RAS प्रश्न
भारतीय मानसून के प्रारंभ में कौन सी जेट स्ट्रीम महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है?
सही उत्तर: (A) उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट (TEJ)।
भारतीय मानसून के प्रारंभ और आगे बढ़ने में उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट (TEJ) महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
व्याख्या
उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट (TEJ) भारतीय ग्रीष्म मानसून की एक महत्वपूर्ण ऊपरी वायु परिसंचरण विशेषता है। IMD के अनुसार यह तेज पूर्वी पवनों की पट्टी दक्षिण-पूर्व एशिया से भारतीय महासागर और दक्षिण भारतीय प्रायद्वीप होते हुए उत्तर अफ्रीका तक फैली रहती है और इसका केंद्र लगभग 15°N के आसपास माना जाता है। गर्मियों में तिब्बती पठार के गर्म होने से यह जेट लगभग 14°N पर विकसित होती है और मानसून की प्रगति में सहायता करती है। उत्तर भारत से उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट की वापसी मानसून शुरू होने की पूर्व शर्त है, लेकिन मानसून को आगे बढ़ाने वाली मुख्य ऊपरी जेट TEJ है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) सोमाली जेट नमी के परिवहन में मदद करने वाली निम्न-स्तरीय धारा है, जबकि प्रश्न मानसून के प्रारंभ से जुड़ी ऊपरी जेट धारा पूछ रहा है।
- (C) ध्रुवीय जेट धारा उच्च अक्षांशों के मौसम को प्रभावित करती है, इसलिए भारतीय मानसून के प्रारंभ की मुख्य व्याख्या इससे नहीं होती।
- (D) उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट धारा का उत्तर भारत से हटना मानसून शुरू होने की पूर्व शर्त है, पर मानसून की प्रगति में सहायक जेट TEJ है।
अवधारणा
यह प्रश्न भारतीय जलवायु में जेट धारा और मानसून तंत्र की भूमिका जांचता है। RAS में यह बार-बार इसलिए आता है क्योंकि मानसून के प्रारंभ, प्रगति और ऊपरी वायु परिसंचरण को साथ समझना पड़ता है।
