RAS प्रश्न
मिट्टी संरक्षण की कौन सी तकनीक ढलानों पर अवरोध बनाने से संबंधित है?
सही उत्तर: (D) समोच्च रेखीय मेड़बंदी।
ढलानों पर अवरोध बनाकर मिट्टी और जल संरक्षण करने की तकनीक समोच्च बंधन है, जिसमें समोच्च रेखाओं पर या ढलान के आर-पार बंध बनाए जाते हैं।
व्याख्या
समोच्च बंधन में खेत की ढलान को देखकर समोच्च रेखाओं पर, या कम-से-कम ढलान के आर-पार, बंध बनाए जाते हैं। ढलानदार भूमि पर इन बंधों की मदद से उथले जल-संचय क्षेत्र बनते हैं, जिससे खेत की नमी व्यवस्था सुधरती है। यही अवरोध बहते पानी की गति घटाते हैं और मिट्टी के कटाव को कम करते हैं। बंधों की दूरी इस तरह तय होनी चाहिए कि चादरी कटाव न हो। इसलिए “ढलानों पर अवरोध” वाली पहचान सीधे समोच्च बंधन से जुड़ती है, न कि केवल फसल-पट्टी, वृक्ष-पंक्ति या समतल मंच बनाने से।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) पट्टीदार फसल-रोपण में फसलों को पट्टियों में बदल-बदलकर लगाया जाता है; इसमें ढलान के आर-पार बंध या अवरोध बनाना मुख्य क्रिया नहीं है।
- (B) शेल्टर बेल्ट में हवा को रोकने के लिए वृक्षों की कतारें लगाई जाती हैं, जबकि जल-बहाव और मिट्टी कटाव घटाने वाले ढलानी अवरोध समोच्च बंधन में बनते हैं।
- (C) सीढ़ीनुमा खेती ढलानों पर समतल मंच बनाती है; समोच्च बंधन में समोच्च रेखाओं पर या ढलान के आर-पार बंध बनाकर अवरोध खड़े किए जाते हैं।
अवधारणा
मृदा संरक्षण की यांत्रिक विधियों में समोच्च बंधन की पहचान ढलान के आर-पार बने बंधों से होती है। RAS में यह विषय बार-बार आता है क्योंकि ढलान, जल-बहाव और मिट्टी कटाव को जोड़कर संरक्षण उपायों में फर्क करना पड़ता है।
