार वन और उत्तर-पश्चिमी काँटेदार क्षुप वन के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
व्याख्या
काँटेदार झाड़ियाँ और क्षुप वनस्पति सही उत्तर हैं, क्योंकि थार एक शुष्क मरुस्थल है, जहाँ पौधों को कम नमी और लंबे समय तक पड़ने वाले सूखे में जीवित रहना पड़ता है। यह शुष्कोद्भिद वनस्पति है, जिसमें काँटेदार झाड़ियाँ, कैक्टस, बबूल, कीकर और खेजड़ी जैसे विरल तथा सूखा-प्रतिरोधी पौधे आते हैं। राजस्थान राज्य जैव विविधता बोर्ड ने राजस्थान की प्राकृतिक वनस्पति को उत्तरी मरुस्थलीय काँटेदार वन के रूप में वर्गीकृत किया है और थार मरुस्थल के आसपास उत्तर-पश्चिमी काँटेदार क्षुप वन दर्ज किए हैं। ये वनस्पति-क्षेत्र खुले और छितरे होते हैं तथा वर्षा बढ़ने के साथ पश्चिम से पूर्व की ओर इनका घनत्व बढ़ता है। इसलिए थार में घने और अधिक वर्षा वाले वन नहीं, बल्कि विरल काँटेदार क्षुप वनस्पति पाई जाती है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (B) उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वनस्पति 70-200 सेमी वर्षा वाले क्षेत्रों में पाई जाती है, जबकि थार में विरल और सूखा-प्रतिरोधी काँटेदार वनस्पति मिलती है।
- (C) उच्च पर्वतीय घासभूमियाँ अधिक ऊँचाई पर पाई जाती हैं, जबकि थार में शुष्क काँटेदार वनस्पति मिलती है।
- (D) उष्णकटिबंधीय सदाबहार वनस्पति आमतौर पर 200 सेमी से अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में पाई जाती है, जबकि थार में शुष्क और सूखा-प्रतिरोधी काँटेदार वनस्पति मिलती है।
अवधारणा
यह प्रश्न भारतीय भूगोल में प्राकृतिक वनस्पति और पारिस्थितिक अनुकूलन की समझ जाँचता है, खासकर यह कि वर्षा और भू-आकृति वनस्पति के प्रकार को कैसे प्रभावित करते हैं। RAS में यह विषय बार-बार पूछा जाता है, क्योंकि राजस्थान का शुष्क पश्चिमी भाग, थार, अरावली तथा वर्षा और मरुस्थलीय काँटेदार वनस्पति का संबंध राज्य के भूगोल के प्रमुख विषय हैं।
