RAS प्रश्न
किस फसल को 'स्वर्णिम रेशा' कहा जाता है?
सही उत्तर: (B) जूट।
जूट को उसके सुनहरे-भूरे रंग और ऊँचे आर्थिक मूल्य के कारण स्वर्णिम रेशा कहा जाता है।
व्याख्या
जूट स्वर्णिम रेशा है। इसके सुनहरे-भूरे रंग और ऊँचे आर्थिक मूल्य ने इस पारंपरिक नाम को स्थापित किया है। ICAR ने केंद्रीय जूट एवं संबद्ध रेशा अनुसंधान संस्थान, बैरकपुर के प्रसंग में किसानों के लिए जूट को स्वर्णिम रेशा के रूप में फिर स्थापित करने पर जोर दिया है। जूट और अन्य प्राकृतिक रेशा फसलों की उन्नत खेती से किसानों को अधिक आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ मिल सकते हैं। इसलिए यह नाम केवल रंग से नहीं, उपयोगिता और आर्थिक महत्व से भी जुड़ा है। भारत और बांग्लादेश मिलकर विश्व के 90% से अधिक जूट का उत्पादन करते हैं, और भारत में पश्चिम बंगाल, बिहार तथा असम इसके प्रमुख क्षेत्र हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) कपास रेशा फसल है, लेकिन इसे सफेद सोना कहा जाता है, स्वर्णिम रेशा नहीं।
- (C) रेशम को रेशों की रानी कहा जाता है, इसलिए यह स्वर्णिम रेशा वाला नाम नहीं है।
- (D) भांग/सन भी रेशा देता है, लेकिन इसे स्वर्णिम रेशा नहीं कहा जाता।
अवधारणा
भारत के आर्थिक भूगोल में रेशा फसलों और उनके पारंपरिक नामों की पहचान जरूरी है। RAS में ऐसी फसल-संबंधी संज्ञाएँ बार-बार पूछी जाती हैं क्योंकि वे उत्पादन क्षेत्र, आर्थिक महत्व और कृषि-भूगोल को जोड़ती हैं।
