RAS प्रश्न
निम्नलिखित में से कौन-सा भारत में 'वृहत् एवं मध्यम सिंचाई' और 'लघु सिंचाई' परियोजनाओं के बीच अंतर को सही ढंग से बताता है?
सही उत्तर: (A) वृहत्: CCA > 10,000 हेक्टेयर; मध्यम: CCA 2,000–10,000 हेक्टेयर; लघु: CCA < 2,000 हेक्टेयर।
भारत में कृष्य कमान क्षेत्र के आधार पर वृहत् सिंचाई परियोजना 10,000 हेक्टेयर से अधिक, मध्यम सिंचाई परियोजना 2,000 से 10,000 हेक्टेयर के बीच, और लघु सिंचाई परियोजना 2,000 हेक्टेयर से कम क्षेत्र वाली होती है।
व्याख्या
सिंचाई परियोजनाओं का वर्गीकरण कृष्य कमान क्षेत्र के आधार पर होता है, यानी वह खेती योग्य क्षेत्र जिसे परियोजना से सिंचाई मिलनी है। केंद्रीय जल आयोग के परियोजना मूल्यांकन संगठन के अनुसार वृहत् परियोजना में क्षेत्र 10,000 हेक्टेयर से अधिक होता है, मध्यम परियोजना 2,000 से 10,000 हेक्टेयर के बीच आती है, और लघु परियोजना 2,000 हेक्टेयर से कम क्षेत्र वाली होती है। इसलिए विकल्प A सही बैठता है। लघु सिंचाई में तालाब, नलकूप और चेक डैम जैसी सतही तथा भूजल योजनाएँ आ सकती हैं। यह सीमा-भेद योजना-निर्माण, वित्तपोषण और AIBP पात्रता समझने में भी काम आता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) B में वृहत् सिंचाई की सीमा 5,000 हेक्टेयर से अधिक है, जबकि सही सीमा 10,000 हेक्टेयर से अधिक है।
- (C) C में वृहत् परियोजना की सीमा 20,000 हेक्टेयर से अधिक और लघु की सीमा 5,000 हेक्टेयर से कम है, जबकि सही विभाजन 10,000 और 2,000 हेक्टेयर पर है।
- (D) D में वृहत् सीमा सही है, लेकिन मध्यम की निचली सीमा 1,000 हेक्टेयर और लघु की सीमा 1,000 हेक्टेयर से कम है; सही कटाव 2,000 हेक्टेयर है।
अवधारणा
भारतीय भूगोल में सिंचाई परियोजनाओं का कृष्य कमान क्षेत्र-आधारित वर्गीकरण कृषि-भूगोल का अहम हिस्सा है। RAS में सिंचाई और जल-संसाधन योजना सीधे कृषि-भूगोल से जुड़ती है।
