RAS प्रश्न
भारत में कपास की खेती के लिए कौन सी मिट्टी सबसे उपयुक्त है?
सही उत्तर: (C) काली मिट्टी (रेगुर)।
भारत में कपास की खेती के लिए काली मिट्टी, जिसे रेगुर या काली कपास मिट्टी भी कहा जाता है, सबसे उपयुक्त मिट्टी है।
व्याख्या
काली मिट्टी को NCERT ने कपास उगाने के लिए आदर्श बताया है; इसी कारण इसे काली कपास मिट्टी भी कहा जाता है। यह मिट्टी दक्कन ट्रैप यानी बेसाल्ट क्षेत्र से जुड़ी है और उत्तर-पश्चिमी दक्कन पठार में लावा प्रवाहों से बनी मानी जाती है। यह बेसाल्ट लावा के अपक्षय से बनती है और मुख्यतः दक्कन पठार में मिलती है। इसकी बड़ी परीक्षा-योग्य विशेषता नमी रोकने की क्षमता है: NCERT इसे बहुत महीन, चिकनी बनावट वाली मिट्टी बताता है, जो नमी धारण करने के लिए जानी जाती है। इसलिए कपास जैसी फसल के लिए काली मिट्टी ही सीधे और सबसे मजबूत मेल देती है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) जलोढ़ मिट्टी बहुत उपजाऊ है, पर NCERT इसे गन्ना, धान, गेहूं और अन्य अनाज-दालों के लिए उपयुक्त बताता है; कपास के लिए आदर्श मिट्टी काली मिट्टी है।
- (B) लाल मिट्टी का संबंध कम वर्षा वाले दक्कन के पूर्वी और दक्षिणी भागों की क्रिस्टलीय आग्नेय चट्टानों से है, जबकि कपास के लिए NCERT ने काली मिट्टी को आदर्श बताया है।
- (D) लेटेराइट मिट्टी भारी वर्षा से तीव्र निक्षालन में बनती है और चाय, कॉफी या काजू जैसी फसलों के संदर्भ में आती है; कपास के लिए सही मेल काली मिट्टी है।
अवधारणा
भारत की प्रमुख मिट्टियों में उनकी उत्पत्ति, क्षेत्रीय वितरण और फसल-संबंध महत्वपूर्ण हैं। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि भूगोल में मिट्टी और कृषि का सीधा संबंध राजस्थान तथा भारत की अर्थव्यवस्था से बनता है।
