RAS प्रश्न
भारत में हाथी गलियारों का मानचित्रण और दस्तावेज़ीकरण करने वाली प्राथमिक संस्था कौन सी है?
सही उत्तर: (D) वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (WTI), प्रोजेक्ट एलीफेंट के सहयोग से।
भारत में हाथी गलियारों के मानचित्रण और दस्तावेजीकरण में डब्ल्यूटीआई ने प्रोजेक्ट एलीफेंट के सहयोग से प्राथमिक भूमिका निभाई है।
व्याख्या
प्रोजेक्ट एलीफेंट, एमओईएफसीसी की 2023 रिपोर्ट में भारत-स्तरीय प्रयास के रूप में प्रोजेक्ट एलीफेंट के सहयोग से डब्ल्यूटीआई की 2005 की ‘राइट ऑफ पैसेज: एलीफेंट कॉरिडोर्स ऑफ इंडिया’ रिपोर्ट का उल्लेख है। 2017 का ‘राइट ऑफ पैसेज’ संस्करण भी संदर्भों में है। चार क्षेत्रीय हाथी-परिदृश्यों में गलियारों की समग्र तस्वीर इन्हीं कार्यों से मिलती है। 2023 रिपोर्ट के अनुसार गलियारे वे रास्ते हैं जिनसे हाथी आवास-खंडों के बीच अपनी बुनियादी जरूरतों, मौसमी आवाजाही और फैलाव के लिए चलते हैं। इसलिए भारत में हाथी गलियारों के लिए संस्था-आधारित पहचान डब्ल्यूटीआई, प्रोजेक्ट एलीफेंट के सहयोग से, बनती है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण चिड़ियाघरों से जुड़ा विकल्प है, जबकि हाथी गलियारों का मानचित्रण डब्ल्यूटीआई और प्रोजेक्ट एलीफेंट से जुड़ता है।
- (B) IUCN वैश्विक संरक्षण संदर्भ में आता है, पर भारत-विशेष हाथी गलियारा मानचित्रण में डब्ल्यूटीआई की ‘राइट ऑफ पैसेज’ रिपोर्टों और प्रोजेक्ट एलीफेंट के सहयोग की भूमिका प्रमुख है।
- (C) राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण बाघ संरक्षण से संबंधित संस्था है; हाथी गलियारों का दस्तावेजीकरण प्रोजेक्ट एलीफेंट और डब्ल्यूटीआई से जुड़ा है।
अवधारणा
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी में वन्यजीव गलियारे और आवास-संपर्क की अवधारणा महत्वपूर्ण है। RAS में संरक्षण संस्था, आधिकारिक रिपोर्ट और प्रजाति-विशेष प्रबंधन को एक साथ जोड़कर समझना जरूरी होता है।
